छत पर सो रहे युवक को दबंगों ने नीचे फेंका, पैर टूटा ; आधी रात की वारदात से दहशत
गौरव मिश्रा की रिपोर्ट
सीतापुर, पिसावां क्षेत्र के पुरैना गांव में मंगलवार देर रात हुई एक सनसनीखेज घटना ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया। घर की छत पर सो रहे एक युवक को कुछ दबंग किस्म के लोगों ने कथित तौर पर पकड़कर नीचे फेंक दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका पैर टूट गया। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि घटना रात करीब 12 बजे की है, जब गांव निवासी गोपी अपनी बहन के साथ घर की छत पर सो रहा था। गर्मी के कारण परिवार के कई लोग खुले आसमान के नीचे छत पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान कुछ संदिग्ध लोग अचानक घर की छत पर चढ़ आए। युवक ने जैसे ही अजनबियों को देखा, वह घबरा गया और शोर मचाने लगा। शोर सुनकर आरोपी बौखला गए और उन्होंने युवक को पकड़ लिया।
शोर मचाने पर किया हमला
पीड़ित गोपी के मुताबिक, उसे समझने का मौका तक नहीं मिला कि आखिर छत पर आए लोग कौन थे और उनका मकसद क्या था। जैसे ही उसने मदद के लिए आवाज लगाई, आरोपियों ने उसे बेरहमी से पकड़ लिया और छत से नीचे फेंक दिया। ऊंचाई से गिरने के कारण युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। गिरते ही उसके पैर में गंभीर चोट आई और वह दर्द से चीखने लगा।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजन और आसपास के लोग जब तक बाहर निकलकर पहुंचे, तब तक हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग चुके थे। अचानक हुई इस वारदात से पूरे परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
घायल युवक को अस्पताल में कराया भर्ती
परिजनों ने घायल गोपी को तत्काल पिसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवक के पैर में फ्रैक्चर हुआ है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं।
घायल युवक फिलहाल जिला अस्पताल में उपचाराधीन है। परिवार के लोगों का कहना है कि घटना के बाद से युवक बेहद डरा हुआ है और पूरी तरह सहमा हुआ दिखाई दे रहा है।
गांव में दहशत, लोगों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
आधी रात को घर की छत पर चढ़कर हमला किए जाने की इस घटना ने ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपने ही घर की छत पर सुरक्षित नहीं है, तो कानून व्यवस्था की स्थिति को आसानी से समझा जा सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों क्षेत्र में चोरी, झगड़े और रात के समय संदिग्ध गतिविधियों की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में लोग भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं। घटना के बाद कई परिवारों ने रात में छत पर सोने से भी परहेज शुरू कर दिया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पीड़ित परिवार से पूछताछ कर आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई है। शुरुआती जांच में पुलिस हमले के पीछे पुरानी रंजिश और आपसी विवाद समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। गांव और आसपास के इलाकों में संदिग्ध लोगों की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी किए जाने का दावा किया जा रहा है।
परिवार ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की
घायल युवक के परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते इलाज नहीं मिलता, तो युवक की जान भी जा सकती थी। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से युवक को नीचे फेंका। ऐसे में पुलिस को इस मामले को गंभीर धाराओं में दर्ज कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
ग्रामीणों में बढ़ रही नाराजगी
घटना के बाद गांव के लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और रात में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसी घटनाओं पर सख्ती नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और घायल युवक का इलाज जारी है।







