चित्रकूट पंचायत चुनाव 2026: कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर प्रधानों का जोरदार प्रदर्शन
संजय सिंह राणा की रिपोर्ट:
चित्रकूट में पंचायत चुनाव समय पर न होने की आशंका के बीच ग्राम प्रधानों ने अपने कार्यकाल को बढ़ाने की मांग को लेकर जोरदार लामबंदी की। जिले के विभिन्न गांवों से आए प्रधानों ने जिला पंचायत परिसर में एकत्र होकर पहले बैठक की और फिर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। इस दौरान जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की।
पंचायत चुनाव में देरी की आशंका से बढ़ी चिंता
प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर न होने की संभावना ने ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि यदि चुनाव समय पर नहीं कराए जाते हैं, तो इससे प्रशासनिक कार्यों में बाधा आएगी और गांवों के विकास कार्य प्रभावित होंगे। इसी चिंता को लेकर चित्रकूट जिले के प्रधानों ने एकजुट होकर कार्यकाल बढ़ाने की मांग को तेज कर दिया है।
जिला पंचायत परिसर में हुई रणनीतिक बैठक
अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष सुनील शुक्ला के नेतृत्व में जिले भर के प्रधान जिला पंचायत परिसर में जुटे। यहां आयोजित बैठक में सभी ने विस्तार से वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि यदि सरकार समय पर चुनाव नहीं कराती है, तो मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहे।
प्रधानों ने कहा कि वे गांवों में कई योजनाओं पर काम कर रहे हैं, जिनमें से कई अभी अधूरी हैं। यदि चुनाव टलते हैं और कार्यकाल समाप्त हो जाता है, तो इन योजनाओं पर असर पड़ेगा और जनता को नुकसान उठाना पड़ेगा।
कलेक्ट्रेट तक निकाला गया जुलूस
बैठक के बाद सभी प्रधानों ने एकजुट होकर जिला पंचायत परिसर से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जोर-शोर से उठाया। प्रदर्शन में जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव सहित कई ब्लॉक प्रमुख भी शामिल हुए, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिली।
प्रदर्शन में मानिकपुर ब्लॉक प्रमुख अरविंद मिश्र, पहाड़ी ब्लॉक प्रमुख सुशील द्विवेदी, कर्वी ब्लॉक प्रमुख गुलाब सिंह और रामनगर ब्लॉक प्रमुख गंगाधर मिश्र समेत बड़ी संख्या में प्रधान शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे आंदोलन जारी रखेंगे।
डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रधानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी पुलकित गर्ग को सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पंचायत चुनाव में संभावित देरी को देखते हुए वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए। साथ ही यह भी मांग की गई कि पंचायतों के विकास कार्यों को बाधित न होने देने के लिए सरकार तत्काल निर्णय ले।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और इनके माध्यम से ही सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर तक पहुंचती हैं। ऐसे में यदि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो जाता है और नई व्यवस्था समय पर लागू नहीं होती, तो इससे प्रशासनिक शून्यता उत्पन्न हो सकती है।
विकास कार्यों पर पड़ सकता है असर
प्रधानों का कहना है कि वर्तमान में गांवों में कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हो रही हैं, जैसे सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता अभियान और अन्य विकास कार्य। यदि चुनाव में देरी होती है और प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाता है, तो इन योजनाओं के क्रियान्वयन में रुकावट आएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि गांवों में जनता सीधे प्रधान से जुड़ी होती है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए उसी पर निर्भर रहती है। ऐसे में यदि पद खाली हो जाता है, तो आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि किसी कारणवश चुनाव समय पर संभव नहीं हैं, तो तत्काल कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय लिया जाए। इससे न केवल विकास कार्यों की गति बनी रहेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक स्थिरता भी बनी रहेगी।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रधानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे भी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल उनके अधिकारों की बात नहीं है, बल्कि ग्रामीण जनता के हितों से जुड़ा मुद्दा है।











