पाठा क्षेत्र के कोल आदिवासियों के बीच भगवान भजनाश्रम द्वारा खाद्य सामग्री वितरण
अक्षय तृतीया पर मानव सेवा की मिसाल
चित्रकूट जनपद के दुर्गम और आदिवासी बहुल पाठा क्षेत्र में स्थित कोल बस्तियों में श्री भगवान भजनाश्रम, वृंदावन शाखा चित्रकूट द्वारा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर जरूरतमंद परिवारों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण कर सेवा और संवेदना का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया गया। इस सेवा कार्य के माध्यम से लगभग 125 जरूरतमंद कोल आदिवासी परिवारों तक आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाई गई, जिससे क्षेत्र में सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदना की भावना मजबूत हुई।
अक्षय तृतीया पर सेवा कार्य
बना सामाजिक सहयोग का संदेश
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्री भगवान भजनाश्रम वृंदावन के कोषाध्यक्ष बिहारी लाल शर्राफ के निर्देशानुसार यह सेवा अभियान संचालित किया गया। इस अवसर पर वृंदावन स्थित फोगला आश्रम में लगभग डेढ़ सौ संतों को भी खाद्य सामग्री वितरित की गई। स्वयं बिहारी लाल शर्राफ द्वारा इस सेवा कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई गई, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और महत्व और बढ़ गया।
चित्रकूट क्षेत्र में संचालित इस सेवा अभियान के अंतर्गत मानिकपुर कोलान घाटी में निवास कर रहे कोल आदिवासियों के बीच जाकर खाद्य सामग्री वितरित की गई। इस दौरान स्थानीय स्तर पर भजनाश्रम के प्रबंधक रामावतार यादव ने वितरण कार्य का नेतृत्व करते हुए जरूरतमंद परिवारों तक सामग्री पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
125 परिवारों को मिली आवश्यक सामग्री
राहत और सहारा
सेवा अभियान के दौरान कुल 6 कुंतल आटा, दाल, एक कुंतल शक्कर, एक कुंतल खाद्य तेल, नमक, सब्जी मसाला, साबुन, निरमा सहित अन्य आवश्यक घरेलू उपयोग की वस्तुएं वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त प्रत्येक परिवार को गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए ठंडा पानी संग्रह के लिए एक-एक घड़ा भी प्रदान किया गया।
भीषण गर्मी के मौसम में यह घड़ा वितरण आदिवासी परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए आगामी दिनों में भी ऐसे सेवा कार्य जारी रखने की अपेक्षा व्यक्त की।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों
की रही सक्रिय उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें केशव प्रसाद यादव (पूर्व सदस्य जिला उपभोक्ता फोरम आयोग), शंकर प्रसाद यादव (सभासद), पूर्व पुलिस निरीक्षक राजेंद्र शर्मा, सरैया प्रधान प्रतिनिधि शिवनरेश, महेश कोल, मैयादीन कुशवाहा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता निभाई।
उपस्थित लोगों ने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल समाज के कमजोर वर्गों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता को भी मजबूत करती है।
पिछले 50 वर्षों से जारी
निरंतर सेवा परंपरा
विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह है कि श्री भगवान भजनाश्रम वृंदावन से जुड़े बिहारी लाल शर्राफ एवं उनके सहयोगियों द्वारा पिछले लगभग 50 वर्षों से चित्रकूट जनपद की गरीब बस्तियों में अन्न सेवा, वस्त्र वितरण और कंबल वितरण जैसे सेवा कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। इस सेवा परंपरा को स्थानीय स्तर पर प्रबंधक रामावतार यादव के माध्यम से व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाता है।
इसके अलावा चित्रकूट क्षेत्र के साधु-संतों, आश्रमों और धर्मशालाओं में निवास कर रहे जरूरतमंद संतों एवं श्रद्धालुओं को भी समय-समय पर अन्न सेवा प्रदान की जाती रही है। यह सेवा कार्य न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
स्थानीय लोगों ने जताया आभार
और दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने बिहारी लाल शर्राफ तथा उनके सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके दीर्घायु और निरंतर सेवा कार्य करते रहने की कामना की। साथ ही आगामी गर्मी के मौसम में घड़ा वितरण अभियान को और अधिक विस्तार देने की मांग भी की गई।
केशव प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि बिहारी लाल शर्राफ और उनके सहयोगियों द्वारा किया जा रहा आर्थिक सहयोग चित्रकूट के कोल आदिवासी समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। इस प्रकार की छोटी-छोटी सहयोगात्मक पहलें मिलकर समाज के कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।
मानव सेवा के माध्यम से
सामाजिक परिवर्तन का प्रयास
भगवान भजनाश्रम द्वारा किया गया यह सेवा अभियान केवल खाद्य सामग्री वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के जरूरतमंद वर्गों तक संवेदना, सहयोग और सम्मान पहुंचाने का एक सतत प्रयास भी है। इस प्रकार की पहलें समाज में सहयोग की संस्कृति को मजबूत करती हैं और अन्य संस्थाओं को भी प्रेरणा देती हैं कि वे आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सहायता करें।
📌 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
पाठा क्षेत्र में कितने परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की गई?
लगभग 125 जरूरतमंद कोल आदिवासी परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की गई।
खाद्य सामग्री वितरण किस अवसर पर किया गया?
यह सेवा अभियान अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आयोजित किया गया।
वितरण में किन-किन सामग्रियों को शामिल किया गया?
आटा, दाल, शक्कर, खाद्य तेल, नमक, मसाले, साबुन, निरमा और प्रत्येक परिवार को एक-एक घड़ा वितरित किया गया।
यह सेवा कार्य कितने वर्षों से जारी है?
चित्रकूट क्षेत्र में यह सेवा कार्य लगभग 50 वर्षों से निरंतर जारी है।
इस सेवा अभियान का संचालन किसके मार्गदर्शन में हुआ?
यह सेवा अभियान बिहारी लाल शर्राफ के निर्देशन तथा रामावतार यादव के स्थानीय प्रबंधन में संचालित हुआ।











