खाते में दिखे 759 करोड़ रुपये, गरीब किसान दंपती रह गए हैरान; बैंक जांच में जुटा
खाद खरीदने के लिए चाहिए थे तीन हजार रुपये, बैलेंस देखकर उड़ गए होश
जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्ट
बलिया। जिले के नरही क्षेत्र में एक गरीब किसान दंपती के लिए शनिवार का दिन किसी रहस्य से कम नहीं रहा। खेती के लिए खाद खरीदने के उद्देश्य से खाते से कुछ रुपये निकालने पहुंचे पति-पत्नी उस समय हैरान रह गए, जब उनके बैंक खाते में 759 करोड़ रुपये से अधिक की रकम दिखाई दी। अचानक खाते में इतनी बड़ी राशि देखकर दंपती के साथ-साथ जनसेवा केंद्र संचालक भी दंग रह गए।
सरवनपुर गांव निवासी प्रेमशिला देवी और उनके पति मुसाफिर साहनी खेती-किसानी कर अपने परिवार का जीवनयापन करते हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य होने के कारण उन्हें खेतों में खाद डालने के लिए कुछ हजार रुपये की आवश्यकता थी। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए उन्होंने कुवैत में रहकर काम करने वाले अपने बेटे राहुल साहनी से पैसे भेजने के लिए कहा था।
बेटे ने भेजे रुपये निकालने पहुंचे थे बैंक
जानकारी के अनुसार, राहुल साहनी ने अपने माता-पिता को बताया था कि उसने खाते में रुपये भेज दिए हैं और वे बैंक से पैसे निकाल सकते हैं। बेटे के भेजे हुए रुपये निकालने के लिए किसान दंपती शनिवार को लक्ष्मणपुर स्थित सेंट्रल बैंक की फ्रेंचाइजी पर पहुंचे।
लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि बैंक फ्रेंचाइजी बंद है। इसके बाद वे पास स्थित एक जनसेवा केंद्र पर पहुंचे, जहां उन्होंने आधार कार्ड के माध्यम से खाते से 10 हजार रुपये की निकासी की।
रुपये निकालने की प्रक्रिया के दौरान जनसेवा केंद्र संचालक ने जब खाते का बैलेंस देखा तो वह भी चौंक गया। खाते में इतनी बड़ी रकम दर्ज थी, जिसकी कल्पना करना भी सामान्य व्यक्ति के लिए मुश्किल है।
बैलेंस देखकर दंपती को नहीं हुआ विश्वास
जनसेवा केंद्र संचालक ने जब प्रेमशिला देवी और मुसाफिर साहनी को बताया कि उनके खाते में 759 करोड़ 69 लाख 51 हजार 951 रुपये का बैलेंस दिखाई दे रहा है तो दोनों कुछ समय के लिए स्तब्ध रह गए।
एक सामान्य किसान परिवार के खाते में इतनी बड़ी धनराशि दिखाई देना अपने आप में हैरान करने वाली बात थी। दंपती ने मामले की जानकारी आसपास के लोगों को दी। इसके बाद यह सूचना पुलिस तक पहुंची।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया। लोग भी यह जानने को उत्सुक हो गए कि आखिर एक गरीब किसान के खाते में इतनी बड़ी रकम कैसे दिखाई देने लगी।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
मामले की जानकारी मिलने के बाद बलिया पुलिस अधीक्षक ने प्रकरण का संज्ञान लिया। नरही पुलिस ने किसान दंपती से संपर्क कर उनके नाम, पते और खाते से संबंधित जरूरी जानकारी जुटाई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि खाते में दिखाई दे रही यह विशाल रकम वास्तव में जमा है या फिर किसी तकनीकी समस्या के कारण बैलेंस में दिखाई दे रही है।
शनिवार को बैंक बंद होने के कारण खाते में रकम आने का समय, स्रोत और वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी। अब बैंक खुलने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो पाएगी।
बैंक अधिकारी करेंगे तकनीकी जांच
सेंट्रल बैंक के अधिकारियों ने भी मामले की जांच की बात कही है। बैंक के एलडीएम सुशील कुमार ने बताया कि बैंक खुलने के बाद खाते की पूरी जांच की जाएगी। इसके बाद ही यह पता चल सकेगा कि खाते में इतनी बड़ी रकम दिखने के पीछे क्या कारण है।
बैंक अधिकारी यह जांच करेंगे कि कहीं यह किसी तकनीकी त्रुटि, सर्वर समस्या, डाटा अपडेट की गलती या किसी अन्य कारण से तो नहीं हुआ है।
अचानक बढ़े बैलेंस ने खड़े किए कई सवाल
इस घटना ने बैंकिंग व्यवस्था में तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर खातों में बैलेंस की जानकारी डिजिटल सिस्टम के माध्यम से मिलती है, लेकिन कभी-कभी तकनीकी गड़बड़ियों के कारण गलत आंकड़े भी प्रदर्शित हो सकते हैं।
हालांकि, जब तक बैंक की ओर से आधिकारिक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह कहना मुश्किल होगा कि खाते में दिखाई गई रकम वास्तविक है या केवल स्क्रीन पर दिखने वाली एक तकनीकी त्रुटि।
किसान परिवार को जांच रिपोर्ट का इंतजार
759 करोड़ रुपये जैसी बड़ी राशि अचानक खाते में दिखाई देने के बाद किसान दंपती भी अब बैंक की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। उनके लिए यह घटना खुशी से ज्यादा हैरानी और चिंता का विषय बन गई है।
फिलहाल पुलिस और बैंक दोनों इस पूरे मामले की पड़ताल में जुटे हुए हैं। बैंक की जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि आखिर किसान दंपती के खाते में इतनी बड़ी रकम कैसे दिखाई दी।








