यूपी में मौसम का महातांडव : आंधी-तूफान और बारिश ने ली 45 जिंदगियां, प्रयागराज सबसे ज्यादा प्रभावित
पेड़, दीवार और बिजली गिरने से मौतें; रेल सेवा ठप, गांवों-शहरों में तबाही का मंजर
कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम आया भीषण आंधी-तूफान और बारिश का कहर कई परिवारों की खुशियां छीन ले गया। अचानक बदले मौसम ने प्रदेश के कई जिलों में ऐसी तबाही मचाई कि लोग संभल भी नहीं पाए। कहीं पेड़ लोगों पर गिर पड़े, कहीं कच्ची दीवारें भरभराकर ढह गईं तो कहीं आकाशीय बिजली ने जान ले ली। भदोही, मिर्जापुर, फतेहपुर, बदायूं, चंदौली और प्रयागराज समेत कई जिलों में अलग-अलग घटनाओं में कुल 45 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। प्रशासन और राहत टीमें देर रात तक प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य में जुटी रहीं।
प्रदेशभर में अब तक 28 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की चेतावनी जारी की है।
भदोही में सबसे ज्यादा तबाही
आंधी-बारिश का सबसे ज्यादा असर भदोही जिले में देखने को मिला। तेज हवाओं और बारिश के चलते यहां बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। देर रात तक जिले में 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए। कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
मौसम की मार रेलवे संचालन पर भी पड़ी। तेज आंधी के दौरान ओवरहेड बिजली केबल टूट गई, जिससे चार ट्रेनें ट्रैक पर ही रोकनी पड़ीं। यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। रेलवे और प्रशासन की टीमें देर रात तक ट्रैक दुरुस्त करने में लगी रहीं।
प्रयागराज में 17 लोगों की मौत
आंधी-तूफान का सबसे भयावह असर प्रयागराज में देखने को मिला। बुधवार शाम चली धूलभरी आंधी और तेज बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। जिला प्रशासन के मुताबिक अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विनीता सिंह ने बताया कि विभिन्न तहसीलों से लगातार रिपोर्ट मंगाई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई गांवों से सूचनाएं अभी भी आ रही हैं।
तहसीलवार मौतों का आंकड़ा
- हंडिया – 7 मौतें
- फूलपुर – 4 मौतें
- सोरांव – 3 मौतें
- मेजा – 2 मौतें
- सदर – 1 मौत
प्रशासन के अनुसार मृतकों में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। कई लोग घायल भी हुए हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
भारी संपत्ति और पशुधन का नुकसान
तूफान के कारण दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ और बिजली के पोल गिरने से कई इलाकों की बिजली व्यवस्था घंटों बाधित रही। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा। कई मवेशियों की मौत हो गई।
फतेहपुर में दीवार और पेड़ बने मौत का कारण
फतेहपुर जिले में भी तूफान ने सबसे अधिक तबाही मचाई। यहां अलग-अलग हादसों में 9 लोगों की जान चली गई। खागा तहसील के सेमौरी और आसपास के गांवों में तेज हवा के कारण कई दीवारें गिर गईं। कई स्थानों पर विशाल पेड़ उखड़कर घरों और राहगीरों पर गिर पड़े। सदर तहसील के बमरौली गांव में दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं मां-बेटे समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तूफान के दौरान बिजली के खंभे और तार टूटने से कई गांव अंधेरे में डूब गए। ग्रामीणों ने बताया कि कई घंटों तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही।
हरदोई में शौचालय की दीवार गिरने से छात्रा की दर्दनाक मौत
हरदोई जिले के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के रूपापुर गांव में आंधी के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। गांव में घर के बाहर बने शौचालय की दीवार तेज हवाओं के कारण अचानक गिर गई। मलबे की चपेट में आने से कक्षा पांच में पढ़ने वाली 11 वर्षीय छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों का कहना है कि तेज हवाओं के साथ बारिश इतनी भयावह थी कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए थे।
कानपुर देहात में आकाशीय बिजली गिरने से किशोरी और 33 बकरियों की मौत
कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में मौसम का बदला मिजाज एक परिवार के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गया। भौतरी गांव निवासी रामबहादुर कुशवाहा की 15 वर्षीय पुत्री रुचि कुशवाहा रोज की तरह बकरियां चराने खेतों में गई थी। दोपहर में अचानक मौसम खराब हो गया और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर पड़ी। बिजली की चपेट में आने से रुचि की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके आसपास चर रही 33 बकरियां भी मर गईं। ग्रामीणों ने बताया कि हादसा इतना भयावह था कि घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
