बच्चों से सवाल, ब्लैकबोर्ड पर गणित और शिक्षा की पड़ताल ; डीएम का स्कूलों पर औचक निरीक्षण
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी ने परखी पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षकों को दिए जरूरी निर्देश
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया जिले में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में शनिवार सुबह जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जिले के दो विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत को परखा। अचानक पहुंचे जिलाधिकारी ने बच्चों से सीधे संवाद किया, उनसे सवाल पूछे, ब्लैकबोर्ड पर गणित हल करवाया और शिक्षकों से पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर विस्तार से चर्चा की।
जिलाधिकारी का यह निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने विद्यालयों की व्यवस्थाओं, बच्चों के शैक्षिक स्तर और शिक्षकों की कार्यप्रणाली को करीब से समझने की कोशिश की। निरीक्षण के दौरान बच्चों द्वारा दिए गए संतोषजनक उत्तरों से जिलाधिकारी काफी प्रसन्न दिखाई दिए और शिक्षकों की सराहना भी की।
सुबह-सुबह स्कूल पहुंच गए जिलाधिकारी
शनिवार सुबह करीब नौ बजे जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय दानोपुर पहुंचे। अचानक डीएम के विद्यालय पहुंचने से शिक्षकों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। हालांकि विद्यालय में पढ़ाई का माहौल सामान्य मिला और बच्चे अपनी कक्षाओं में अध्ययन करते दिखाई दिए।
जिलाधिकारी ने विद्यालय में पहुंचते ही सीधे बच्चों के बीच जाकर उनसे बातचीत शुरू की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय और रोजाना की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने कक्षा दो और कक्षा पांच के विद्यार्थियों की शैक्षिक क्षमता को भी परखा।
कक्षा दो के बच्चों से पढ़वाई अंग्रेजी
प्राथमिक विद्यालय दानोपुर में जिलाधिकारी ने कक्षा दो के विद्यार्थियों से अंग्रेजी पढ़वाई। बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी के शब्द और पाठ पढ़कर सुनाए। बच्चों की तैयारी और उच्चारण देखकर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होना बेहद जरूरी है। यदि शुरुआती कक्षाओं में बच्चों की पढ़ाई मजबूत होगी तो आगे की शिक्षा भी बेहतर होगी।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उनमें समझ विकसित करने पर भी जोर दिया जाए।
ब्लैकबोर्ड पर हल करवाया गणित का सवाल
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कक्षा पांच के विद्यार्थियों को ब्लैकबोर्ड पर बुलाकर गणित के सवाल हल करने को कहा। बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों का उत्तर दिया।
बच्चों द्वारा सही उत्तर दिए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता जाहिर की और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि इसी प्रकार मेहनत और लगन के साथ बच्चों को शिक्षित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर समाज में जो धारणा बनी हुई है, उसे बदलने के लिए शिक्षकों को और अधिक मेहनत करनी होगी।
उच्च प्राथमिक विद्यालय परासिया मिश्र में भी परखी पढ़ाई
प्राथमिक विद्यालय दानोपुर के बाद जिलाधिकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय परासिया मिश्र पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यालय में नामांकन की स्थिति, छात्रों की उपस्थिति और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने कक्षा सात के विद्यार्थियों से गणित और अंग्रेजी विषय से संबंधित प्रश्न पूछे। बच्चों ने संतोषजनक उत्तर दिए, जिससे जिलाधिकारी काफी प्रभावित नजर आए।
उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा सिर्फ परीक्षा पास कराने का माध्यम नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का आधार बननी चाहिए।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य शिक्षकों की मेहनत और जिम्मेदारी पर निर्भर करता है।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यदि बच्चे विद्यालय आने और पढ़ने में रुचि लेने लगेंगे तो शिक्षा व्यवस्था स्वतः बेहतर होती चली जाएगी।
डीएम ने कहा कि बच्चों को अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए।
बाउंड्रीवाल नहीं होने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय दानोपुर में एक ओर बाउंड्रीवाल नहीं होने की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल खंड शिक्षा अधिकारी से फोन पर बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों की सुरक्षा और आधारभूत सुविधाएं भी शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
विद्यालयों में मौजूद रहे शिक्षक
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय दानोपुर में सहायक अध्यापक दिनेश सिंह, नीलम मौर्य और शिक्षामित्र पिंकी राय मौजूद रहीं। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय परासिया मिश्र में प्रधानाध्यापक अर्चना सिंह और सहायक अध्यापक पूनम सिंह उपस्थित रहीं।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों से विद्यालय की दैनिक गतिविधियों और बच्चों की पढ़ाई को लेकर जानकारी प्राप्त की।
शिक्षा व्यवस्था सुधारने की दिशा में प्रशासन सक्रिय
देवरिया जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत दिखाई दे रहा है। जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण को भी उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब प्रशासनिक अधिकारी स्वयं विद्यालयों में पहुंचकर पढ़ाई की गुणवत्ता पर नजर रखते हैं तो शिक्षकों और छात्रों दोनों में सकारात्मक संदेश जाता है। इससे शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ती है और विद्यालयों का माहौल बेहतर होता है।
सरकारी विद्यालयों में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नई शिक्षा नीति के दौर में अब केवल नामांकन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं माना जा रहा, बल्कि बच्चों की वास्तविक सीखने की क्षमता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
देवरिया में जिलाधिकारी के इस निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में ऐसे निरीक्षण और भी तेज हो सकते हैं, जिससे सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।










