20 अक्टूबर 2026 3:56 अपराह्न

आईजीआरएस शिकायत पर जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन, मौके पर पहुंचकर किया स्थलीय निरीक्षण

देवरिया में आईजीआरएस शिकायत के निस्तारण के लिए मौके पर स्थलीय निरीक्षण करते जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी, साथ में रिपोर्टर इरफान अली लारी

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रिपोर्ट : इरफान अली लारी

देवरिया। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन की सक्रियता सामने आई है। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को देवगांव पहुंचकर एक शिकायत की मौके पर जांच की। उन्होंने शिकायतकर्ता और संबंधित पक्षों से सीधे बातचीत कर समस्या की वास्तविक स्थिति को समझा तथा राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शिकायत का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आईजीआरएस शिकायत की जांच के लिए स्वयं पहुंचे जिलाधिकारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवगांव निवासी अंकित उपाध्याय ने आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से अपनी भूमि से जुड़ी समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मुख्य रूप से भूमि का रकबा मौके पर कम होने और आवागमन के लिए रास्ते की समस्या का उल्लेख किया गया था। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित समाधान की मांग की थी।

आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की जानकारी ली और केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थलीय सत्यापन किया। उनके मौके पर पहुंचने से शिकायत से जुड़े पक्षों को अपनी बात सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिला।

शिकायतकर्ता सहित संबंधित पक्षों की सुनी समस्याएं

स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ता से उसकी समस्या के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित पक्षों की बातें भी सुनीं, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि की स्थिति तथा मौके पर उपलब्ध भूमि के संबंध में आवश्यक जानकारी ली।

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को बताया कि उसके नाम दर्ज भूमि का रकबा मौके पर कम दिखाई दे रहा है। शिकायतकर्ता की बात सुनने के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित राजस्व कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रकरण की नियमानुसार जांच करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

भूमि के रकबे की समस्या के समाधान के निर्देश

जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपाल को निर्देशित किया कि भूमि के रकबे से संबंधित शिकायत की विधिवत जांच की जाए। राजस्व अभिलेखों में दर्ज विवरण और मौके की स्थिति का मिलान करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शिकायतकर्ता को उसकी भूमि के रकबे से संबंधित समस्या का समाधान मिल सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या मनमानी के बजाय अभिलेखों और निर्धारित नियमों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए। भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि ऐसे प्रकरण सीधे नागरिकों के संपत्ति संबंधी अधिकारों से जुड़े होते हैं।

रास्ते की समस्या पर भी दिए आवश्यक निर्देश

मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष आवागमन के रास्ते से जुड़ा हुआ था। शिकायतकर्ता की ओर से रास्ता उपलब्ध नहीं होने की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी गई। जिलाधिकारी ने इस संबंध में संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि रास्ते से संबंधित प्रकरण का समाधान आपसी सहमति और प्रचलित नियमों के अनुरूप कराया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी संबंधित पक्षों की स्थिति को समझते हुए राजस्व नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाए, जिससे विवाद को अनावश्यक रूप से लंबा न खींचना पड़े और संबंधित लोगों को नियमानुसार राहत मिल सके।

आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होगी स्वीकार

स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत का निस्तारण केवल औपचारिक रिपोर्ट तैयार करके न किया जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां अधिकारी और कर्मचारी स्वयं मौके पर जाकर स्थिति की जांच करें तथा शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या को समझने के बाद नियमानुसार समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाएं।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से भूमि, रास्ता और अन्य राजस्व संबंधी मामलों में अभिलेखों की जांच के साथ-साथ मौके की वास्तविक स्थिति का सत्यापन भी आवश्यक है।

शिकायतकर्ता को संतुष्टिपूर्ण समाधान उपलब्ध कराने पर जोर

जिला प्रशासन की ओर से आईजीआरएस पोर्टल को आम नागरिकों की शिकायतों के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनके निस्तारण की प्रभावी निगरानी करें।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ता को केवल कार्रवाई की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी वास्तविक समस्या का समाधान होना चाहिए। इसके लिए जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मौके पर जांच की जाए और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

देवगांव में जिलाधिकारी के इस स्थलीय निरीक्षण को इसी प्रशासनिक कार्यशैली का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने का संदेश दिया गया है। भूमि के रकबे और रास्ते से जुड़े मामले में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश देकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

जिलाधिकारी ने दोहराया कि आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों की वास्तविकता की जांच, संबंधित पक्षों की बात सुनना, राजस्व अभिलेखों का परीक्षण और नियमों के अनुरूप पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इस मौके पर जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद संबंधित राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को भूमि के रकबे तथा रास्ते से जुड़ी शिकायत के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

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