जिंदा समाधि का मामला : जमीन विवाद ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किलें

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट
⚡ जमीन विवाद को लेकर महंत ने दी जिंदा समाधि की चेतावनी, प्रशासन में मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मठ की जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।
प्रशासन की कथित लापरवाही से नाराज होकर महंत ने जिंदा समाधि लेने की घोषणा कर दी, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
📍 क्या है पूरा विवाद?
रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के असंद्रा गांव में स्थित श्रीराम जानकी मठ की करोड़ों की जमीन विवाद में फंसी हुई है।
आरोप है कि एक व्यक्ति ने फर्जी वसीयत के आधार पर इस जमीन को अपने नाम करा लिया।
हालांकि प्रशासन ने 2023 में इस वसीयत को निरस्त कर दिया था, लेकिन अब तक जमीन का अंतिम निस्तारण नहीं हो सका।
🔥 जिंदा समाधि की तैयारी
प्रशासन से नाराज महंत मुकुंद पुरी ने जमीन में गड्ढा खुदवाकर जिंदा समाधि लेने की तैयारी शुरू कर दी।
उन्होंने पहले ही प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था कि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे यह कदम उठाएंगे।
📡 सोशल मीडिया LIVE से बढ़ा दबाव
घटना के दौरान एक संत ने पूरे घटनाक्रम का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया।
वीडियो में प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए गए और न्याय न मिलने पर खुद भी जिंदा समाधि लेने की बात कही गई।
🚨 प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
वीडियो वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम, सीओ और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे।
काफी समझाने के बाद महंत को शांत कराया गया और 45 दिन में समाधान का लिखित आश्वासन दिया गया।
⚖️ कानूनी पहलू
जिंदा समाधि लेना कानूनन आत्महत्या की श्रेणी में आता है, जो दंडनीय अपराध है।
यह घटना प्रशासनिक देरी और कानूनी प्रक्रिया की धीमी गति पर भी सवाल खड़े करती है।
📝 निष्कर्ष: बाराबंकी का यह मामला बताता है कि समय पर न्याय न मिलने से स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है।
अब सभी की नजरें प्रशासन पर हैं कि वह तय समय में समाधान कर पाता है या नहीं।
✍️ रिपोर्ट: अनुराग गुप्ता











