ग्रामीण प्रतिभा की उड़ान: बिना कोचिंग के लक्ष्मी ने ISC कक्षा 12 में 95.75% अंक हासिल कर रचा इतिहास
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया जिले के भटनी ब्लॉक अंतर्गत नोनापार गांव से एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश में रहकर भी लक्ष्मी नाम की छात्रा ने वह कर दिखाया, जिसे अक्सर शहरों और महंगे कोचिंग संस्थानों से जोड़ा जाता है। लक्ष्मी ने ISC (इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट) बोर्ड की कक्षा 12 की परीक्षा में 95.75 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है।
बिना कोचिंग के हासिल की बड़ी सफलता
आज के समय में जहां अधिकतर विद्यार्थी सफलता के लिए कोचिंग संस्थानों पर निर्भर रहते हैं, वहीं लक्ष्मी ने बिना किसी कोचिंग के यह शानदार उपलब्धि हासिल की। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती। लक्ष्मी की इस सफलता ने उन तमाम छात्रों के लिए उम्मीद की किरण जगाई है, जो आर्थिक या भौगोलिक कारणों से कोचिंग नहीं ले पाते।
लगन, मेहनत और अनुशासन बना सफलता की कुंजी
लक्ष्मी की सफलता का मूल मंत्र उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास रहा। उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए नियमित समय-सारणी बनाई और उसे पूरी ईमानदारी से पालन किया। मोबाइल और अन्य विचलित करने वाली चीजों से दूरी बनाकर उन्होंने अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखा। उनका मानना है कि “सफलता पाने के लिए जरूरी है कि आप अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें।”
पहले भी कर चुकी हैं उत्कृष्ट प्रदर्शन
यह पहली बार नहीं है जब लक्ष्मी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया हो। इससे पहले उन्होंने हाई स्कूल की परीक्षा में भी 94 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी शैक्षणिक क्षमता का परिचय दिया था। लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि उनकी सफलता कोई संयोग नहीं, बल्कि सतत मेहनत का परिणाम है।
लिटिल फ्लावर स्कूल, सलेमपुर से पूरी शिक्षा
लक्ष्मी की पूरी शिक्षा लिटिल फ्लावर स्कूल, सलेमपुर से हुई है। स्कूल के शिक्षकों ने भी उनकी इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षकों के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने लक्ष्मी को सही दिशा में आगे बढ़ने में मदद की। विद्यालय प्रबंधन ने भी उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि लक्ष्मी जैसे छात्र विद्यालय की पहचान होते हैं।
ISC बोर्ड में दूसरा स्थान
कक्षा 12 की ISC परीक्षा में लक्ष्मी ने 95.75 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बड़ी है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उनकी इस सफलता के बाद गांव में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाइयां देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।
ग्रामीण छात्रों के लिए बनी प्रेरणा
लक्ष्मी की कहानी उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने यह साबित किया कि सफलता के लिए बड़े शहर या महंगे संसाधन जरूरी नहीं होते, बल्कि जरूरी होती है मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास। उनकी उपलब्धि से यह संदेश मिलता है कि “अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।”
परिवार और गांव में खुशी का माहौल
लक्ष्मी की सफलता के बाद उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। माता-पिता और परिजन उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। गांव के लोगों ने भी उन्हें शुभकामनाएं और बधाइयां दी हैं। नोनापार गांव में इस समय उत्सव जैसा माहौल है और हर कोई लक्ष्मी की तारीफ कर रहा है।
भविष्य के लक्ष्य
लक्ष्मी का सपना है कि वह आगे चलकर उच्च शिक्षा प्राप्त करें और देश की सेवा करें। उनका लक्ष्य एक प्रतिष्ठित क्षेत्र में जाकर अपनी पहचान बनाना है। उन्होंने बताया कि वह अपनी पढ़ाई को इसी तरह जारी रखेंगी और अपने माता-पिता तथा गांव का नाम रोशन करेंगी।
लक्ष्मी की सफलता यह दर्शाती है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि हौसले बुलंद हों, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत जीत है, बल्कि ग्रामीण भारत की शिक्षा व्यवस्था और प्रतिभा का भी प्रमाण है। आज लक्ष्मी लाखों छात्रों के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं, जो बिना संसाधनों के भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।
📌 महत्वपूर्ण सवाल-जवाब
❓ लक्ष्मी ने कितने प्रतिशत अंक प्राप्त किए?
लक्ष्मी ने ISC कक्षा 12 की परीक्षा में 95.75% अंक प्राप्त किए हैं।
❓ क्या लक्ष्मी ने कोचिंग ली थी?
नहीं, लक्ष्मी ने बिना किसी कोचिंग के अपनी मेहनत और लगन से यह सफलता हासिल की।
❓ लक्ष्मी किस गांव की रहने वाली हैं?
लक्ष्मी देवरिया जिले के नोनापार गांव की रहने वाली हैं।
❓ लक्ष्मी की पढ़ाई किस विद्यालय से हुई है?
लक्ष्मी की पूरी शिक्षा लिटिल फ्लावर स्कूल, सलेमपुर से हुई है।
❓ लक्ष्मी की सफलता क्यों खास मानी जा रही है?
लक्ष्मी ने ग्रामीण क्षेत्र में रहकर बिना कोचिंग के शानदार अंक हासिल किए, जो अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा है।











