20 अक्टूबर 2026 6:11 अपराह्न

दामाद और समधी पर गंभीर आरोपों के बाद भाजपा विधायक ने तोड़ा रिश्ता, बोले- मेरी बेटी आत्मनिर्भर है, अन्याय नहीं सहेंगे

सीतापुर के भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी अपनी डॉक्टर बेटी के साथ मीडिया के सामने गंभीर आरोपों पर बयान देते हुए, दामाद और समधी से रिश्ता तोड़ने की घोषणा करते हुए।

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सुनील शुक्ला की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर चर्चा छेड़ दी है। सेउता विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक ज्ञान तिवारी ने अपनी बेटी के ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए सार्वजनिक रूप से रिश्ता समाप्त करने की घोषणा कर दी है। विधायक का कहना है कि उनकी डॉक्टर बेटी की शादी जिस परिवार में हुई थी, उस परिवार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां उनसे छिपाई गईं। अब सामने आए तथ्यों के बाद उन्होंने अपनी बेटी के साथ खड़े रहने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

फेसबुक लाइव के जरिए सामने रखी पूरी बात

विधायक ज्ञान तिवारी ने सोशल मीडिया पर फेसबुक लाइव के माध्यम से पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की शादी वर्ष 2024 में बड़े विश्वास और पूरे सम्मान के साथ कराई गई थी, लेकिन बाद में ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे पूरा परिवार स्तब्ध रह गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समधी अनुज त्रिवेदी और दामाद प्रखर त्रिवेदी के बारे में शादी से पहले वास्तविक जानकारी नहीं दी गई थी। विधायक ने कहा कि अब उन्हें महसूस हो रहा है कि उनके परिवार के साथ बड़ा छल हुआ है।

शादी से पहले अलग तस्वीर दिखाई गई

ज्ञान तिवारी के अनुसार, विवाह तय होने के समय उन्हें बताया गया था कि प्रखर त्रिवेदी एक सफल रियल एस्टेट कारोबारी हैं और आर्थिक रूप से सक्षम हैं। परिवार भी सामान्य और प्रतिष्ठित बताया गया था। इन्हीं जानकारियों के आधार पर उन्होंने अपनी बेटी का विवाह पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ संपन्न कराया।

हालांकि, विवाह के बाद धीरे-धीरे ऐसी जानकारियां सामने आने लगीं, जिनसे उन्हें गहरा आघात पहुंचा। विधायक का आरोप है कि जिन लोगों पर उन्होंने भरोसा किया, उन्होंने उनके विश्वास को तोड़ा।

समधी पर कई महिलाओं से धोखाधड़ी कर शादी करने का आरोप

विधायक ने आरोप लगाया कि उनके समधी अनुज त्रिवेदी के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उनका कहना है कि अनुज त्रिवेदी पर अलग-अलग राज्यों की अनेक महिलाओं को झांसा देकर उनसे विवाह करने और बाद में धोखाधड़ी करने के आरोप लगे हैं।

विधायक के अनुसार, वर्ष 2016 से 2021 के बीच इस तरह के कई मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक महिला की शिकायत पर अनुज त्रिवेदी के खिलाफ कार्रवाई हुई और वह फिलहाल जेल में है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अदालत द्वारा होना अभी बाकी है और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

दामाद पर भी लगाए कई शादियों के आरोप

ज्ञान तिवारी ने अपने दामाद प्रखर त्रिवेदी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रखर के बारे में भी बाद में जानकारी मिली कि वह पहले भी कई विवाह कर चुका है।

विधायक का कहना है कि यदि यह जानकारी उन्हें पहले मिल जाती तो वे कभी भी अपनी बेटी का विवाह उस परिवार में नहीं करते। उनका आरोप है कि विवाह से पहले जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए गए, जिससे उनका परिवार धोखे का शिकार हुआ।

‘मेरी बेटी डॉक्टर है, खुद अपने पैरों पर खड़ी है’

फेसबुक लाइव के दौरान विधायक ने अपनी बेटी का जिक्र करते हुए कहा कि वह एमबीबीएस डॉक्टर है और पूरी तरह आत्मनिर्भर है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी बेटी को किसी के सहारे की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अपनी मेहनत से सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकती है। यदि आवश्यकता पड़ी तो वह उसके लिए अलग मकान भी बनवाएंगे और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहेंगे।

विधायक ने कहा कि किसी भी बेटी को केवल सामाजिक दबाव या रिश्ते के नाम पर अन्याय सहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

सार्वजनिक रूप से खत्म किया रिश्ता

ज्ञान तिवारी ने घोषणा की कि उनका परिवार अब अनुज त्रिवेदी और प्रखर त्रिवेदी से किसी भी प्रकार का पारिवारिक संबंध नहीं रखेगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने विश्वास तोड़ा हो, उनके साथ रिश्ता निभाने का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनका पूरा परिवार अपनी बेटी के साथ मजबूती से खड़ा है और उसे हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

कड़ी कार्रवाई की मांग

विधायक ने पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को धोखा देकर विवाह करना और उनके साथ छल करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई अन्य परिवार इस तरह के धोखे का शिकार न बने।

सामाजिक स्तर पर भी उठे कई सवाल

इस पूरे प्रकरण ने विवाह से पहले उचित जांच-पड़ताल की आवश्यकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय से पहले दोनों पक्षों की पृष्ठभूमि, सामाजिक स्थिति और कानूनी रिकॉर्ड की यथासंभव जांच करना आवश्यक है।

साथ ही यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि यदि किसी महिला के साथ विवाह के नाम पर धोखाधड़ी होती है तो उसे कानूनी अधिकारों का उपयोग करते हुए न्याय की लड़ाई लड़नी चाहिए।

सीतापुर के भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी द्वारा सार्वजनिक रूप से अपने समधी और दामाद से रिश्ता तोड़ने की घोषणा ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। विधायक का कहना है कि उनकी बेटी आत्मनिर्भर है और किसी भी परिस्थिति में अन्याय के साथ समझौता नहीं करेगी। वहीं, उनके द्वारा लगाए गए आरोप अब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में हैं। मामले में अंतिम सत्य संबंधित जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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