उन्नाव में रेल सेवाएं ठप, शताब्दी और वंदे भारत प्रभावित
तेज आंधी का असर रेलवे सेवाओं पर भी देखने को मिला। उन्नाव जिले में लखनऊ-कानपुर रेल मार्ग पर ओएचई लाइन पर पेड़ गिर गया, जिससे ट्रेनों का संचालन बाधित हो गया। सोनिक और अजगैन स्टेशन के बीच ट्रैक अवरुद्ध होने से शताब्दी एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और कई अन्य ट्रेनें घंटों तक खड़ी रहीं।
रेलवे अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ों को हटाया और ओएचई लाइन की मरम्मत की। लगभग दो घंटे बाद रेल यातायात सामान्य हो सका। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ट्रेनें लेट हो गईं और स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
मिर्जापुर-चंदौली में भी जानलेवा साबित हुआ तूफान
मिर्जापुर में भी आंधी और बारिश के दौरान कई दर्दनाक हादसे हुए। जिले में 10 लोगों की मौत की खबर देर रात तक सामने आई। कई इलाकों में पेड़ गिरने और कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आईं।
वहीं चंदौली जिले में भी खराब मौसम के चलते दो लोगों की जान चली गई। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई।
फतेहपुर में देखने को मिला असर
फतेहपुर जिले में आंधी और बारिश का असर सबसे ज्यादा खागा और सदर तहसील क्षेत्र में देखने को मिला। यहां अलग-अलग हादसों में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल बताए गए हैं। तेज हवाओं के कारण कई कच्चे मकान और पेड़ धराशायी हो गए
सोनभद्र में हाईवे पर गिरा विशाल बोर्ड, पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त
सोनभद्र जिले में धूलभरी आंधी ने दिन में ही अंधेरा कर दिया। रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में जिला पंचायत का विशाल लोहे का स्वागत बोर्ड हाईवे पर गिर पड़ा। इसी दौरान सुकृत चौकी परिसर में खड़ी पुलिस जीप पर भारी पेड़ गिर गया, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। खलियारी-कलवारी स्टेट हाईवे पर पेड़ गिरने से एंबुलेंस समेत सैकड़ों वाहन घंटों जाम में फंसे रहे।
मुजफ्फरनगर में ओलावृष्टि से फसलें तबाह
मुजफ्फरनगर में तेज हवाओं और भारी ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया। कई इलाकों में लोग घरों में कैद हो गए। सड़क पर चल रहे वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बस्ती में चलती स्कॉर्पियो पर गिरा पेड़
बस्ती-महुली मार्ग पर सोनूपार के पास एक चलती स्कॉर्पियो कार पर विशाल आम का पेड़ गिर पड़ा। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि वाहन में सवार तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।
बदायूं में दो बच्चियों की दर्दनाक मौत
बदायूं जिले में भी मौसम का कहर देखने को मिला। यहां आंधी और बारिश से जुड़े हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं। जिले के सिद्धपुर कैथोली गांव में कच्चे मकान की दीवार गिरने से दो नाबालिग लड़कियों की दर्दनाक मौत हो गई।
इसके अलावा जिले में अन्य स्थानों पर भी हादसे हुए, जिनमें तीन और लोगों की जान चली गई। हादसों के बाद गांवों में मातम का माहौल है।
प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा
तूफान के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग की टीमें लगातार राहत कार्य में लगी हुई हैं। सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम जारी है। कई जिलों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। राजस्व विभाग की टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं। मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका जताई है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे मकानों के पास न जाएं। खेतों में काम कर रहे किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बदलते मौसम ने बढ़ाई चिंता
मई के महीने में इस तरह के भीषण तूफान और ओलावृष्टि ने मौसम के बदलते स्वरूप को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को हुआ है। कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं, जबकि पशुपालकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रदेश में मौसम के इस कहर ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर कितनी तैयारियां हैं।







