मेहनत की मिसाल बना छात्र : जिले में दूसरा स्थान हासिल करने वाले मेधावी के परिवार और स्कूल प्रबंधन का सम्मान
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। शिक्षा के क्षेत्र में जब कोई छात्र अपनी मेहनत और लगन से नई ऊंचाइयों को छूता है, तो उसकी सफलता सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं रह जाती, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है। कुछ ऐसा ही गौरवपूर्ण क्षण देवरिया जिले में देखने को मिला, जहां सलेमपुर क्षेत्र के एक मेधावी छात्र की शानदार सफलता पर प्रशासन और समाज ने मिलकर सम्मान प्रकट किया।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान हासिल करने वाले छात्र स्वरित बरनवाल ने न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे सलेमपुर क्षेत्र को भी गर्व महसूस कराया है। खास बात यह रही कि स्वरित ने सलेमपुर तहसील में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर क्षेत्रीय टॉपर बनने का भी गौरव हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल बना दिया है।
स्वरित बरनवाल, जो सलेमपुर के निवासी हैं और कृष्ण चंद्र बरनवाल के पुत्र हैं, शुरू से ही एक अनुशासित और मेधावी छात्र रहे हैं। उनकी सफलता को सम्मानित करने के लिए एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने समारोह को विशेष बना दिया।
इस कार्यक्रम का आयोजन खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) आर.पी. राम के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल उपस्थित रहीं। छात्र की अनुपस्थिति में उनके पिता कृष्ण चंद्र बरनवाल और जीएम एकेडमी सलेमपुर के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। उन्हें पुष्पगुच्छ, प्रशस्ति-पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया, जो इस बात का प्रतीक था कि समाज प्रतिभा और मेहनत को कितना महत्व देता है।
समारोह में उपजिलाधिकारी दिशा श्रीवास्तव और तहसीलदार अलका सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी अधिकारियों ने स्वरित की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण बताया।
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी छात्र की सफलता के पीछे उसके अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने स्वरित के पिता को सम्मानित करते हुए कहा कि बच्चों को सही दिशा और प्रोत्साहन देने में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मेधावी छात्र समाज के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं और अन्य छात्रों को भी मेहनत करने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन की भी विशेष भूमिका रही। जीएम एकेडमी के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी को भी जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। इस सम्मान से विद्यालय परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई और सभी शिक्षकों ने इसे अपने प्रयासों की सफलता बताया।
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. श्री प्रकाश मिश्र ने इस अवसर पर कहा कि स्वरित की सफलता पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अन्य छात्रों को भी आगे बढ़ने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी। वहीं, विद्यालय की निदेशिका डॉ. संभावना मिश्रा ने स्वरित के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली छात्र देश और समाज का भविष्य होते हैं।
प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने बताया कि स्वरित शुरू से ही पढ़ाई में गंभीर और मेहनती रहे हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि निरंतर परिश्रम और अनुशासन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वरित की उपलब्धि से विद्यालय का नाम भी रोशन हुआ है और यह आने वाले समय में अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी।
इस उपलब्धि के बाद सलेमपुर क्षेत्र में जश्न का माहौल है। स्वरित के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और हर कोई उनकी इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इसे पूरे क्षेत्र की उपलब्धि बताते हुए स्वरित को शुभकामनाएं दी हैं।
सोशल मीडिया पर भी स्वरित की सफलता की चर्चा जोरों पर है। लोग उनके प्रयासों और उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बता रहे हैं। यह सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
देवरिया का यह होनहार छात्र अब भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए तैयार है। उसकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों और कस्बों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। स्वरित की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।











