सलेमपुर में महिला जन आक्रोश पदयात्रा: नारी शक्ति का जोरदार प्रदर्शन, महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा
रिपोर्ट: इरफान अली लारी
सलेमपुर में बुधवार को महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक अधिकारों को लेकर एक विशाल महिला जन आक्रोश पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा डाक बंगले से शुरू होकर गांधी चौक तक निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपनी एकजुटता और राजनीतिक चेतना का परिचय दिया। कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष माया जायसवाल ने किया।
नारी शक्ति की बुलंद आवाज से गूंजा सलेमपुर
जैसे ही पदयात्रा डाक बंगले से आगे बढ़ी, महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। माताएं, बहनें और युवतियां संगठित रूप से सड़कों पर उतरीं और महिला सम्मान, समान अधिकार तथा राजनीतिक भागीदारी के समर्थन में जोरदार नारे लगाए। पूरे शहर में नारी शक्ति की आवाज गूंजती रही, जिससे यह आयोजन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन का प्रतीक बन गया।
पदयात्रा के दौरान मार्ग के दोनों ओर स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने इस आयोजन को उत्सुकता से देखा और कई स्थानों पर महिलाओं का स्वागत भी किया गया। महिलाओं के समूहों ने एक स्वर में अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की, जिससे कार्यक्रम का प्रभाव और भी व्यापक हो गया।
महिला आरक्षण बना मुख्य मुद्दा
इस पदयात्रा का मुख्य केंद्र महिला आरक्षण और महिलाओं के राजनीतिक अधिकार रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल को लेकर उनकी नीयत साफ नहीं है।
कार्यक्रम की संयोजक माया जायसवाल ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को रोककर विपक्ष ने यह साबित कर दिया है कि वह महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और हर स्तर पर उन्हें आगे बढ़ाने के प्रयास कर रही है।
विपक्ष पर तीखा हमला
भाजपा जिला मंत्री अभिषेक जायसवाल ने अपने संबोधन में विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष केवल अपने परिवार की महिलाओं के हितों की चिंता करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष नहीं चाहता कि देश की सामान्य महिलाएं भी पुरुषों के बराबर तरक्की करें।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले चुनावों में महिला समाज इस अपमान का जवाब देगा और विपक्ष को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लेगा। उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने जोरदार समर्थन जताया।
वरिष्ठ नेताओं के बयान
वरिष्ठ नेता अशोक पांडेय ने कहा कि सर्वदलीय बैठक के बाद जब लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश किया गया, तब विपक्षी सांसदों ने इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों का सीधा अपमान बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मंडल अध्यक्ष पुनीत यादव ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल अपने परिवार की महिलाओं—जैसे प्रियंका गांधी और डिंपल यादव—की तरक्की देखना चाहता है, जबकि आम महिलाओं को पीछे रखा जाता है।
बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
इस अवसर पर कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें राममनोहर शर्मा, चंदा शुक्ला, शकुंतला देवी, पुष्पा देवी, सीमा देवी, अखिलेश योगी, सुमित्रा देवी, धनंजय चतुर्वेदी, भानु मिश्रा, शोभा देवी, इसरार अहमद डंपी, अवधेश मद्देशीया, अजय गौतम, अनिल ठाकुर, राघवेंद्र पासवान, इंद्रजीत मौर्य और वाचस्पति त्रिपाठी शामिल रहे।
सामाजिक और राजनीतिक संदेश
इस पदयात्रा ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि अब महिलाएं केवल सामाजिक भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि राजनीतिक भागीदारी में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहती हैं। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने यह संदेश दिया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और किसी भी प्रकार के भेदभाव को स्वीकार नहीं करेंगी।
सलेमपुर में आयोजित यह महिला जन आक्रोश पदयात्रा न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि इसने समाज में महिलाओं की बढ़ती जागरूकता और एकजुटता को भी प्रदर्शित किया। महिला आरक्षण और समान अधिकारों की मांग को लेकर जिस प्रकार से महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की, वह आने वाले समय में राजनीति की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित कर सकती है। यह आयोजन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि अब नारी शक्ति केवल समर्थन नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।











