जौनपुर

गजेंद्रपुर घाट पर गोमती नदी पर बना पीपा पुल शुरू, जौनपुर-सुल्तानपुर के बीच दूरी घटी

राम कीर्ति यादव की रिपोर्ट

बदलापुर क्षेत्र से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां गजेंद्रपुर घाट पर बहने वाली गोमती नदी पर लंबे इंतजार के बाद पीपा पुल का निर्माण आखिरकार पूरा हो गया है। करीब 59 लाख रुपये की लागत से बने इस पुल पर अब आवाजाही भी शुरू हो चुकी है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलने लगी है।

इस पुल के बन जाने से जौनपुर की पश्चिमी सीमा अब सीधे सुल्तानपुर जिले से जुड़ गई है। पहले जहां लोगों को नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था, वहीं अब वे आसानी से इस पुल के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं। यह बदलाव सिर्फ सुविधा ही नहीं, बल्कि समय और दूरी दोनों की बचत का भी बड़ा जरिया बन गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले गजेंद्रपुर घाट पर नदी पार करना जोखिम भरा और समय लेने वाला काम था। बरसात के मौसम में तो स्थिति और भी कठिन हो जाती थी, जब नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नाव से आना-जाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता था। लेकिन अब इस पीपा पुल के बनने से लोगों को इन समस्याओं से काफी हद तक निजात मिल गई है।

इस पुल के माध्यम से जौनपुर के कम्मरपुर, लखनेपुर, गौरा, गजेंद्रपुर और कृष्णापुर जैसे गांव अब सीधे सुल्तानपुर के गजेंद्रपुर, गायत्री नगर, समोधपुर और करौंदी से जुड़ गए हैं। इससे न सिर्फ लोगों का आपसी संपर्क बढ़ेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अब लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए 10 से 15 किलोमीटर तक की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

इस परियोजना को लेकर क्षेत्रीय विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि यह पुल क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गजेंद्रपुर गांव के पास ‘आदि गंगा’ कही जाने वाली गोमती नदी पर इस पुल का निर्माण कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल था। उन्होंने इस मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया, जिसके बाद इस परियोजना को मंजूरी मिली और अब इसका निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।

विधायक ने यह भी कहा कि इस पुल के बनने से विशेष रूप से सुईथाकला क्षेत्र और सुल्तानपुर जनपद के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब दोनों जिलों के बीच आवागमन आसान होने से सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। किसान अपने उत्पाद को आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे, वहीं छात्र-छात्राओं को स्कूल और कॉलेज जाने में भी सुविधा होगी।

पुल के निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में काफी उत्साह और खुशी देखने को मिल रही है। गंगा प्रसाद सिंह, राजेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, धर्मेंद्र सरोज, रोहित तिवारी और अंबुज तिवारी सहित कई ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि यह पुल उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है और अब उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वर्षों से वे इस पुल के निर्माण की मांग कर रहे थे। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब जाकर उनकी यह मांग पूरी हुई है। इस कारण क्षेत्र में एक तरह का उत्सव जैसा माहौल है और लोग इसे विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

कुल मिलाकर, गजेंद्रपुर घाट पर बना यह पीपा पुल सिर्फ एक ढांचा नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जिंदगी को आसान बनाने वाला माध्यम बन गया है। यह पुल न केवल दो जिलों को जोड़ता है, बल्कि दिलों और संभावनाओं को भी करीब लाता है। आने वाले समय में यह क्षेत्र के विकास में एक मजबूत आधार साबित होगा और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

CLICKABLE FACT

गजेंद्रपुर घाट पर गोमती नदी पर बना पीपा पुल अब शुरू हो चुका है, जिससे जौनपुर और सुल्तानपुर के बीच दूरी 10-15 किमी कम हो गई है।


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