गडचिरोली में गौ सम्मान रैली : “गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने” की मांग के साथ गूंजा सिरोंचा

सिरोंचा गडचिरोली में गौ सम्मान रैली के दौरान सजी बैलगाड़ी और प्रदर्शन करते लोग, साथ में रिपोर्टर सदानंद इंगिली का पोर्ट्रेट

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रिपोर्ट: सदानंद इंगिली

महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले के सिरोंचा तालुका में सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को गौ संरक्षण और सम्मान के मुद्दे को लेकर एक विशाल “गाय सम्मान रैली” का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चली इस रैली में क्षेत्रभर से आए लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल ने किया।

विभिन्न संगठनों और नागरिकों का मिला व्यापक सहयोग

इस रैली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी, ग्वाले, गौभक्त, किसान, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। साथ ही सनातन धर्म के अनुयायियों और स्थानीय नागरिकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। पूरे आयोजन में अनुशासन और उत्साह का संतुलन देखने को मिला, जिससे यह रैली शांतिपूर्ण और प्रभावशाली रही।

अयप्पा मंदिर से तहसील कार्यालय तक तय हुआ रूट

रैली की शुरुआत सिरोंचा के अयप्पा मंदिर क्षेत्र से हुई। वहां से यह रैली बस स्टैंड चौक, पंचायत समिति चौक होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची। पूरे मार्ग में लोगों ने गौ माता के समर्थन में नारे लगाए और अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। रास्ते भर स्थानीय लोगों ने भी रैली का स्वागत किया, जिससे माहौल और अधिक ऊर्जावान बन गया।

सजी-धजी बैलगाड़ी बनी आकर्षण का केंद्र

रैली का मुख्य आकर्षण एक पारंपरिक रूप से सजी-धजी बैलगाड़ी रही। बैलगाड़ी पर सवार लोगों ने गौ माता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यह दृश्य ग्रामीण संस्कृति और भारतीय परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। बैलगाड़ी की सजावट और उसके साथ चल रही भीड़ ने रैली को और भी आकर्षक बना दिया।

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गूंजे जयकारे, भक्तिमय माहौल में दिखा उत्साह

रैली के दौरान “जय गौ माता”, “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम” और “जय श्री राम” जैसे नारों से पूरा सिरोंचा गूंज उठा। इन नारों ने रैली को एक भक्तिमय और ऊर्जावान वातावरण प्रदान किया। प्रतिभागियों ने शांतिपूर्वक अपनी मांगों को सामने रखते हुए सामाजिक एकता का संदेश भी दिया।

सरकार तक पहुंचाई गई मांगें, सौंपा गया ज्ञापन

रैली के समापन पर एक ज्ञापन तैयार किया गया, जिसे देश के शीर्ष नेताओं—महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री—के नाम संबोधित किया गया। यह ज्ञापन सिरोंचा के तहसीलदार को सौंपा गया, ताकि इसे संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जा सके।

प्रमुख मांगें : गौहत्या पर सख्त कानून और “राष्ट्रमाता” का दर्जा

ज्ञापन में प्रमुख रूप से गाय को “राष्ट्रमाता” घोषित करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए सख्त कानून लागू करने की भी अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।

सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का संदेश

इस रैली के माध्यम से आयोजकों ने न केवल गौ संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करने का प्रयास किया। शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित इस रैली ने यह दर्शाया कि लोग अपनी आस्था और मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं।

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Author: यायावर

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