यूपी में बदला मौसम का मिजाज : कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, किसानों की बढ़ी चिंता
सर्वेश यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भीषण गर्मी और तेज धूप से परेशान लोगों को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन इसके साथ ही तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि का खतरा भी बढ़ गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पश्चिमी यूपी में बारिश से मिली राहत
मंगलवार सुबह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम अचानक बदल गया। अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, अलीगढ़, बिजनौर और रामपुर समेत कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। आसमान में घने बादल छा जाने से दिन में ही अंधेरे जैसा माहौल बन गया। तेज बारिश और आंधी के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई, लेकिन भीषण गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत महसूस हुई।
बारिश के दौरान कई जगहों पर वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दृश्यता कम होने की वजह से सड़क यातायात धीमा पड़ गया। कुछ इलाकों में लोग बारिश थमने तक दुकानों और सुरक्षित स्थानों पर रुकने को मजबूर दिखाई दिए।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की आशंका है।
वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रवाती प्रभाव के कारण प्रदेश के मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
इन जिलों में ओलावृष्टि और वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग ने कई जिलों में ओलावृष्टि और वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में ओले गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा और औरैया समेत कई जिलों में तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले घंटों में कई इलाकों में अचानक मौसम बिगड़ सकता है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी असर जारी
मौसम विभाग के मुताबिक 13 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खराब मौसम का असर जारी रहेगा। देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
हालांकि 14 से 16 मई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य और शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है। इसके बाद तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
मुरादाबाद में दिन में छाया अंधेरा
मुरादाबाद मंडल में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। सुबह से ही घने बादल छा गए और कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं के कारण पेड़ झूमते नजर आए और कुछ जगहों पर छोटे पेड़ और टिन शेड भी प्रभावित हुए। बारिश और अंधड़ की वजह से सड़क यातायात प्रभावित रहा। कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए। लोग घरों से बाहर निकलने से बचते दिखाई दिए। हालांकि गर्मी से राहत मिलने के कारण लोगों ने मौसम के बदले मिजाज का आनंद भी लिया।
किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश और ओलावृष्टि की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं और ओलों से गन्ना, मक्का, उड़द, मूंग, मूंगफली और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। जिन इलाकों में फसल तैयार अवस्था में है वहां सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी है ताकि बारिश का पानी जमा न हो। साथ ही कमजोर फसलों को सहारा देने और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील की गई है।
लोगों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने कहा है कि तेज आंधी और बिजली चमकने के दौरान लोग घरों के अंदर रहें और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली उपकरणों को अनप्लग रखने और खुले मैदानों में जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बिजली आपूर्ति, सड़क यातायात और आपात सेवाओं पर पड़ने वाले असर को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
गर्मी से राहत लेकिन खतरा बरकरार
प्रदेश में मौसम के बदले इस रुख से लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि का खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। खासकर किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को अगले 24 घंटों तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।







