दबंगों के आतंक से दहला सरोजिनी नगर, पुश्तैनी जमीन पर कब्जे के प्रयास का आरोप
कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद सैकड़ों लोगों संग पहुंचे प्रॉपर्टी डीलर, पीड़ित परिवार ने पुलिस पर निष्क्रियता का लगाया आरोप
कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow के सरोजिनी नगर क्षेत्र में पुश्तैनी जमीन पर कथित कब्जे को लेकर तनाव गहरा गया है। थाना सरोजिनी नगर क्षेत्र के अमौसी गांव निवासी एक किसान परिवार ने स्थानीय दबंग प्रॉपर्टी डीलर और उसके गुर्गों पर जबरन जमीन कब्जाने, महिलाओं समेत परिवार के लोगों के साथ मारपीट करने तथा पुलिस प्रशासन पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद दबंग खुलेआम कानून और अदालत की अवहेलना कर रहे हैं। वहीं पुलिस प्रशासन रसूखदारों के दबाव में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। घटना के बाद इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।
पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप
पीड़ित किसान बदलू प्रसाद पुत्र निहाल, निवासी ग्राम अमौसी, परगना बिजनौर, तहसील सरोजिनी नगर का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी भूमि गाटा संख्या 3155, रकबा 1423 हेक्टेयर, ग्राम अमौसी में स्थित है। इस भूमि से संबंधित सभी दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
पीड़ित के अनुसार इस संबंध में मुकदमा संख्या 348/2026 “बदलू बनाम मलिक इंफ्रास्ट्रक्चर आदि” सिविल जज जूनियर डिवीजन, कक्ष संख्या 36, लखनऊ में लंबित है। इसके अलावा वाद संख्या 420/2026 “बदलू बनाम लक्ष्मी नारायण आदि” अपर सिविल जज (जू० डि०) न्यायिक मजिस्ट्रेट, कक्ष संख्या 34, लखनऊ में भी विचाराधीन है।
परिवार का आरोप है कि अदालत में मामला लंबित होने के बावजूद प्रॉपर्टी डीलर मजीद खान कथित तौर पर अपने सैकड़ों समर्थकों और गुर्गों के साथ मौके पर पहुंचा और जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने लगा।
विरोध करने पर महिलाओं समेत परिवार पर हमला
पीड़ित परिवार के मुताबिक जब उन्हें जमीन पर कब्जे की सूचना मिली तो परिवार के सभी सदस्य मौके पर पहुंचे। आरोप है कि विरोध करने पर दबंगों ने लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में परिवार की महिलाएं भी घायल हुईं।
परिवार का कहना है कि हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें अपनी जान बचाने के लिए तत्काल डायल 112 पुलिस सेवा को फोन करना पड़ा। पुलिस की मदद से किसी तरह परिवार के लोग वहां से सुरक्षित निकल सके।
घटना के बाद ग्रामीणों में भी भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जमीन विवाद और अवैध कब्जों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से दबंगों के हौसले बुलंद हैं।
पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने थाना सरोजिनी नगर पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार लिखित शिकायतें दीं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
पीड़ितों का आरोप है कि क्षेत्र में रसूखदार प्रॉपर्टी डीलरों और दबंगों का इतना प्रभाव है कि पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी भी उनके सामने बेबस दिखाई देते हैं। शिकायतों को केवल जांच के नाम पर लंबित रखा जाता है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
परिवार ने आरोप लगाया कि कई मामलों में गरीब और कमजोर परिवारों की जमीनों के अलावा सरकारी भूमि, तालाब और ग्राम पंचायत की जमीनों पर भी अवैध कब्जे किए जा चुके हैं। बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं दिखाई देती।
“जान चली जाए लेकिन जमीन नहीं छोड़ेंगे”
पीड़ित परिवार ने साफ कहा है कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। परिवार का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो वे अपनी जान की बाजी लगाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, बल्कि उनके अस्तित्व और पूर्वजों की विरासत का सवाल है। उनका आरोप है कि दबंग तत्व न्यायालय की प्रक्रिया और कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे हैं।
सरोजिनी नगर क्षेत्र में भूमाफियाओं का बढ़ता नेटवर्क
स्थानीय लोगों के अनुसार सरोजिनी नगर और आसपास के इलाकों में बीते कुछ वर्षों में जमीनों की कीमत तेजी से बढ़ी है। इसी वजह से यहां भूमाफियाओं और प्रॉपर्टी डीलरों की सक्रियता भी बढ़ी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई जगह गरीब परिवारों, किसानों और सरकारी जमीनों पर कब्जे की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। लेकिन प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई न होने से पीड़ितों का भरोसा प्रशासन से उठता जा रहा है।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के कारण अवैध कब्जों का कारोबार तेजी से फैल रहा है। कई मामलों में वर्षों तक जांच चलती रहती है, लेकिन पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता।
ACP कृष्णा नगर से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित परिवार ने गुरुवार 14 मई 2026 को एसीपी कृष्णा नगर रजनीश वर्मा को लिखित शिकायती पत्र देकर न्याय की मांग की है। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और पुश्तैनी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि थाना सरोजिनी नगर पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या भूमाफियाओं और दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी केवल शिकायत और जांच तक सीमित रह जाएगा।
फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और सुरक्षा की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है, जबकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था और भूमि सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।






