प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का प्रदर्शन, सपा सांसद से मांगी सार्वजनिक माफी
कर्वी तहसील में भाजपा कार्यकर्ताओं का जोरदार धरना, नेताओं ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
चित्रकूट में भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी के महोबा-हमीरपुर सांसद द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई कथित अशोभनीय टिप्पणी को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया। कर्वी तहसील परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सपा सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग उठाई। भाजपा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि विवादित टिप्पणी पर माफी नहीं मांगी गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा जिला अध्यक्ष महेंद्र कोटार्य ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत है और इसे किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
भाजपा नेताओं ने जताया रोष
धरना स्थल पर मौजूद भाजपा नेताओं ने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक शिष्टाचार की सीमाएं पार करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया और सांसद से बयान वापस लेने की मांग की।
जिला अध्यक्ष महेंद्र कोटार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सर्वोच्च जनप्रतिनिधियों में से एक हैं और उनके खिलाफ इस प्रकार की भाषा का प्रयोग पूरे देश के भाजपा कार्यकर्ताओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं में इस बयान को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक संबंधित सांसद सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक भाजपा का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो भाजपा कार्यकर्ता सड़क से लेकर गांव-गांव तक आंदोलन करेंगे और सपा नेताओं का विरोध तेज किया जाएगा।
“राजनीति में भाषा की मर्यादा जरूरी”
भाजपा जिला महामंत्री अंजू वर्मा ने भी प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग अनुचित है।
उन्होंने कहा कि जनता नेताओं से शालीनता और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा करती है। ऐसे में सार्वजनिक मंचों से अपमानजनक टिप्पणियां लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करती हैं। अंजू वर्मा ने सपा सांसद से तुरंत माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी समाज में गलत संदेश देती है।
भाजपा ने अखिलेश यादव से भी उठाया सवाल
जिला उपाध्यक्ष आलोक पांडे ने भी समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी न केवल अस्वीकार्य है बल्कि यह राजनीतिक गिरावट का संकेत भी है।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से अपने सांसदों और नेताओं की भाषा पर नियंत्रण रखने की अपील की। आलोक पांडे ने कहा कि यदि भविष्य में भी इस तरह की टिप्पणियां जारी रहीं, तो भाजपा कार्यकर्ता और अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन देश के प्रधानमंत्री के लिए अशोभनीय शब्दों का प्रयोग लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है।
कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार प्रदर्शन
धरना-प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा सांसद के खिलाफ नारेबाजी की और बयान को वापस लेने की मांग की। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान को लेकर किसी भी प्रकार का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदर्शन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने इसे प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि देश की जनता का भी अपमान बताया।
कार्यक्रम में जिला महामंत्री विपुल प्रताप सिंह, अश्विनी अवस्थी, मीडिया प्रभारी अर्पित जायसवाल, जगदीश गौतम, दिनेश तिवारी, राजेश रैकवार, राजेश्वरी द्विवेदी, श्रवण पटेल, संजय पांडे, अंकित पांडे, रवि गुप्ता, जवाहर सोनी, राजा मिश्रा, विकास मिश्रा, अखिलेश रैकवार, मनोज तिवारी, शुभम केशरवानी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इस पूरे घटनाक्रम के बाद चित्रकूट की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी राजनीतिक मर्यादा और लोकतांत्रिक गरिमा के मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है। वहीं स्थानीय स्तर पर इस बयान और विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए इस तरह के बयान और उसके बाद होने वाले विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकते हैं। भाजपा जहां इसे प्रधानमंत्री के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।






