बलराम पण्डित की रिपोर्ट
दरभंगा: बिहार में हथियारों के साथ वीडियो और रील बनाने का चलन अब सिर्फ युवकों तक सीमित नहीं रह गया है। दरभंगा जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र से सामने आया एक मामला इसकी नई तस्वीर पेश करता है। यहां एक महिला का पिस्टल लहराते हुए डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में महिला कथित तौर पर पिस्टल हाथ में लेकर अपने अंदाज में डांस करती नजर आई। वीडियो पुलिस के संज्ञान में पहुंचा तो मामले की जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रही महिला की पहचान कर ली। इसके बाद पुलिस टीम उसके घर पहुंची और तलाशी ली। पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान महिला के पास से दो जिंदा कारतूस बरामद हुए, जबकि घर में रखे एक बक्से से कथित तौर पर वही पिस्टल मिली, जिसे लेकर महिला ने वायरल वीडियो बनाया था। पुलिस ने पिस्टल के साथ दो मैगजीन भी बरामद करने का दावा किया है।
पिस्टल के साथ महिला का वीडियो हुआ वायरल
दरभंगा के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र में यह मामला उस समय सामने आया, जब एक महिला का हथियार के साथ बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वीडियो में महिला हाथ में पिस्टल लेकर डांस करती दिखाई दे रही थी। हथियार के साथ इस तरह का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई।
वायरल वीडियो किसी व्यक्ति ने घनश्यामपुर थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर भी भेज दिया। वीडियो पुलिस तक पहुंचते ही अधिकारियों ने इसकी सत्यता और उसमें दिखाई दे रही महिला की पहचान की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई और विभिन्न चौकीदारों से वीडियो में दिखाई दे रही महिला के बारे में सत्यापन कराया। जांच के बाद पुलिस ने उसकी पहचान सिरसिया गांव निवासी राम गुलाम यादव की पत्नी लाखो देवी के रूप में की।
वीडियो की जांच के बाद घर पहुंची पुलिस
महिला की पहचान होने के बाद घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। इसके बाद टीम ने सिरसिया गांव स्थित महिला के घर पर छापेमारी की।
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान महिला के पर्स से दो जिंदा कारतूस मिले। इन कारतूसों पर KF 7.65 अंकित होने की बात कही गई है। कारतूस मिलने के बाद पुलिस ने घर की तलाशी और गहन कर दी।
तलाशी के दौरान पुलिस की नजर घर में रखे एक बक्से पर पड़ी। पुलिस के मुताबिक, बक्से को घर में एक तरफ रखा गया था। जब पुलिस ने बक्सा खुलवाया तो उसके अंदर से एक पिस्टल बरामद हुई। पुलिस का दावा है कि बरामद पिस्टल वही हथियार है, जिसे लेकर महिला का वीडियो वायरल हुआ था।
बक्से में पिस्टल, बैग में रखे थे कारतूस
पुलिस की कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर एक पिस्टल मैगजीन सहित बरामद हुई। इसके अलावा एक अतिरिक्त मैगजीन भी मिली। पुलिस ने एक छोटे बैग से दो जिंदा कारतूस बरामद किए। कारतूसों पर KF 7.65 लिखा होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
इस बरामदगी के बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। हथियार और कारतूस से संबंधित दस्तावेज या वैध लाइसेंस के संबंध में पुलिस ने जांच शुरू की। मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर वायरल करने के मामलों में पुलिस पहले भी कार्रवाई करती रही है। इस मामले में भी वायरल वीडियो ही पुलिस की जांच का शुरुआती आधार बना।
सरकारी नंबर पर वीडियो पहुंचते ही सक्रिय हुई पुलिस
बताया गया कि 29 जुलाई को घनश्यामपुर थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर एक वीडियो भेजा गया था। पुलिस के अनुसार, वीडियो में एक महिला पिस्टल के साथ डांस करती दिखाई दे रही थी। वीडियो मिलने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और सबसे पहले इसकी पुष्टि कराने का प्रयास किया।
पुलिस ने वीडियो में नजर आ रही महिला की पहचान के लिए स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई। विभिन्न चौकीदारों से सत्यापन कराने के बाद महिला की पहचान सिरसिया गांव निवासी लाखो देवी के रूप में हुई।
पहचान सुनिश्चित होने के बाद पुलिस टीम ने उसके घर पर छापेमारी की। इस दौरान हथियार और कारतूस की बरामदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया।
पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया मामला
पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस को जब्त करने के बाद महिला के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि महिला के पास पिस्टल और कारतूस कहां से आए और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
हालांकि, इन सवालों का अंतिम जवाब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस हथियार के स्रोत और उसके इस्तेमाल से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो बनाकर उसे सार्वजनिक करना कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर विषय है। ऐसे वीडियो से हथियारों के प्रदर्शन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आम लोगों में भय और गलत संदेश जाने की आशंका रहती है।
महिला के खिलाफ पहले से भी दर्ज है प्राथमिकी
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि लाखो देवी के खिलाफ घनश्यामपुर थाना में पहले से एक प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ थाना कांड संख्या 151/25 के तहत मामला दर्ज बताया गया है।
अब हथियार और कारतूस की बरामदगी के बाद उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद पिस्टल किसकी है और महिला के पास यह हथियार कैसे पहुंचा।
SDPO ने बताई पूरी कार्रवाई
बिरौल के एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 29 जुलाई को घनश्यामपुर थाना के सरकारी नंबर पर पिस्टल के साथ डांस करती महिला का वीडियो प्राप्त हुआ था। वीडियो का सत्यापन विभिन्न चौकीदारों के माध्यम से कराया गया।
सत्यापन के बाद महिला की पहचान सिरसिया गांव निवासी राम गुलाम यादव की पत्नी लाखो देवी के रूप में हुई। इसके बाद थानाध्यक्ष आलोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम बनाई गई और महिला के घर पर छापेमारी की गई।
एसडीपीओ के मुताबिक, तलाशी के दौरान घर में रखे बक्से से मैगजीन सहित एक पिस्टल, एक अतिरिक्त मैगजीन और एक छोटे बैग से दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। कारतूस पर KF 7.65 अंकित था।
हथियारों के साथ रील बनाने पर पुलिस की नजर
सोशल मीडिया के दौर में कम समय में लोकप्रिय होने की चाह में लोग अलग-अलग तरह के वीडियो बनाते हैं। कई बार यही शौक कानून की सीमा तक पहुंच जाता है। हथियारों के साथ वीडियो बनाना और उसे सोशल मीडिया पर डालना पुलिस के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है।
दरभंगा के इस मामले में भी एक वायरल वीडियो पुलिस के लिए कार्रवाई का आधार बना। वीडियो की पहचान से लेकर घर पर छापेमारी और हथियार बरामद करने तक पुलिस ने कई स्तरों पर जांच की।
मामले की आगे की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि पिस्टल महिला के पास कब से थी, हथियार उसे किसने उपलब्ध कराया और वायरल वीडियो बनाने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।
फिलहाल पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हथियार और कारतूस की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाल रही हैं।













