“मुझे मुंबई ले चलो”… पत्नी की जिद ने उजाड़ दिया पति का चेहरा!
पत्नी को साथ ले जाने से इनकार पर भड़का विवाद, साले पर दांतों से नाक काटने का आरोप
अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पत्नी को मुंबई साथ ले जाने से इनकार करना एक युवक को इतना भारी पड़ गया कि घरेलू विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि नाराज ससुराल पक्ष ने युवक के घर पहुंचकर हमला कर दिया और मारपीट के दौरान साले ने दांतों से उसकी नाक काट ली। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया है कि ससुराल वालों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि घर में तोड़फोड़ कर उसे झूठे दहेज केस में फंसाने की धमकी भी दी। स्थानीय पुलिस पर शुरुआती लापरवाही का आरोप लगने के बाद अब अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
आर्थिक तंगी बनी विवाद की जड़
पूरा मामला बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र स्थित नीमामऊ गांव का बताया जा रहा है। गांव निवासी अर्जुन कुमार मुंबई में मजदूरी करता है और वहीं रहकर परिवार का खर्च चलाता है। करीब तीन साल पहले उसकी शादी सुमन नाम की युवती से हुई थी।
परिवार के लोगों के अनुसार, शादी के बाद कुछ समय तक सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ने लगा। सुमन लगातार अपने पति पर दबाव बना रही थी कि वह उसे भी मुंबई लेकर जाए। दूसरी ओर अर्जुन का कहना था कि उसकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वह पत्नी को अपने साथ रख सके।
मुंबई में छोटी सी मजदूरी और किराए के कमरे में रहने की मजबूरी के कारण अर्जुन पत्नी को साथ ले जाने से बच रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होने लगा।
होली के बाद फिर बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि अर्जुन होली मनाने गांव आया हुआ था। त्योहार खत्म होने के बाद जब उसने दोबारा अकेले मुंबई लौटने की तैयारी शुरू की, तो पत्नी सुमन नाराज हो गई। दोनों के बीच कहासुनी बढ़ती चली गई और मामला गंभीर विवाद में बदल गया।
आरोप है कि गुस्से में सुमन ने अपने मायके फोन कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद उसके भाई और अन्य रिश्तेदार कई बाइकों से अर्जुन के घर पहुंच गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि ससुराल वाले पहले से ही हमला करने की मंशा से आए थे।
घर में घुसकर की गई मारपीट
अर्जुन ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोगों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। परिवार के लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई।
आरोप है कि इस दौरान घर में रखे सामान को नुकसान पहुंचाया गया और पूरे परिवार में दहशत का माहौल बन गया। अचानक हुए इस हमले से गांव के लोग भी मौके पर जुट गए, लेकिन तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी।
साले ने दांतों से काटी नाक
मारपीट के दौरान हुई एक घटना ने सभी को हैरान कर दिया। अर्जुन का आरोप है कि उसके साले लवकुश ने गुस्से में उसकी नाक को दांतों से काट लिया। हमले के बाद अर्जुन बुरी तरह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और उसके चेहरे से लगातार खून बहने लगा।
परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के मुताबिक, चेहरे पर गंभीर चोट आई थी और समय रहते इलाज नहीं मिलता तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता था।
घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और लोग इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे।
दहेज केस में फंसाने की धमकी का आरोप
पीड़ित युवक ने यह भी आरोप लगाया कि हमले के बाद ससुराल पक्ष ने उसे दहेज उत्पीड़न के मामले में फंसाने की धमकी दी। अर्जुन का कहना है कि वह केवल अपनी आर्थिक मजबूरी बता रहा था, लेकिन उसकी बात समझने के बजाय विवाद को हिंसा में बदल दिया गया।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते गांव के लोग बीच-बचाव न करते तो घटना और भी गंभीर हो सकती थी।
पुलिस पर लगा लापरवाही का आरोप
घटना के बाद अर्जुन ने स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पीड़ित परिवार ने पहले सामाजिक स्तर पर समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
इसके बाद अर्जुन ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई, मगर वहां से भी तत्काल राहत नहीं मिली। आखिरकार उसे अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के निर्देश के बाद अब पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और मेडिकल रिपोर्ट सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस टीम सक्रिय बताई जा रही है।
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक तंगी और पारिवारिक तनाव के कारण आजकल छोटे विवाद भी हिंसक रूप लेने लगे हैं।
कई लोगों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष समय रहते बातचीत और समझदारी से काम लेते तो मामला यहां तक नहीं पहुंचता। वहीं सामाजिक जानकारों का कहना है कि लगातार बढ़ते घरेलू तनाव और आर्थिक दबाव के कारण परिवारों में टकराव बढ़ रहे हैं।
पारिवारिक विवादों में बढ़ रही हिंसा
विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती सामाजिक परिस्थितियों में पति-पत्नी के बीच विवाद अब केवल निजी मामला नहीं रह गया है। आर्थिक दबाव, अलग-अलग शहरों में रहना, रोजगार की अस्थिरता और पारिवारिक हस्तक्षेप कई बार रिश्तों में तनाव बढ़ा देते हैं।
बाराबंकी की यह घटना भी इसी सामाजिक बदलाव की एक खतरनाक तस्वीर मानी जा रही है, जहां एक मामूली घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और मामला अदालत तक पहुंच गया।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वहीं गांव के लोग भी पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपियों पर गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे कोई पुराना विवाद या अन्य कारण तो नहीं था।










