लखनऊ

लापरवाही की पुलिया पर दौड़ती ज़िंदगी, गंगानगर में हादसों की रफ्तार तेज

पुलिया अधूरी, व्यवस्था लाचार, गंगानगर में हर दिन हादसे बेकरार

स्मार्ट सिटी दावों पर उठे सवाल |
नगर निगम की लापरवाही से करणी सेना जिलाध्यक्ष घायल

रिपोर्ट: ठाकुर बख्श सिंह

अलीगढ़। शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में शुमार गूलर रोड चौराहा इन दिनों नागरिकों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन गया है। गायत्री पैलेस और केनरा बैंक के पास पिछले करीब 15 दिनों से चल रहा पुलिया निर्माण कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है, जिसके चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी है। निर्माण कार्य की धीमी गति और उचित वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण पूरा ट्रैफिक अब गंगानगर कॉलोनी की संकरी सड़कों से होकर गुजरने को मजबूर है।

इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर गंगानगर कॉलोनी की पुलिया और सड़कों पर पड़ा है, जो भारी वाहनों के लगातार दबाव के चलते अब क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में 10 से अधिक ई-रिक्शा और अन्य छोटे-बड़े वाहन इस क्षेत्र में पलट चुके हैं। इन हादसों में कई लोग घायल भी हुए हैं, जिससे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिया निर्माण कार्य को पूरा नहीं किया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनका आरोप है कि नगर निगम इस पूरे मामले में पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है और किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि प्रशासन की ओर से न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

इधर, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों के दावे भी अब सवालों के घेरे में हैं। जहां एक ओर नगर आयुक्त और महापौर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में तेजी से काम करने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्मार्ट सिटी योजना और सीएम ग्रेट योजना के तहत किए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की भारी कमी है। यही कारण है कि शहर में आए दिन सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं। बीते दिनों एक दवा कारोबारी की सड़क हादसे में मौत के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

ताजा मामला करणी सेना के जिला अध्यक्ष सुमित तोमर के घायल होने का सामने आया है। जानकारी के अनुसार, स्वर्ण जयंती नगर क्षेत्र में सड़क पार करते समय वह सड़क के बीच निकली लोहे की सरियों में फंसकर गिर पड़े। इस दुर्घटना में उन्हें पसलियों, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने नगर निगम की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम ने मानो “देखो, सुनो और कुछ मत कहो” की नीति अपना ली है। समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में ही विकास दिखाने में व्यस्त हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

अब सभी की नजर आगामी सप्ताह में प्रस्तावित मुख्यमंत्री के अलीगढ़ दौरे पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि उनके आगमन से पहले शहर की जर्जर सड़कों, अधूरे निर्माण कार्यों और खतरनाक स्थितियों को दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही यह भी देखना होगा कि क्या इस बार जिम्मेदार अधिकारियों को उनकी लापरवाही के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

❓ FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

गूलर रोड पर समस्या क्या है?

गूलर रोड पर पुलिया निर्माण कार्य अधूरा है, जिससे ट्रैफिक डायवर्ट होकर गंगानगर कॉलोनी में जा रहा है और हादसे बढ़ रहे हैं।

गंगानगर कॉलोनी में हादसे क्यों बढ़ रहे हैं?

भारी वाहनों के दबाव से सड़क और पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे वाहन पलटने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

करणी सेना जिलाध्यक्ष कैसे घायल हुए?

सड़क पर निकली सरियों में फंसकर गिरने से सुमित तोमर को गंभीर चोटें आईं।

क्या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है?

स्थानीय लोगों के अनुसार, अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

आगे क्या उम्मीद की जा रही है?

मुख्यमंत्री के दौरे से पहले हालात सुधारने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की उम्मीद है।

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