छेड़छाड़ व अभद्रता के आरोप को महिलाओं ने बताया निराधार…
मंदिर परिसर विवाद में जांच जारी, दोनों पक्ष आमने-सामने
चित्रकूट जनपद के मानिकपुर कस्बे के तिगलिया क्षेत्र में स्थित राम जानकी मंदिर से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचती हैं, वहीं से छेड़छाड़ और अभद्रता के आरोपों की शुरुआत होने से पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। एक महिला, जो नियमित रूप से मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए जाती है, ने आरोप लगाया कि मंदिर के आसपास कुछ लोग शराब पीकर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और वातावरण को असहज बना देते हैं।
📌 पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली मानिकपुर के प्रभारी निरीक्षक ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा सकती, इसलिए शिकायत मिलते ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनाक्रम की वास्तविकता जानने का प्रयास किया जा रहा है।
⚖️ तहसील समाधान दिवस में उठी कार्रवाई की मांग
इसी बीच, तहसील समाधान दिवस के दौरान भी यह मामला सामने आया, जहां कई महिलाओं ने प्रार्थना पत्र देकर मुकेश सोनी, छोटेलाल गुप्ता, दिनेश सोनी और सुधीर कुमार, जो आर्य नगर के निवासी बताए जा रहे हैं, के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की। इन महिलाओं का कहना था कि मंदिर परिसर में होने वाली गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल इस शिकायत को भी जांच प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है।
📢 जनसुनवाई पोर्टल पर भी दर्ज हुई शिकायत
मामले में एक और पहलू तब जुड़ा जब गीता सोनी, जो संतोष सोनी उर्फ मुकेश सोनी की पत्नी हैं, ने जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से महिला कल्याण विभाग में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत में उन्होंने अपने पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। इससे स्पष्ट है कि मामला अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीरता से लिया जा रहा है।
👩👩👧👧 दर्जनों महिलाओं ने किया आरोपों का खंडन
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब आर्य नगर क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं ने सामूहिक रूप से शासन-प्रशासन को एक पत्र सौंपा। इस पत्र में महिलाओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि मंदिर परिसर में उनके साथ कभी किसी प्रकार की छेड़छाड़ या अभद्रता नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि वे नियमित रूप से मंदिर में पूजा करने जाती हैं और वहां का वातावरण पूरी तरह शांत और धार्मिक होता है।
महिलाओं ने यह भी कहा कि मंदिर में आने-जाने वाली अन्य महिलाओं के साथ भी किसी प्रकार की कोई अशोभनीय घटना नहीं होती। न तो कोई व्यक्ति शराब पीकर गाली-गलौज करता है और न ही किसी तरह की बदसलूकी की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुकेश सोनी, दिनेश सोनी, छोटेलाल गुप्ता और सुधीर कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और इनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
🧾 आरोपितों ने भी दी सफाई
मामले में नामजद मुकेश सोनी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पूरा मामला एक जमीनी विवाद का परिणाम है। उनके अनुसार, उन्हें जानबूझकर साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
वहीं आरोपी छोटेलाल गुप्ता ने भी आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वे एक व्यापारी हैं और अपने व्यवसाय में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने काम से ही फुर्सत नहीं मिलती, ऐसे में इस प्रकार के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
👮♂️ जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस तरह के मामलों में जहां एक ओर महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि होती है, वहीं दूसरी ओर झूठे आरोपों की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
⚠️ सामाजिक संतुलन की कसौटी बना मामला
यह मामला अब केवल एक शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक संतुलन और आपसी विश्वास की कसौटी बन गया है। एक ओर गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी ओर उन्हीं आरोपों का सामूहिक खंडन भी सामने आया है। ऐसे में सच्चाई तक पहुंचना प्रशासन के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के मामलों में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होता, क्योंकि इससे निर्दोष लोगों की छवि प्रभावित हो सकती है। वहीं यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी जरूरी है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
मामला किससे जुड़ा है?
यह मामला मंदिर परिसर में कथित छेड़छाड़ और अभद्रता के आरोपों से जुड़ा है।
क्या आरोप सिद्ध हो चुके हैं?
नहीं, पुलिस जांच जारी है और अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
महिलाओं ने क्या कहा?
दर्जनों महिलाओं ने आरोपों को निराधार बताते हुए आरोपितों को निर्दोष बताया है।
आरोपितों का क्या कहना है?
आरोपितों का कहना है कि यह मामला जमीनी विवाद के चलते साजिश के तहत बनाया गया है।
पुलिस क्या कर रही है?
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और सभी पक्षों के बयान लेकर जांच कर रही है।
फिलहाल यह मामला जांच के दौर में है और सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामला किस दिशा में आगे बढ़ेगा।











