कीरत यादव की रिपोर्ट
जौनपुर। लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति एक बार फिर उजागर कर दी है। ग्राम सभा कुलहनामऊ की हरिजन बस्ती को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों जलभराव और कीचड़ की गंभीर समस्या से जूझ रही है। सड़क पर जमा गंदा पानी और फिसलन भरी कीचड़ के कारण स्थानीय लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग बस्ती का प्रमुख संपर्क रास्ता है, लेकिन उचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने से प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों के लिए इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा बन गया है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत से शीघ्र समाधान की मांग की है।
जल निकासी नहीं होने से सड़क बनी परेशानी का कारण
ग्रामीणों के अनुसार लगातार बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो गया है। निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह पानी कई दिनों तक सड़क पर ही ठहरा रहता है। परिणामस्वरूप पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी कठिन हो गया है।
बरसात के दौरान सड़क की सतह दिखाई नहीं देने से कई बार लोग फिसलकर गिर चुके हैं। दोपहिया वाहन चालक भी दुर्घटना की आशंका के चलते बेहद सावधानी से वाहन चलाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
हरिजन बस्ती का प्रमुख संपर्क मार्ग
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सड़क हरिजन बस्ती के लिए जीवनरेखा के समान है। इसी मार्ग से ग्रामीण बाजार, विद्यालय, अस्पताल, सरकारी कार्यालय और अन्य आवश्यक स्थानों तक पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क की बदहाल स्थिति का सीधा प्रभाव लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में बच्चों का विद्यालय जाना मुश्किल हो जाता है। बीमार व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने में भी काफी दिक्कत होती है। महिलाओं और बुजुर्गों को कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने में सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने बताई अपनी पीड़ा
रामराज, रामजनक, प्रदीप, सुनील, अनिल, राहुल और धनराजी सहित अनेक ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है। हर बारिश के मौसम में सड़क पर जलभराव हो जाता है और लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। उनका मानना है कि यदि समय रहते नाली का निर्माण कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था कर दी जाए तो इस समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है।
ग्राम प्रधान ने अतिक्रमण को बताया मुख्य वजह
ग्राम प्रधान शिवधारी यादव ने इस समस्या के पीछे सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने नाली बनने वाली जगह पर अतिक्रमण कर लिया है, जिसके कारण जल निकासी व्यवस्था विकसित नहीं हो पा रही है।
उन्होंने बताया कि बारिश का पानी निकलने का रास्ता बंद होने से पूरा पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे कीचड़ और जलभराव की स्थिति पैदा होती है। यदि अतिक्रमण हट जाए तो नाली निर्माण का कार्य आसानी से कराया जा सकता है।
जल्द होगी कार्रवाई, नाली निर्माण का दिया भरोसा
ग्राम प्रधान शिवधारी यादव ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि ग्राम पंचायत इस समस्या को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पहले अतिक्रमण हटाने की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर नाली का निर्माण कराया जाएगा ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि नाली बनने के बाद सड़क पर जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी और लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
स्थानीय लोगों ने उठाई शीघ्र समाधान की मांग
स्थानीय निवासी राम जनक ने भी सड़क की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रोजमर्रा के कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। बरसात के दिनों में सड़क की हालत इतनी खराब हो जाती है कि लोगों को निकलने में डर लगता है।
उन्होंने ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत के साथ-साथ जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं विकास की आधारशिला मानी जाती हैं। यदि जल निकासी व्यवस्था समय पर विकसित नहीं होती तो नई सड़कें भी कुछ वर्षों में क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सड़क निर्माण के साथ-साथ मजबूत ड्रेनेज सिस्टम होना अत्यंत आवश्यक है।
कुलहनामऊ ग्राम सभा की यह समस्या भी इसी ओर संकेत करती है कि केवल सड़क निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके रखरखाव और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था भी उतनी ही आवश्यक है। यदि ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्तावित कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूरी कर दी जाती है तो न केवल हरिजन बस्ती के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि भविष्य में बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों से भी बचा जा सकेगा।
फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें ग्राम पंचायत की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि अतिक्रमण हटाने और नाली निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू होगा, जिससे वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा।













