तिलक समारोह में हिंसा : मां–बेटी पर खौलता पानी फेंकने का आरोप, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक तिलक समारोह के दौरान हुई हिंसक घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने मां–बेटी के साथ मारपीट करते हुए उन पर खौलता पानी तक उंडेल दिया। इतना ही नहीं, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मदद के लिए बुलाई गई डायल 112 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संवेदनशीलता दिखाने के बजाय लापरवाही बरती और बाद में उल्टा पीड़ितों के खिलाफ ही कार्रवाई कर दी।
तिलक समारोह में बवाल, खुशी का माहौल बना तनाव में
घटना लोनीकटरा थाना क्षेत्र के दहिला चौराहे के पास स्थित आशीर्वाद होटल की है, जहां मंगलवार रात करीब 10 बजे एक तिलक समारोह आयोजित था। इस पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भिलवल निवासी शालिनी मौर्या अपनी मां कंचन के साथ पहुंची थीं। समारोह का माहौल सामान्य था, लेकिन इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि कुछ दबंग किस्म के लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर मारपीट पर उतर आए। आरोप है कि इस दौरान शालिनी और उनकी मां को निशाना बनाया गया।
मां पर डाला खौलता पानी, गंभीर रूप से झुलसी
पीड़िता शालिनी मौर्या के मुताबिक, गांव के ही अमन, बहादुर और अन्नू समेत कुछ लोगों ने पहले अभद्रता की और फिर मारपीट शुरू कर दी। मामला तब और भयावह हो गया जब उनकी मां कंचन पर खौलता पानी उंडेल दिया गया। इस हमले में कंचन गंभीर रूप से झुलस गईं और उन्हें तत्काल इलाज की जरूरत पड़ी।
यह घटना न सिर्फ क्रूरता की हद पार करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि मामूली विवाद किस तरह जानलेवा हिंसा में बदल सकता है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालने के बजाय समारोह में खाना खाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। इस व्यवहार ने पीड़ित परिवार को और आहत किया।
शालिनी का कहना है कि जब उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की, तो पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इससे आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए।
धमकी: “शादी में भी नहीं छोड़ेंगे”
पीड़िता के अनुसार, हमलावरों ने जाते-जाते उन्हें धमकी भी दी। उन्होंने कहा कि आने वाली 6 मई को परिवार में होने वाली शादी के दिन भी वे उन्हें नहीं छोड़ेंगे। इस धमकी से पीड़ित परिवार में भय का माहौल बना हुआ है और वे लगातार असुरक्षा महसूस कर रहे हैं।
उल्टा पीड़ितों पर ही कार्रवाई
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के बजाय उल्टा पीड़ित पक्ष के लोगों को ही थाने में बंद कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके पिता और नाबालिग भाई को रातभर थाने में रखा गया और अगले दिन शांति भंग की आशंका में धारा 151 के तहत चालान कर दिया गया।
इस कार्रवाई ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर इस तरह के मामलों में पीड़ितों को सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए, लेकिन यहां स्थिति उलट नजर आ रही है।
पुलिस का पक्ष
इस मामले में लोनीकटरा थाने के इंस्पेक्टर अभिमन्यु मल्ल का कहना है कि जांच में शिकायतकर्ता पक्ष की ही गलती सामने आई है, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। हालांकि, पुलिस के इस बयान से स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार की संतुष्टि नहीं हो पाई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर इस तरह की घटनाओं में भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा, तो आम जनता का भरोसा कानून व्यवस्था से उठ जाएगा।
न्याय की मांग और आगे की राह
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है।
यह घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समाज में कानून का डर कम होता जा रहा है और कहीं न कहीं सिस्टम की जवाबदेही भी सवालों के घेरे में है। जरूरत है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और पीड़ितों को न्याय दिलाने के साथ-साथ दोषियों को सख्त सजा दिलाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
🔎 महत्वपूर्ण सवाल-जवाब
❓ तिलक समारोह में क्या हुआ था?
तिलक समारोह के दौरान मामूली कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और आरोप है कि कुछ लोगों ने मां-बेटी के साथ मारपीट करते हुए खौलता पानी डाल दिया।
❓ पीड़ित पक्ष ने पुलिस से क्या आरोप लगाए?
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के बजाय लापरवाही करती रही और बाद में उल्टा उन्हीं पर कार्रवाई कर दी गई।
❓ मां की हालत कैसी है?
हमले में मां गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनका इलाज जरूरी बताया गया है।
❓ पुलिस ने पीड़ितों पर क्या कार्रवाई की?
आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित पक्ष के पिता और नाबालिग भाई को थाने में बंद कर धारा 151 में चालान कर दिया।
❓ इस मामले में अब क्या मांग की जा रही है?
पीड़ित परिवार निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग कर रहा है।











