चित्रकूट

चित्रकूट में निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर, 100+ मरीजों को मिला चश्मा और उपचा

संजय सिंह राणा की रिपोर्ट

चित्रकूट: जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के तत्वावधान में मानिकपुर के पाठा क्षेत्र स्थित बजरंग इंटर कॉलेज, सपहा में 29 अप्रैल 2026 को एक निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं चश्मा वितरण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस जनकल्याणकारी पहल में सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट, जानकीकुंड चित्रकूट का विशेष सहयोग रहा। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी आंखों की जांच कराई और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

इस चित्रकूट नेत्र शिविर में करीब 100 से अधिक मरीजों ने भाग लिया। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने आधुनिक उपकरणों की सहायता से प्रत्येक मरीज की आंखों की गहन जांच की। जांच के बाद जिन मरीजों में दृष्टिदोष पाया गया, उन्हें मौके पर ही निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया गया। वहीं, जिन मरीजों में मोतियाबिंद जैसी गंभीर समस्या पाई गई, उन्हें आगे के उपचार और ऑपरेशन के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया।

ग्रामीण अंचल के लिए बड़ी राहत

पाठा क्षेत्र, जो कि चित्रकूट का एक दूरस्थ और पिछड़ा इलाका माना जाता है, वहां इस प्रकार के मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का आयोजन स्थानीय लोगों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग अक्सर आंखों की नियमित जांच नहीं करा पाते, जिसके कारण छोटी समस्याएं भी गंभीर रूप ले लेती हैं। ऐसे में इस शिविर ने ग्रामीणों को न केवल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई, बल्कि उन्हें जागरूक भी किया।

शिविर में पहुंचे कई बुजुर्गों और महिलाओं ने बताया कि वे लंबे समय से आंखों की समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण इलाज संभव नहीं हो पा रहा था। इस आयोजन के माध्यम से उन्हें निःशुल्क जांच, चश्मा और उचित परामर्श प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें काफी राहत मिली।

डॉक्टरों ने दी स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सलाह

शिविर में मौजूद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच के साथ-साथ उन्हें आंखों की देखभाल के प्रति जागरूक भी किया। डॉक्टरों ने बताया कि आंखें शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनकी नियमित देखभाल जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि धूल, धूप और प्रदूषण से आंखों को बचाएं, संतुलित आहार लें और समय-समय पर नेत्र परीक्षण कराते रहें।

चिकित्सकों ने यह भी कहा कि यदि आंखों में जलन, धुंधलापन या दर्द जैसी समस्या महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, ताकि बीमारी को प्रारंभिक अवस्था में ही रोका जा सके।

समाजसेवियों का सराहनीय योगदान

इस आयोजन की सफलता में कई समाजसेवियों और स्थानीय सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में एडवोकेट प्रखर पटेल, समाजसेवी मुकेश कुमार, डॉ. श्रीकांत पाण्डेय, कमलेश प्रसाद, विपिन, सुशील सिंह, उमेन्द्र, वीरेंद्र, शशिप्रभा, मानवी, राज, अंकित और धीरेन्द्र सहित अन्य लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

इन सभी ने शिविर में आए मरीजों के पंजीकरण, जांच व्यवस्था, चश्मा वितरण और मार्गदर्शन में सहयोग किया, जिससे पूरा आयोजन सुचारु और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सका।

लोगों ने की पहल की सराहना

स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के निःशुल्क चिकित्सा शिविर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के लोगों के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। इससे न केवल उन्हें इलाज मिलता है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।

कई लोगों ने यह भी मांग की कि ऐसे शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे प्रयास

आयोजकों ने बताया कि उनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

चित्रकूट के मानिकपुर क्षेत्र में आयोजित यह निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर एक सराहनीय पहल है, जिसने 100 से अधिक लोगों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाया। इस प्रकार के आयोजन न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में सहयोग और सेवा की भावना को भी मजबूत करते हैं।

यदि इसी प्रकार समाजसेवी संस्थाएं और संगठन आगे आते रहे, तो निश्चित ही ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

 

❓ जरूरी सवाल-जवाब (FAQ)

📍 चित्रकूट में नेत्र परीक्षण शिविर कब और कहां आयोजित हुआ?

यह शिविर 29 अप्रैल 2026 को बजरंग इंटर कॉलेज, सपहा, मानिकपुर (पाठा क्षेत्र), चित्रकूट में आयोजित किया गया।

👁️ इस नेत्र शिविर में कितने मरीजों को लाभ मिला?

इस शिविर में लगभग 100 से अधिक मरीजों ने अपनी आंखों की जांच कराई और उन्हें उपचार एवं चश्मा प्रदान किया गया।

👓 क्या मरीजों को निःशुल्क चश्मा भी दिया गया?

हां, जिन मरीजों में दृष्टिदोष पाया गया उन्हें मौके पर ही निःशुल्क चश्मा वितरित किया गया।

🏥 गंभीर मरीजों के लिए क्या व्यवस्था की गई?

मोतियाबिंद जैसे गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन हेतु उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया।

🤝 इस शिविर का आयोजन किन संस्थाओं ने किया?

इस शिविर का आयोजन बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा द्वारा किया गया, जिसमें सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट, जानकीकुंड चित्रकूट का सहयोग रहा।

🌿 क्या भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित होंगे?

हां, आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी क्षेत्र की जनता के हित में ऐसे स्वास्थ्य और जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

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