‘प्यार, पैसे और शोषण’ : नाबालिग बेटी की आपबीती सुन दहल उठे लोग, वायरल वीडियो के बाद आरोपी आशिक अंसारी गिरफ्तार
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से सामने आया एक मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के दरबार में पहुंचकर जो आपबीती सुनाई, उसने लोगों को झकझोर कर रख दिया। लड़की ने आरोप लगाया कि गांव के ही युवक आशिक अंसारी ने उसे प्रेम संबंधों के नाम पर अपने जाल में फंसाया, उससे पैसे ऐंठे और कई बार शारीरिक शोषण किया।
सोशल मीडिया पर लड़की और कथावाचक के बीच हुई बातचीत का वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। इसके बाद देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने भी त्वरित कदम उठाते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कथावाचक के सामने फूट पड़ा दर्द
बताया जा रहा है कि नाबालिग लड़की अपनी मां के साथ अनिरुद्धाचार्य महाराज के कार्यक्रम में पहुंची थी। मंच से जब कथावाचक लोगों की समस्याएं सुन रहे थे, तब लड़की ने हाथ जोड़कर अपनी बात रखी। उसने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से आशिक अंसारी नाम के युवक के संपर्क में थी।
लड़की के अनुसार, दोनों पहले एक ही स्कूल में पढ़ते थे। शुरुआत सामान्य बातचीत से हुई, लेकिन धीरे-धीरे युवक ने उसे भावनात्मक रूप से अपने प्रभाव में ले लिया। लड़की ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे परिवार से दूर करने की कोशिश की और उस पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया।
“मम्मी से चोरी कर दिए पैसे”
लड़की की बात सुनकर वहां मौजूद लोग उस समय हैरान रह गए, जब उसने बताया कि आरोपी उससे लगातार पैसे मांगता था। पीड़िता के मुताबिक उसने करीब 29 हजार रुपये आरोपी को दिए। इतना ही नहीं, उसने एक मोबाइल फोन और साइकिल भी दिलवाई।
लड़की ने बताया कि पैसे देने के लिए वह अपनी मां से चोरी तक करने लगी थी। उसने कहा कि अगर वह पैसे नहीं देती थी, तो आरोपी उसके साथ मारपीट करता था और दबाव बनाता था। मंच पर मौजूद लड़की की मां ने भी आरोप लगाया कि युवक उनकी बेटी का कई बार शारीरिक शोषण कर चुका है।
हाईस्कूल में फेल होने तक पहुंची बात
पीड़िता ने बताया कि आरोपी के संपर्क में आने के बाद उसकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो गई। उसने कहा कि वह हाईस्कूल परीक्षा में फेल हो गई। लड़की के मुताबिक, वह मानसिक रूप से इतनी उलझ चुकी थी कि घरवालों से भी दूरी बनने लगी थी। उसने यह भी बताया कि स्कूल में कई छात्र-छात्राएं आपस में बातचीत करते थे, इसलिए उसे शुरुआत में यह सामान्य लगा। लेकिन बाद में मामला गंभीर रूप लेता चला गया।
वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप
कथावाचक और लड़की के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला तेजी से फैल गया। वीडियो में लड़की खुलकर आरोपी पर गंभीर आरोप लगाती दिखाई दी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ने लगा।
देवरिया सदर के भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि मामला नाबालिग लड़की के शोषण से जुड़ा है और इसमें तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि आरोपी युवक ने लड़की को बहला-फुसलाकर अपने प्रभाव में लिया और उसके साथ शारीरिक व मानसिक शोषण किया। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मामले में नाबालिग लड़की की मां ने बरियारपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी आशिक अंसारी को गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी मनोज कुमार के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और वायरल वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
स्कूल प्रशासन ने आरोपों से किया इनकार
वायरल वीडियो में लड़की ने यह भी कहा था कि स्कूल की कई अन्य लड़कियां भी बाहरी लड़कों के संपर्क में थीं। इस बयान के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, संबंधित स्कूल प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि संस्थान में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है और माहौल सामान्य है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक वर्ग ने इसे नाबालिग लड़की के शोषण का गंभीर मामला बताते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। वहीं दूसरे वर्ग ने धार्मिक और सामुदायिक टिप्पणियों को लेकर सवाल उठाए।
कई लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों को राजनीतिक या सामुदायिक रंग देने के बजाय कानून और पीड़िता की सुरक्षा के नजरिए से देखा जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने किशोरियों को सोशल मीडिया और भावनात्मक शोषण के खतरों के प्रति जागरूक करने की जरूरत बताई।
परिवार और स्कूलों की भूमिका पर उठे सवाल
इस घटना ने परिवार और शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरावस्था में बच्चे भावनात्मक रूप से बेहद संवेदनशील होते हैं। ऐसे समय में अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार, मानसिक स्थिति और मित्र मंडली पर ध्यान देना चाहिए।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि डर या दबाव के बजाय बच्चों के साथ खुला संवाद जरूरी है, ताकि वे किसी भी समस्या को समय रहते परिवार के सामने रख सकें।
आगे क्या?
फिलहाल आरोपी जेल भेजा जा चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में मोबाइल चैट, आर्थिक लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
मामला अब सिर्फ एक आपराधिक केस नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज, परिवार, शिक्षा और किशोर मानसिकता से जुड़ी बहस का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया से इस पूरे मामले की तस्वीर और साफ होगी।






