देवरिया

रिहायशी इलाके में शराब की दुकान खुलने से भड़का जनाक्रोश, छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

शिक्षण संस्थानों और मंदिर के समीप देशी शराब की दुकान हटाने की मांग तेज

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जनपद के भाटपार रानी नगर पंचायत क्षेत्र में एक बार फिर रिहायशी इलाके में देशी शराब की दुकान खुलने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वार्ड नंबर-01 स्थित टीचर्स कॉलोनी रोड पर संचालित शराब की दुकान के खिलाफ स्थानीय नागरिकों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और सामाजिक संगठनों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। लोगों का आरोप है कि घनी आबादी, शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थल के बीच शराब की दुकान खुलने से पूरे इलाके का सामाजिक और शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी देवरिया को ज्ञापन सौंपकर शराब की दुकान को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिस मार्ग पर यह दुकान खोली गई है, उसी रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विद्यालय और महाविद्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में शराब की दुकान के कारण बच्चों और युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

शिक्षण संस्थानों के बीच शराब की दुकान पर उठे सवाल

स्थानीय नागरिकों के अनुसार टीचर्स कॉलोनी रोड पर स्थित यह मार्ग शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इसी मार्ग पर स्थित मदन मोहन मालवीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय और जे.के. पब्लिक जूनियर हाईस्कूल में प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए आते-जाते हैं। विद्यालय प्रबंधन और महाविद्यालय प्रशासन ने भी शराब की दुकान के संचालन पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है।

महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि शैक्षणिक परिसर के आसपास शराब की दुकान का संचालन विद्यार्थियों के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए उचित नहीं माना जा सकता। शिक्षकों ने आशंका जताई कि शराब सेवन करने वाले लोगों की आवाजाही बढ़ने से छात्राओं और महिला शिक्षकों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता

स्थानीय महिलाओं और अभिभावकों ने भी इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शाम के समय मंदिर और आसपास के क्षेत्र में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं की काफी आवाजाही रहती है। शराब की दुकान खुलने से क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ सकता है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है।

लोगों का कहना है कि कई बार शराब के नशे में लोग गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और झगड़े जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। यदि ऐसा माहौल रिहायशी इलाके में बनेगा तो बच्चों और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखना कठिन हो जाएगा। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से पहले इस समस्या का समाधान किया जाए।

मंदिर के समीप दुकान खुलने से धार्मिक भावनाएं आहत

स्थानीय नागरिकों ने यह भी कहा कि जिस मार्ग पर शराब की दुकान संचालित की जा रही है, उसी रास्ते पर मंदिर भी स्थित है। सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे धार्मिक स्थल के समीप शराब की दुकान खुलना सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी अनुचित माना जा रहा है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। लोगों ने मांग की कि शराब की दुकान को ऐसे स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, जहां आबादी कम हो और शैक्षणिक तथा धार्मिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन

विरोध कर रहे लोगों ने जिलाधिकारी देवरिया को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि जनहित को देखते हुए शराब की दुकान को तत्काल हटाया जाए। ज्ञापन पर महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की तो क्षेत्र में जनआंदोलन और तेज हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि बच्चों के भविष्य, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक माहौल को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

सामाजिक संगठनों ने भी जताया विरोध

इस पूरे मामले में कई सामाजिक संगठनों ने भी स्थानीय नागरिकों का समर्थन किया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार को शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी करते समय आसपास के वातावरण का गंभीरता से आकलन करना चाहिए। विशेष रूप से स्कूल, कॉलेज, धार्मिक स्थल और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शराब की दुकानों की अनुमति देना सामाजिक समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन यदि जनता की भावनाओं को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाता है, तो इससे क्षेत्र में शांति और सामाजिक संतुलन बना रहेगा।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रिय रंजन राय, मनीष पांडे, नंद कुमार सिंह, हितेश कुमार, आलोक पांडे, गिरिजा देवी, सिद्धार्थ मिश्रा, आनंद भूषण मिश्रा, अभिमन्यु पांडे, डॉ. राधा दिव्यमनी तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से शराब की दुकान को जल्द से जल्द अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि शिक्षा और सामाजिक संस्कारों वाले इलाके में शराब की दुकान का संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

सवाल-जवाब: भाटपार रानी शराब दुकान विरोध

भाटपार रानी में लोगों का विरोध किस बात को लेकर है?

टीचर्स कॉलोनी रोड पर रिहायशी क्षेत्र, शिक्षण संस्थानों और मंदिर के पास देशी शराब की दुकान खुलने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्या मांग की है?

लोगों ने जिलाधिकारी देवरिया से शराब की दुकान को घनी आबादी, स्कूल-कॉलेज और धार्मिक स्थल से दूर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।

छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर क्या चिंता जताई गई है?

लोगों का कहना है कि शराब की दुकान के कारण नशे में गाली-गलौज, झगड़ा और अभद्र व्यवहार जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

किन संस्थानों ने दुकान हटाने की मांग का समर्थन किया है?

मदन मोहन मालवीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जे.के. पब्लिक जूनियर हाईस्कूल प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने इस मांग का समर्थन किया है।

मंदिर के पास शराब की दुकान खुलने पर लोगों की आपत्ति क्या है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में सुबह-शाम श्रद्धालुओं और महिलाओं का आवागमन रहता है। ऐसे में धार्मिक स्थल के पास शराब की दुकान खुलना सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अनुचित है।

ज्ञापन में किन समस्याओं की आशंका जताई गई है?

ज्ञापन में क्षेत्र का माहौल खराब होने, असामाजिक तत्वों की आवाजाही, छात्राओं की असुरक्षा, महिलाओं को असुविधा और सामाजिक तनाव जैसी आशंकाएं जताई गई हैं।

स्थानीय नागरिक प्रशासन से कैसी कार्रवाई चाहते हैं?

स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि प्रशासन जल्द जांच कर शराब की दुकान को किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करे, ताकि शैक्षणिक और सामाजिक वातावरण सुरक्षित बना रहे।

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