स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था खत्म, अब पोस्टपेड सिस्टम से ही बनेगा बिजली बिल
चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली को समाप्त करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। लंबे समय से इस व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं के बीच असंतोष और शिकायतें बढ़ रही थीं, जिसके बाद ऊर्जा विभाग ने यह अहम कदम उठाया। अब प्रदेश में लगे सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड पर ही काम करेंगे, यानी उपभोक्ताओं को पहले की तरह महीने के अंत में बिल मिलेगा और निर्धारित समय में उसका भुगतान करना होगा।
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार उपभोक्ताओं की परेशानियों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने दोहराया कि सरकार का मूल मंत्र “उपभोक्ता देवो भव” है और इसी भावना के तहत यह फैसला लिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों और लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए यह व्यवस्था फिलहाल समाप्त की जा रही है।
उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत
स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था लागू होने के बाद कई उपभोक्ताओं ने रिचार्ज आधारित बिजली आपूर्ति में आने वाली समस्याओं, गलत कटौती और अचानक बिजली बंद होने जैसी शिकायतें की थीं। खासतौर पर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में यह समस्या अधिक देखने को मिली। कई बार उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी न मिलने के कारण बिजली कट जाती थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी।
अब सरकार के इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को पहले की तरह सुविधा मिलेगी। बिजली का उपयोग करने के बाद महीने के अंत में बिल जनरेट होगा और उपभोक्ताओं को उसे जमा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। इससे अचानक बिजली कटने की समस्या से भी राहत मिलेगी।
क्या होगा नया सिस्टम?
सरकार के नए निर्देशों के अनुसार अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मीटर की तरह काम करेंगे। इसका मतलब है कि उपभोक्ता पहले बिजली का उपयोग करेंगे और फिर महीने के अंत में बिल का भुगतान करेंगे। बिलिंग चक्र भी पहले की तरह ही रहेगा — महीने की 1 तारीख से 30 तारीख तक की खपत का बिल अगले 10 दिनों के भीतर उपभोक्ता को एसएमएस या व्हाट्सऐप के माध्यम से भेज दिया जाएगा।
उपभोक्ताओं से यह भी अपील की गई है कि वे अपना मोबाइल नंबर बिजली विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट कराएं ताकि उन्हें समय पर बिल और अन्य जरूरी सूचनाएं मिल सकें। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि किसी भी स्थिति में महीने के भीतर बिजली आपूर्ति नहीं काटी जाएगी।
बकाया भुगतान में भी राहत
सरकार ने केवल बिलिंग सिस्टम में बदलाव ही नहीं किया है, बल्कि बकाया भुगतान को लेकर भी उपभोक्ताओं को राहत दी है। जिन उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का बकाया है, उन्हें अब इसे 10 आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं को काफी मदद मिलने की उम्मीद है।
स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक
ऊर्जा विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल पुराने मीटरों को हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया को रोक दिया गया है। यानी जिन उपभोक्ताओं के घरों में अभी पुराने मीटर लगे हैं, वे वैसे ही काम करते रहेंगे। वहीं जिन घरों में स्मार्ट मीटर पहले से लगाए जा चुके हैं, उन्हें पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाएगा।
तकनीकी शिकायतों का होगा समाधान
हालांकि स्मार्ट मीटर प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है, लेकिन जिन उपभोक्ताओं को पहले से लगे मीटरों से जुड़ी समस्याएं हैं, उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गर्मी के मौसम को देखते हुए विशेष निर्देश
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ जाती है और इस दौरान किसी भी प्रकार की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए लखनऊ स्थित शक्ति भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से बनाए रखी जाए और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सरकार का संदेश और आभार
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस फैसले के बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकार के नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के हित में यह निर्णय लिया गया है और आगे भी उनकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली को खत्म कर पोस्टपेड व्यवस्था लागू करने से उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा और पारदर्शिता मिलेगी। साथ ही, बिजली बिल भुगतान के लिए पर्याप्त समय और बकाया राशि को किश्तों में जमा करने की सुविधा से लोगों पर आर्थिक दबाव भी कम होगा।
सरकार की यह पहल न केवल उपभोक्ता संतोष को बढ़ाएगी, बल्कि बिजली विभाग और आम जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को कितना लाभ मिलता है और बिजली सेवाओं में कितना सुधार होता है।











