गोंडा

विनेश फोगाट पर बढ़ा विवाद : बृजभूषण बोले- जो रायता फैला के गई, उसी से निपट रहे

सांसद करणभूषण का बयान आया सामने

कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट

गोंडा में आयोजित सीनियर नेशनल ओपन कुश्ती चैंपियनशिप के बीच पहलवान Vinesh Phogat को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के बावजूद विनेश के गोंडा पहुंचने और फिर बिना मुकाबला खेले हरियाणा लौट जाने के बाद अब यह मामला खेल जगत के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। इस बीच पूर्व सांसद Brij Bhushan Sharan Singh ने विनेश पर तीखी टिप्पणी की है, जबकि कैसरगंज सांसद Karan Bhushan Singh का बयान भी सामने आया है।

गोंडा के नंदिनी नगर स्टेडियम में चल रही राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान सोमवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब विनेश फोगाट अचानक स्टेडियम पहुंचीं। हालांकि महासंघ पहले ही उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने से रोक चुका था। बावजूद इसके उनके पहुंचने से पूरे आयोजन का माहौल बदल गया और मीडिया से लेकर खेल प्रेमियों तक की नजरें इसी घटनाक्रम पर टिक गईं।

नोटिस के बावजूद गोंडा पहुंचीं विनेश

दरअसल, भारतीय कुश्ती महासंघ ने 9 मई को विनेश फोगाट को एंटी-डोपिंग नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। महासंघ ने साफ कहा था कि जब तक नोटिस का जवाब नहीं मिलता, तब तक उन्हें चैंपियनशिप में खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद विनेश सोमवार को गोंडा पहुंचीं और स्टेडियम जाकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वहां पहुंचने पर उन्हें ट्रेनिंग सेंटर बंद मिला। इसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने ही WFI अध्यक्ष संजय सिंह को फोन मिलाने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

मीडिया से बातचीत के दौरान विनेश ने कहा कि उन्होंने महासंघ को अपना जवाब भेज दिया है और दूसरा जवाब भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी खिलाड़ी का पूरा पक्ष सुने उसे दोषी कैसे माना जा सकता है।

मुकाबले से पहले ही लौट गईं हरियाणा

काफी चर्चाओं और अटकलों के बीच मंगलवार सुबह विनेश फोगाट गोंडा से निकल गईं। बताया गया कि वह पहले अयोध्या पहुंचीं, जहां उन्होंने एक होटल में रात बिताई। इसके बाद मंगलवार सुबह लखनऊ रवाना हुईं और वहां से हरियाणा लौट गईं।

उनके बिना मुकाबला खेले लौटने से विवाद और तेज हो गया। खेल प्रेमियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि आखिर महासंघ और खिलाड़ी के बीच टकराव किस दिशा में जा रहा है।

साक्षी मलिक ने किया समर्थन

इस पूरे मामले में ओलंपिक पदक विजेता पहलवान Sakshi Malik ने विनेश फोगाट का समर्थन किया है। साक्षी ने प्रधानमंत्री, खेल मंत्री और भारतीय कुश्ती महासंघ से अपील की कि विनेश को ट्रायल में हिस्सा लेने का अवसर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विनेश लंबे समय से देश के लिए शानदार प्रदर्शन करती रही हैं और उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए। साक्षी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई और बड़ी संख्या में लोग विनेश के समर्थन में सामने आए।

बृजभूषण का तंज- “जो रायता फैला के गई…”

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “देवी जी आई थीं, जो रायता फैला के गई हैं, उसी से निपट रहे हैं।” उन्होंने कहा कि अब यह पूरी तरह भारतीय कुश्ती महासंघ का विषय है कि कौन खिलाड़ी खेलेगा और कौन नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि वह लंबे समय तक WFI के अध्यक्ष रह चुके हैं और उनके अनुभव के मुताबिक महासंघ बिना किसी ठोस कारण के किसी खिलाड़ी को प्रतियोगिता से बाहर नहीं करता।

बृजभूषण ने कहा कि अगर किसी खिलाड़ी पर कार्रवाई हुई है तो उसके पीछे कोई न कोई पर्याप्त कारण जरूर होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई अदालत में जारी है और फिलहाल उनका ध्यान उसी पर केंद्रित है।

सांसद करणभूषण बोले- सभी को मर्यादा रखनी चाहिए

कैसरगंज सांसद करणभूषण सिंह ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले हर व्यक्ति को अपनी मर्यादा और भाषा का ध्यान रखना चाहिए। करणभूषण सिंह ने कहा कि खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उन्हें अपनी बात रखते समय संयम बनाए रखना चाहिए। उनके बयान को भी इस विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।

WFI अध्यक्ष संजय सिंह का सख्त रुख

भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने साफ कर दिया है कि जब तक विनेश फोगाट कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देतीं, तब तक उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि महासंघ नियमों के तहत काम कर रहा है और सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान प्रक्रिया लागू होती है। महासंघ किसी भी मामले में नियमों से समझौता नहीं करेगा।

हालांकि, दूसरी ओर विनेश का दावा है कि उन्होंने महासंघ को अपना जवाब भेज दिया है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि WFI आगे क्या फैसला लेता है।

खेल से निकलकर राजनीति तक पहुंचा विवाद

गोंडा कुश्ती चैंपियनशिप के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब खेल की सीमाओं से निकलकर राजनीति तक पहुंच चुका है। एक ओर खिलाड़ी और उनके समर्थक विनेश के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं, तो दूसरी ओर महासंघ और उससे जुड़े लोग नियमों के पालन को सबसे ऊपर बता रहे हैं।

कुश्ती जगत में पहले से चल रहे विवादों के बीच यह नया मामला आने वाले दिनों में और ज्यादा तूल पकड़ सकता है। फिलहाल विनेश फोगाट हरियाणा लौट चुकी हैं, लेकिन उनके गोंडा दौरे और बिना मुकाबला खेले वापसी ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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