अपराध

एक साथ चार मासूमों का शव देख पूरा गाँव भावुक हो उठा, नम आँखों से किया गया सुपुर्द-ए-खाक

रिपोर्ट: ठाकुर बख्श सिंह

अंबेडकर नगर जिले के महरुआ थाना क्षेत्र के कसड़ा गांव में रविवार का दिन बेहद दर्दनाक और भावुक रहा। चार मासूम बच्चों की निर्मम हत्या के बाद जब पोस्टमार्टम के पश्चात उनके शव गांव पहुंचे, तो हर तरफ चीख-पुकार मच गई। जैसे ही दोपहर करीब एक बजे एंबुलेंस गांव में दाखिल हुई, परिजनों का सब्र टूट गया और रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

गांव में पसरा मातम, हर चेहरा गमगीन

कसड़ा गांव में चारों बच्चों के शव पहुंचते ही माहौल पूरी तरह बदल गया। घरों से लेकर गलियों तक सन्नाटा और दर्द साफ महसूस किया जा सकता था। महिलाएं विलाप कर रही थीं, जबकि पुरुष भी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध नजर आए।

एक साथ उठे चार जनाजे, दिल दहला देने वाला मंजर

जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य इतना मार्मिक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास ही दफनाया गया। इस दौरान भारी संख्या में ग्रामीणों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

हत्या की वारदात ने खड़े किए कई सवाल

शनिवार को अकबरपुर क्षेत्र के मीरानपुर मुरादाबाद स्थित घर में चारों बच्चों के शव खून से लथपथ हालत में मिले थे। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई कि बच्चों की हत्या ईंट और हथौड़े से वार कर की गई। घर का दरवाजा अंदर से बंद होना इस घटना को और रहस्यमय बनाता है।

सबसे बड़ा संदेह बच्चों की मां गासिया खातून के लापता होने पर केंद्रित है। पुलिस को शक है कि बच्चों को पहले कोई नशीला या विषैला पदार्थ दिया गया, जिसके बाद इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। घटनास्थल पर उल्टी के निशान मिलने से यह आशंका और मजबूत हुई है।

पुलिस जांच जारी, अभी तक नहीं मिला सुराग

घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। कई टीमें मामले की जांच में जुटी हुई हैं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को अनलॉक करने की कोशिश जारी है।

इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट दिशा नहीं मिल पाई है।

परिवार ने जताई साजिश की आशंका

मामले में मृत बच्चों के नाना ने अपनी बेटी गासिया खातून को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी ऐसा जघन्य अपराध नहीं कर सकती और उसे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।

वहीं, बच्चों के बड़े पापा सलीम ने भी इस घटना को लेकर संदेह जताया है। उनका कहना है कि गासिया खातून अकेले इस तरह की वारदात को अंजाम नहीं दे सकती। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता हो सकती है।

परिवार के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले तक सब कुछ सामान्य था और किसी तरह के विवाद या अनहोनी का कोई संकेत नहीं मिला था।

घटनास्थल के हालात ने बढ़ाई गंभीरता

पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के अनुसार, कमरे की दीवारों और बिस्तर पर खून के छींटे पाए गए हैं। बच्चों के उल्टी करने के निशान भी मिले हैं, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि उन्हें पहले कोई विषैला पदार्थ दिया गया था। इसके बाद उनके सिर पर ईंट और हथौड़े से वार किए गए।

हालांकि घटनास्थल से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है, जिससे जांच और जटिल हो गई है।

निष्कर्ष: न्याय की आस में पूरा गांव

कसड़ा गांव में चार मासूमों की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। हर व्यक्ति इस घटना से दुखी और आहत है। गांव में लगातार लोगों का आना-जाना बना हुआ है और हर कोई इस दर्दनाक घटना के पीछे की सच्चाई जानना चाहता है।

अब पूरे गांव की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। तब तक चार मासूमों की यादें और गांव में पसरा मातम हर किसी को अंदर तक झकझोरता रहेगा।

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