देवरिया के भाटपार रानी में सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाए हैं। नाला निर्माण, रानी पोखरा, कान्हा गौशाला तथा विंध्यवासिनी कॉलोनी में सड़क और नाली निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की गई है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने प्रशासन से निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच, मानकों की निगरानी और अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की मांग की है।
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया/भाटपार रानी। नगर पंचायत भाटपार रानी क्षेत्र में कराए जा रहे विभिन्न सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल भाटपार रानी के पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने नगर में चल रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता पर चिंता जताई है। व्यापारियों का आरोप है कि कई स्थानों पर सरकारी धन से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की है।
व्यापार मंडल के आह्वान पर उप जिलाधिकारी भाटपार रानी ने नगर में निर्माणाधीन नाले सहित अन्य विकास कार्यों का सर्वेक्षण किया। इस दौरान व्यापार मंडल के पदाधिकारी, समाजसेवी और स्थानीय व्यापारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान नाला निर्माण, रानी पोखरा के निर्माण तथा कान्हा गौशाला में कराए जा रहे कार्यों को लेकर स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों पर चर्चा की गई।
नाला निर्माण की गुणवत्ता को लेकर व्यापारियों में नाराजगी
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि नगर में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नालों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। व्यापारियों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाते हुए कहा कि यदि निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया तो भविष्य में जल निकासी की समस्या और गंभीर हो सकती है।
व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल और जिला संगठन मंत्री देवेश गुप्ता समेत अन्य लोगों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि सरकारी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, निर्माण की मजबूती, निर्धारित ऊंचाई और जल निकासी की तकनीकी व्यवस्था की जांच जरूरी है, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद औपचारिक जांच के बजाय निर्माण के दौरान ही उसकी गुणवत्ता की निगरानी की जाए। इससे यदि कहीं कमी मिलती है तो समय रहते उसे दुरुस्त कराया जा सकता है।
रानी पोखरा और कान्हा गौशाला के निर्माण पर भी जांच की मांग
स्थानीय व्यापारियों और समाजसेवियों ने रानी पोखरा निर्माण तथा कान्हा गौशाला में कराए जा रहे निर्माण कार्यों को लेकर भी प्रशासन से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक उपयोग से जुड़े इन निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
समाजसेवी संतोष पांडे सहित अन्य लोगों ने कहा कि नगर में विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए कराए जाते हैं। ऐसे में इन कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठना गंभीर विषय है। यदि किसी निर्माण में तकनीकी मानकों की अनदेखी हुई है तो संबंधित विभाग को इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
व्यापारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में खर्च होने वाला पैसा जनता से प्राप्त राजस्व का हिस्सा होता है। इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य टिकाऊ, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
विंध्यवासिनी कॉलोनी में सड़क और नाली निर्माण पर भी सवाल
इसी बीच भाटपार रानी की विंध्यवासिनी कॉलोनी में चल रहे नाला और सड़क निर्माण कार्य को लेकर भी स्थानीय निवासियों ने शिकायत दर्ज कराई है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि नाली निर्माण में अपेक्षित गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है और निर्माण कार्य की निगरानी के लिए नगर पंचायत का कोई जिम्मेदार अधिकारी नियमित रूप से मौके पर दिखाई नहीं दे रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक निर्माण कार्य में लगे मिस्त्री अपनी सुविधा के अनुसार काम कर रहे हैं। कॉलोनीवासियों का सबसे बड़ा सवाल नाली की ऊंचाई को लेकर है। उनका कहना है कि सड़क की सतह की तुलना में नाली का निर्माण काफी ऊंचाई पर किया जा रहा है। इससे उन मकानों के सामने समस्या पैदा हो सकती है, जो पहले से सड़क के स्तर से नीचे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि नाली का निर्माण इसी स्थिति में पूरा कर दिया गया तो बारिश के दौरान जल निकासी प्रभावित हो सकती है। सड़क और नाली के स्तर में उचित तकनीकी संतुलन नहीं होने पर पानी घरों की ओर जाने का खतरा भी बढ़ सकता है। कॉलोनीवासियों ने निर्माण पूरा होने से पहले मौके पर तकनीकी अधिकारियों से निरीक्षण कराने की मांग की है।
अधिकारियों की निगरानी पर भी उठे सवाल
विंध्यवासिनी कॉलोनी के लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि निर्माण कार्य के दौरान नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों की नियमित निगरानी क्यों नहीं हो रही है। उनका कहना है कि सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता केवल ठेकेदार या मिस्त्री के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। विभागीय अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों को समय-समय पर मौके पर पहुंचकर निर्माण की जांच करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान छोटी दिखाई देने वाली तकनीकी कमी भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है। सड़क बनने के बाद यदि नाली की ऊंचाई, ढलान या जल निकासी व्यवस्था में कमी रह गई तो उसे सुधारने में दोबारा सरकारी धन खर्च हो सकता है और लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
निर्माण की तकनीकी जांच कराने की मांग
व्यापार मंडल और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि भाटपार रानी नगर क्षेत्र में चल रहे प्रमुख सरकारी निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराई जाए। जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य, सड़क और नाली की ऊंचाई, ढलान, जल निकासी की व्यवस्था तथा निर्माण की मजबूती जैसे बिंदुओं को शामिल किया जाए।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी धन से हो रहे विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण बनाना है। यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हो रहे हैं तो जांच से उनकी गुणवत्ता भी प्रमाणित होगी और यदि कहीं कमी है तो उसे समय रहते ठीक कराया जा सकेगा।
शिकायतों पर कार्रवाई की उम्मीद
स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासन निर्माण कार्यों से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्थलीय जांच कराएगा। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों की सफलता केवल निर्माण पूरा होने से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और लंबे समय तक उपयोगी बने रहने से तय होती है।
भाटपार रानी नगर में नाला, सड़क, रानी पोखरा और कान्हा गौशाला जैसे सार्वजनिक महत्व के निर्माण कार्यों को लेकर उठी शिकायतों के बाद अब निगाह प्रशासनिक कार्रवाई पर है। व्यापार मंडल और कॉलोनीवासियों ने स्पष्ट किया है कि वे चाहते हैं कि सभी सरकारी निर्माण कार्य पारदर्शी तरीके से हों और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और समय-समय पर तकनीकी जांच होती रहे तो भविष्य में ऐसी शिकायतों की गुंजाइश कम होगी। फिलहाल व्यापारियों और नागरिकों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करे और यदि किसी स्तर पर निर्माण में कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए।













