जब अधिकारी पहुंचे गांव—चौपाल में बदली ग्रामीणों की किस्मत
रिपोर्ट: इरफान अली लारी
देवरिया जनपद के विकास खंड पथरदेवा अंतर्गत ग्राम पंचायत मलघोट विरैचा में आयोजित “ग्राम चौपाल (गाँव की समस्या, गाँव में समाधान)” कार्यक्रम ने ग्रामीण प्रशासन की कार्यशैली को जमीनी स्तर पर सशक्त और प्रभावी बनाने की एक नई मिसाल पेश की। इस पहल के तहत प्रशासनिक अधिकारी स्वयं गांव पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर सुनकर उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल की सक्रिय उपस्थिति ने इसे विशेष महत्व प्रदान किया, जिससे ग्रामीणों में भरोसा और संतोष दोनों देखने को मिला।
गांव में ही समाधान, नहीं लगाने पड़े चक्कर
ग्राम चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत दिलाना और उनकी समस्याओं का समाधान उनके ही गांव में सुनिश्चित करना था। इस उद्देश्य में कार्यक्रम पूरी तरह सफल दिखाई दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर अधिकारियों के सामने रखीं, जिनमें बिजली, सड़क, पानी, राशन कार्ड, पेंशन और आवास जैसी मूलभूत जरूरतों से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं।
जिलाधिकारी ने हर समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कई मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्याओं का निस्तारण भी किया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरे पर संतोष साफ झलक रहा था।
योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना के कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति पत्र, वृद्धावस्था पेंशन और निराश्रित पेंशन जैसी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।
यह व्यवस्था पारदर्शिता और त्वरित सेवा का उदाहरण बनी, जिससे ग्रामीणों को बिना किसी दलाल या देरी के सीधे लाभ प्राप्त हुआ। जिलाधिकारी ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक गंभीरता बरतें।
स्वास्थ्य और पोषण पर भी विशेष ध्यान
ग्राम चौपाल में केवल प्रशासनिक कार्य ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और पोषण संबंधी गतिविधियों को भी प्रमुखता दी गई। इस दौरान गोदभराई और अन्नप्राशन जैसे कार्यक्रम जिलाधिकारी द्वारा संपन्न कराए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उनकी टीम ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी और आवश्यक परामर्श प्रदान किया। इससे गांव स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने का संदेश भी गया।
अधिकारियों की मौजूदगी से बढ़ा भरोसा
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, जिला विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इन सभी अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रभावी और भरोसेमंद बनाया।
ग्रामीणों को पहली बार ऐसा अनुभव हुआ कि उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान करने के लिए प्रशासन स्वयं उनके गांव पहुंचा है। इससे प्रशासन के प्रति विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत हुई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
ग्राम चौपाल में स्कूली बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और रंग भर दिया। अधिकारियों और ग्रामीणों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
“गाँव की समस्या, गाँव में समाधान” बना सशक्त अभियान
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के चौपाल कार्यक्रमों का उद्देश्य यही है कि ग्रामीणों को उनकी समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही मिले। उन्होंने कहा कि प्रशासन अब जनता के पास जाकर उनकी समस्याएं सुन रहा है और तत्काल समाधान सुनिश्चित कर रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “गाँव की समस्या, गाँव में समाधान” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक सशक्त अभियान है, जिसके माध्यम से विकास कार्यों को नई गति दी जा रही है। आने वाले समय में इस तरह के कार्यक्रमों को और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
ग्रामीणों ने जताया संतोष
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। लाभार्थियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूर-दूर तक भटकना नहीं पड़ेगा।
कई ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार उन्हें इतनी आसानी और पारदर्शिता के साथ योजनाओं का लाभ मिला है। इससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।
देवरिया के ग्राम पंचायत मलघोट विरैचा में आयोजित यह ग्राम चौपाल कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय का प्रतीक बनकर उभरा है। योजनाओं का सीधा लाभ, मौके पर समस्याओं का समाधान और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने इस पहल को सफल बनाया।
यह मॉडल यदि लगातार और व्यापक स्तर पर लागू किया जाता है, तो निश्चित रूप से ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी और “गाँव की समस्या, गाँव में समाधान” का सपना साकार होता नजर आएगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
👉 देवरिया ग्राम चौपाल कार्यक्रम क्या है?
ग्राम चौपाल एक प्रशासनिक पहल है, जिसमें अधिकारी गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करते हैं।
👉 इस चौपाल में किन योजनाओं का लाभ मिला?
इस कार्यक्रम में राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन और निराश्रित पेंशन का लाभ दिया गया।
👉 चौपाल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
“गाँव की समस्या, गाँव में समाधान” के तहत ग्रामीणों को उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान गांव में ही उपलब्ध कराना।
👉 क्या मौके पर समस्याओं का समाधान हुआ?
हां, कई समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया गया और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।











