प्रधानमंत्री आवास योजना में ‘अपात्रों का राज’: बन्थरा में लाभार्थियों की सूची पर उठे गंभीर सवाल
प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी भ्रष्टाचार जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता के कारण
लखनऊ बन्थरा प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी भ्रष्टाचार जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता के कारण कोई कार्यवाही नहीं लाभार्थियों की सूची को सार्वजनिक करने से बच रहे अधिकारी।
मामले का विवरण
मामला – नगर पंचायत बन्थरा क्षेत्र के अंतर्गत सरकारी योजनाओं में क्षेत्रीय नेताओं व कार्यदाई संस्था डूडा परियोजना अधिकारी तथा अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत में करोड़ों रुपए के बंदरबांट व धन उगाही करने के वीडियो आडियो से लेकर अन्य क्षेत्रीय प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। बाबजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं हुई साथ ही जबाब देने से बचते हुए नजर आ रहे हैं।
838 लाभार्थियों को लाभ
आपको बताते चलें कि प्रधानमंत्री आवास योजना बर्ष 2025-26 की सूची में शामिल 838 लाभार्थियों प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाया गया और पहली किस्त एक लाख रुपए की धनराशि अवमुक्त कराई जा चुकी है।
पात्रों को दरकिनार करने का आरोप
ग्रामीणो का आरोप है कि महात्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना सूची में पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों के नाम क्षेत्रीय नेताओं के हितैषी व रसूखदारों के लोगों से तय की धनराशि के अनुसार सूची में नाम शामिल लाभार्थियों को फायदा पहुंचाया गया गया है। जबकि छत विहीन लाभार्थियों को दरकिनार कर सरकार की मंशा विपरीत कार्य किया गया।
अपात्रों को लाभ मिलने के आरोप
लोगों का यह भी आरोप है कि ग्राम औरामा में स्थिति पड़ी सरकारी सुरक्षित भूमि गाटा संख्या 375.376.377.445 पर अवैध कब्जा कराने का भी जिक्र किया गया। और कुछ ऐसे लोगों को फायदा प्रधानमंत्री आवास योजना से दिया गया जों सरकारी नौकरी से रिटायर हैं और पेंशन ले रहें हैं। और दो से तीन मंजिला भारी-भरकम मकान स्थित हैं। घरों AC की मौज लेकर चार पहिया वाहनों में घूम रहे हैं। ऐसे सैंकड़ों लोगों को योजना का लाभ दिया गया है।
मीडिया जांच में खुलासा
क्षेत्र में आक्रोश उत्पन्न होने पर कुछ मीडिया कर्मियों ने सच्चाई का पता लगाने का प्रयास किया गया तों सच्चाई खुलकर सामने आ गई। जब बन्थरा नगर पंचायत से लाभार्थियों की सूची RTI के माध्यम मांगी गई तो अधिशासी अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सूची बर्ष 2025-26 से मेरा कोई लेना देना नहीं और डूडा परियोजना अधिकारी को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि सूची डूडा कार्यदाई संस्था द्वारा मिलेगी। और अपना पल्ला झाड़ लिया।
RTI में भी टालमटोल
जब डूडा परियोजना अधिकारी कार्यदाई संस्था से RTI के माध्यम में लाभार्थियों की सूची मांगी गई तो डूडा परियोजना अधिकारी ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि सूची प्राप्त कराने की मेरी कोई बाध्यता नहीं है और सूची देने से मना कर दिया गया।
सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग
सरकारी द्वारा सैकड़ों योजनाओं के माध्यम से हर ग़रीब पीड़ित असाह परिवारों फायदा पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन ग्रामीण इलाकों मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ गरीब परिवारों तक नहीं पहुंच सका और सरकारी योजनाओं का करोड़ों रुपए सरकारी अधिकारियों तथा डूडा कार्यदाई संस्था की मिलीभगत से षड्यंत्र रचा कर कूटरचित तरीके क्षेत्रीय नेताओं व रसूखदारों के इशारे पर अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं।
कार्रवाई का अभाव
सैकड़ों समाचार पत्रों के माध्यम सरकार तक सूचना पहुंचाने का प्रयास किया है। बाबजूद इसके ऐसे भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारीयों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए क्षेत्रीय रसूखदारों के हौसले बुलंद यदि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से लाभार्थियों की सूची अपने नगर पंचायत बन्थरा कार्यालय मैं सार्वजनिक एवं चश्पा करने से क्यों बच रहे हैं। इससे यह प्रतीत होता हैं। कि सच्चाई छिपाने की कोशिश की जा रही हैं।
❓ FAQs (क्लिक करें)
क्या लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक की गई?
नहीं, अधिकारियों द्वारा सूची सार्वजनिक करने से बचा जा रहा है।
क्या RTI के माध्यम से जानकारी मिली?
नहीं, RTI के बावजूद सूची उपलब्ध नहीं कराई गई।
ग्रामीणों के मुख्य आरोप क्या हैं?
ग्रामीणों का आरोप है कि पात्रों को बाहर कर अपात्रों को योजना का लाभ दिया गया है।
क्या अधिकारियों पर कार्रवाई हुई?
अब तक किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।











