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मुख्य चौक पर कूड़ाघर से बढ़ी मुश्किलें, स्थानांतरण की मांग तेज

हरकेश नगर RWA ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

रिपोर्ट: परवेज़ अंसारी

नई दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले के ओखला फेज-2 में स्थित हरकेश नगर के मुख्य चौराहे पर बने कच्चे माल को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी अब चरम पर पहुंच गई है। रेजिडेंट डेंटल एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने इस गंभीर समस्या वाले क्षेत्र को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल प्रभाव से अन्य स्थानों पर स्थानांतरण की मांग की है। आरडब्ल्यूए के महासचिव रोमी भड़ाना ने अपने पत्र में क्षेत्र की स्थिर स्थिति का विस्तार करते हुए इसमें जनस्वास्थ्य, यातायात और पर्यावरण से जुड़े बड़े संकट के बारे में बताया है।

हरकेश नगर, एसोसिएटेड सर्टिफिकेट करीब एक लाख के आसपास बताई जा रही है, पिन की फैक्ट्री वाला प्लांट है। यहां का मुख्य चौक न केवल सुझाव का मुख्य मार्ग है, बल्कि आस-पास का बाजार और रिआशिश एशियाना की वजह से भारी भीड़ भी रहती है। ऐसे में इसी मुख्य चौक पर स्थित कूड़ाघर स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। आरडब्ल्यूए का कहना है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब स्थिति खराब हो गई है, इसका स्थायी समाधान जरूरी हो गया है।

प्रभाव पर प्रभाव, प्रतिदिन लगता है जाम

मुख्य सड़क से पहले ही संकरी है और जब यहां वाहन उठाने के लिए बड़ी-बड़ी जगहें होती हैं, तो भारी जाम लग जाता है। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को परेशानी होती है, बल्कि कामकाजी लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी देरी का सामना करना पड़ता है। सुबह और शाम के समय और व्यस्त समय में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब सड़क पर पूरी तरह से जाम हो जाता है तो लोगों को वैकल्पिक मकानों का सहारा लेना पड़ता है।

कूड़े के ढेर और सफाई व्यवस्था पर प्रश्न

आरडब्ल्यूई ने अपने पत्र में बताया है कि कई छोटे-छोटे ट्रकों का उठाव किया जाता है, लेकिन भारी मात्रा में होने के कारण पूरा सामान साफ ​​नहीं हो पाता है। परिणाम स्वरूप, कूड़े का अंबार लगा रहता है और आसपास के जंगलों में कूड़ा-कचरा रहता है। यह स्थिति न केवल देखने में बुरी लगती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है।

मोटरबाइक डील और खतरा

कचराघर से बाहरी रेस्तरां के आसपास कचराघर की सड़कें और मुख्य चौक तक पहुंचा जाता है, जहां गाय और अन्य पशु वाहन चलते हैं। इस तरह के दांतों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और साथ ही पूरे क्षेत्र में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मच्छरों और मकड़ियों की संख्या बहुत बढ़ जाती है, जिससे रचनाएँ और अन्य विद्वानों का खतरा बना रहता है।

रेलवे ट्रैक के पास खतरा

रेलवे ट्रैक के पास ही रेलवे ट्रैक होने की उचित स्थिति और भी खरीदारी हो जाती है। अधिक मात्रा में पैक से उसका कुछ हिस्सा जेट तक पहुंच जाता है, जिससे भविष्य में किसी भी बड़ी रेल दुर्घटना से होने वाले खतरे को ठीक नहीं किया जा सकता है। आरडब्ल्यूई ने इस मुद्दे पर विशेष रूप से प्रशासन से ऊर्जावान ध्यान आकर्षित करने की अपील की है।

विश्राम और व्यवस्था व्यवस्था पर प्रभावोत्पादक

कचराघर के पास स्थित कचराघर में कचरा जमा होने के कारण कृषक प्रणाली भी प्रभावित हो रही है। मछुआरों का सूखा पानी लोगों के घरों तक पहुँच जाता है। यह स्थिति स्थानीय मूल निवासियों के लिए बेहद खतरनाक है और इससे जलजनित खतरा भी बढ़ रहा है।

रोबोट से रोबोटिक होता है

जब कोल्ड स्टोरेज मुख्य बाजार से थोक में हटाए गए हैं, तो उनकी लॉन्च वाली तेज दुर्गंध पूरे इलाके का महासागरीय खराब कर रही है। तथ्य का कहना है कि इस स्ट्रैबलिक के कारण ग्राहक बाजारों में रुकना पसंद नहीं करते, जिससे उनके व्यवसाय पर भी बुरा असर पड़ रहा है। वहीं, बाजार में काम करने वाले लोगों के लिए भी यह स्थिति बेहद असंतुलित हो गई है।

माध्यमिक पर गिरता प्लांट, बहुसंख्यक संयंत्र

कच्ची बनी माल वाली डिजाइनर ऊपर तक भरी होती हैं और कई बार ढली नहीं होतीं। इसका कारण समय-समय पर सड़कों पर गिरता रहता है। यह कचरा सड़क पर ही रहता है और धूप के मौसम का कारण बनता है, जिससे गंभीर खतरे का खतरा और वृद्धि होती है। स्थानीय लोग इसमें प्रशासन की विविधता मानते हैं और नियमित पर्यवेक्षक की मांग कर रहे हैं।

वास्तविक और संभावना की परेशानी

मुख्य बाजार में स्थित इस मोटरसाइकिल के कारण भारी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। नोटबंदी के कारण निवेशकों की संख्या कम हो रही है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। कई कहावतें हैं कि इस मनहूस में काम करना मुश्किल हो गया है और अगर जल्द ही समाधान नहीं हुआ, तो उन्हें दुकान तक बंद करना पड़ सकता है।

वैकल्पिक स्थान का सुझाव

आरडब्ल्यूई ने अपने पत्र में यह भी बताया है कि दिल्ली नगर निगम की मुख्य सड़क हरकेश नगर मेट्रो स्टेशन के पास काफी खाली जमीन पड़ी है। यदि रिस्टोरेशन को वहां स्थानांतरित किया जाए, तो समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है। उस स्थान पर सड़क चौड़ी है, जिससे बड़ी सुविधा से आसानी से उठाई जा सकने वाली जेल और मुख्य बिक्री पर जाम की समस्या भी नहीं होगी।

नाजायज में जल्द ही एक्शन की मांग

आस्था रोमी भड़ाना ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि जल्द ही इस होटल को जापान के स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाए। उनका कहना है कि इससे केवल इलाके के लोगों को राहत नहीं मिलेगी, बल्कि स्वच्छता और यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।

स्थानीय क्षेत्र में अब प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद है। उनका मानना ​​है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

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