पत्नी की मौत के बाद लगे आरोपों से आहत दिव्यांग पति ने की आत्महत्या
दर्दनाक दोहरी घटना ने झकझोरा पूरा परिवार
अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कोतवाली फतेहपुर क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला की तालाब में डूबकर मौत हो गई, जिसके बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या और प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया। इन आरोपों से आहत होकर दिव्यांग पति ने उसी दिन फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और दोनों परिवारों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है।
सुबह की घटना बनी पूरे परिवार की त्रासदी
पुलिस के मुताबिक, अब्दुल्ला (28) की पत्नी निशा (24) और 10 महीने का बेटा बालगोविंद के साथ था। वह अनलिस्टेड होने के बावजूद मॅनट कर परिवार का भरण-पोषण करती थी। परिवार की आर्थिक रूप से कमज़ोर थी, लेकिन मेहनत के साथ जीवन चल रहा था।
घटना वाले दिन सुबह निशा अपने पति के साथ गांव के पास स्थित तालाब के किनारे वाले घर की सफाई करने गई थी। इसी दौरान अचानक तारा तालाब में डूब गया। उस समय अलाउदम शौचालय के लिए हुआ था। जब वह वापस लौटा तो उसने अपनी पत्नी को पानी में डूबा हुआ पाया।
नवीनतम की मदद से बाहर निकला शव
पत्नी को डुबाने के लिए उत्सुकता जताई तो उन्होंने इंस्टेंट शोर मार्केट और आसपास के लोगों को बुलाया। की मदद से निशा को तालाब से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद शव को घर लाया गया और पुलिस को सूचित किया गया।
घटना की खबर फैलते ही गांव में भीड़ बिखर गई और हर कोई इस हादसे को लेकर चर्चा करने लगा।
स्टार्टअप पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
कुछ ही देर में निशा के फाउंडेशन पक्ष के लोग भी मुद्दे पर पहुंच गए। उन्होंने हत्या और प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना था कि निशा की हत्या के कर शव को तालाब में फेंक दिया गया ताकि उसे हादसा दिखाया जा सके।
फाउंडेशन के सदस्यों ने पति-पत्नी और उनकी मां के खिलाफ पुलिस में तोड़फोड़ की कार्रवाई की मांग की।
पति से टूटा पति, लिफ्ट ने उठाया आत्मघाती कदम
पत्नी की अचानक मौत से पहले ही फैक्ट्री पूरी तरह से डूब गई, जब हत्या का आरोप लगा तो वह मानसिक रूप से एक तरह से टूट गई। बताया गया है कि वह इन पैसों को सहन नहीं कर पाई।
शाम को उसने अपने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब लोगों को इसकी जानकारी हुई तो पूरे गांव में सामान इकट्ठा हो गया।
दो साल की शादी, पीछे छूटा मासूम
अब्दुल्ला और निशा की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। दोनों का 10 महीने का बेटा है, जो अब अनाथ हो गया है। इस घटना ने बच्चे के भविष्य को लेकर कई सवाल पूछे हैं।
पुलिस जांच में किशोरी, किशोरी रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना पुलिस कार्यालय में ही दी गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
दोनों साक्ष्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और किशोरी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव में पसरा मातम, उठो कई सवाल
इस नाबालिग की मौत की घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। हर कोई इस बात को लेकर चिंतित है कि आखिर यह हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश थी।
एक ओर जनहित पक्ष न्याय की मांग कर रहा है, वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग इसे नुकसान पहुंचा रहा है। सच्चाई सामने आने का इंतज़ार है अब बॉस का।
इस घटना पर कई गंभीर सवाल छोड़े गए हैं। एक ओर अचानक मौत हो गई और दूसरी ओर लगे का दबाव – इन सबने मिलकर एक और जान ले ली। अब जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सच्चाई क्या है, लेकिन इस बीच एक मासूम बच्चे की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई है।











