गर्म हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें, दोपहर में सूने पड़े बाजार, रात तक दुकानों पर ग्राहकों का इंतजार
लगातार बढ़ती तपिश से जनजीवन बेहाल, बच्चों ने ट्यूबवेल पर तलाशा राहत का रास्ता
चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
गोंडा में भीषण गर्मी अब लोगों की दिनचर्या और कारोबार दोनों पर भारी पड़ने लगी है। मई के मध्य में सूरज की तपिश इतनी तेज हो चुकी है कि सुबह से ही गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। रविवार को जिले में अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं, जिससे आने वाले दिनों में लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
रविवार की सुबह भले ही सामान्य दिनों की तरह शुरू हुई, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, गर्मी का असर साफ दिखाई देने लगा। तेज धूप और उमस के कारण लोग घरों से निकलने से बचते नजर आए। दोपहर होते-होते शहर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा छा गया। आमतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाके भी खाली दिखाई दिए और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बेहद कम रही।
दोपहर में वीरान दिखे बाजार
दोपहर करीब एक बजे के आसपास ठठेरी बाजार का नजारा बदला हुआ दिखाई दिया। जहां सामान्य दिनों में खरीदारों की भीड़ रहती है, वहां रविवार को इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
बाजार में ठेले पर कपड़े बेचने वाले संतराम ने बताया कि तेज धूप और लू के चलते कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि पहले दिनभर में अच्छी बिक्री हो जाती थी, लेकिन अब ग्राहक कम आने लगे हैं। लोग दोपहर में बाजार आने से बच रहे हैं और शाम के बाद ही खरीदारी के लिए निकल रहे हैं।
संतराम के मुताबिक कुछ सप्ताह पहले तक रोजाना 1500 से 2000 रुपये तक की बिक्री हो जाती थी, लेकिन अब यह घटकर लगभग 1000 से 1200 रुपये तक पहुंच गई है। व्यापारियों को ग्राहकों के इंतजार में देर रात तक दुकानें खोलकर बैठना पड़ रहा है। उनका कहना है कि गर्मी बढ़ने से बाजारों की रौनक धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है।
बारिश के बाद मिली राहत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी
कुछ दिन पहले जिले में हुई हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली थी। मौसम सुहावना होने से बाजारों में चहल-पहल भी बढ़ गई थी और कारोबार में सुधार देखने को मिला था। लेकिन बारिश का असर ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाया। अब फिर से तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है।
सुबह के समय ही सूर्य की किरणें इतनी तीखी महसूस हो रही हैं कि लोग बाहर निकलते समय पूरी सावधानी बरत रहे हैं। दोपहिया वाहन चलाने वाले लोग चेहरे और सिर को कपड़े से ढककर सफर कर रहे हैं। वहीं कई लोग धूप से बचने के लिए छाते और गमछे का सहारा लेते दिखाई दिए।
बच्चों ने ट्यूबवेल पर ढूंढी गर्मी से राहत
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। दोपहर के समय लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीण इलाकों में बच्चे गर्मी से राहत पाने के लिए पारंपरिक तरीकों का सहारा ले रहे हैं।
रविवार दोपहर करीब दो बजे पंडरीकृपाल गांव में कई बच्चे ट्यूबवेल पर नहाते नजर आए। खेतों की सिंचाई के लिए चल रहे नलकूप के ठंडे पानी में बच्चे मस्ती करते दिखे। पंकज, शिवांश और रत्नेश ने बताया कि ट्यूबवेल पर नहाने से गर्मी से राहत मिलती है और साथ ही खेतों की सिंचाई का काम भी हो जाता है।
ग्रामीण इलाकों में इन दिनों तालाब और नलकूप बच्चों के लिए राहत का बड़ा साधन बने हुए हैं। हालांकि डॉक्टर लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक धूप में रहने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
गर्मी से स्वास्थ्य पर भी बढ़ रहा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ता तापमान शरीर पर गंभीर असर डाल सकता है। लू लगने, डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं इन दिनों तेजी से बढ़ रही हैं। अस्पतालों में सिरदर्द, उल्टी, चक्कर और बुखार की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
डॉक्टरों की सलाह है कि लोग दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। अधिक मात्रा में पानी पीते रहें और हल्के भोजन का सेवन करें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई जा रही है।
शाम ढलने के बाद बढ़ रही हलचल
दिनभर गर्मी से परेशान रहने के बाद शाम ढलते ही शहर और बाजारों में हलचल बढ़ने लगती है। लोग सूर्यास्त के बाद खरीदारी और जरूरी काम निपटाने के लिए बाहर निकल रहे हैं। व्यापारियों को भी अब उम्मीद शाम और रात के ग्राहकों से ही रहती है।
हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। यदि बारिश नहीं हुई तो गर्मी और अधिक परेशान कर सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।








