गोंडा

घूसखोर विकास अधिकारी गिरफ्तार : जन्म प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर मांगे थे 10 हजार रुपये

रिपोर्ट: चुन्नीलाल प्रधान

गोंडा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ग्राम विकास अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के बदले 10 हजार रुपये की घूस मांग रहा था। टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ लिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है और अब यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई

यह पूरा मामला विकासखंड बभनजोत का है, जहां तैनात ग्राम विकास अधिकारी उमेश कुमार भारती के खिलाफ कोल्हुई ग्राम पंचायत निवासी अजमल ने एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अजमल के दोस्त अजहरुद्दीन के तीन बच्चों—महमुदुद्दीन, समसू निशा खान और फरहीन खान—के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अधिकारी लगातार 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था।

आरोप यह भी था कि बिना रिश्वत दिए जन्म प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जा रहे थे, जिससे परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तब जाकर शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया।

एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल

शिकायत मिलते ही एंटी करप्शन टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और सत्यापन के बाद ट्रैप प्लान तैयार किया। शिकायतकर्ता को निर्देश दिया गया कि वह आरोपी को रिश्वत की रकम देने के लिए तैयार रहे, ताकि रंगे हाथ गिरफ्तारी की जा सके।

गुरुवार दोपहर को जैसे ही ग्राम विकास अधिकारी ने 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से मौके पर तैनात टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि टीम के दो अधिकारी आरोपी के हाथ पकड़ते हैं, जबकि तीसरा अधिकारी उसकी जेब से पैसे बरामद करता है।

मौके पर बरामद हुए रिश्वत के पैसे

एंटी करप्शन टीम ने आरोपी की जेब से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली और उसे जब्त कर लिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

मुकदमा दर्ज, जेल भेजा गया आरोपी

एंटी करप्शन थाना प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि आरोपी ग्राम विकास अधिकारी को मनकापुर कोतवाली लाया गया, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आगे की कार्रवाई के तहत आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक उसे गोरखपुर जेल भेजा गया है।

आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार ग्राम विकास अधिकारी उमेश कुमार भारती मूल रूप से बलिया जिले के नगरा थाना क्षेत्र के डिहवा (नई बस्ती) गांव का निवासी बताया जा रहा है। वह लंबे समय से बभनजोत विकासखंड में तैनात था। स्थानीय लोगों के अनुसार, उसकी कार्यशैली को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही थीं, हालांकि इस बार पुख्ता सबूत के साथ कार्रवाई हुई है।

विभाग ने किया निलंबित

घटना के बाद संबंधित विभाग ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वह पहले भी इसी तरह की गतिविधियों में लिप्त तो नहीं रहा।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कार्रवाइयां बेहद जरूरी हैं।

आम जनता के लिए राहत

ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने में लोगों को अक्सर परेशानी होती है और कई बार उन्हें रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसे में गोंडा की यह कार्रवाई आम जनता के लिए राहत भरी खबर है और यह विश्वास दिलाती है कि शिकायत करने पर कार्रवाई जरूर होती है।

गोंडा में हुई यह कार्रवाई न केवल एक भ्रष्ट अधिकारी की गिरफ्तारी है, बल्कि यह पूरे सिस्टम के लिए एक चेतावनी भी है। अगर आम लोग जागरूक होकर आवाज उठाएं और प्रशासन तत्परता दिखाए, तो भ्रष्टाचार जैसी समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

 

🔎 जरूरी सवाल-जवाब (FAQ)
गोंडा में ग्राम विकास अधिकारी को क्यों गिरफ्तार किया गया?

ग्राम विकास अधिकारी को जन्म प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने और लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने के कारण गिरफ्तार किया गया।

एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई कैसे की?

शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप प्लान बनाया और शिकायतकर्ता के माध्यम से रिश्वत दिलवाकर आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया।

आरोपी से कितनी रिश्वत बरामद हुई?

टीम ने आरोपी की जेब से 10 हजार रुपये रिश्वत की रकम मौके पर ही बरामद की।

आरोपी अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?

आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है और विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया है।

यह मामला किस जिले का है?

यह मामला उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के बभनजोत विकासखंड से जुड़ा हुआ है।

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