मौत ने चैन से सोने न दिया : 20 मिनट की आंधी ने उजाड़ दी तीन परिवारों की दुनिया

बदायूं में तेज आंधी के दौरान गद्दी चौक पर टेंपो पर गिरा विशाल पेड़ और रिपोर्टर कमलेश कुमार चौधरी की तस्वीर के साथ समाचार फीचर इमेज।

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कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट

बदायूं मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच सोमवार शाम आई तेज आंधी और तूफान ने बदायूं जिले में ऐसी तबाही मचाई कि तीन परिवारों की खुशियां पल भर में उजड़ गईं। करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने महज 20 मिनट में ऐसा कहर बरपाया कि अलग-अलग हादसों में मासूम भाई-बहन समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

अचानक बदले मौसम ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। तेज हवाओं, धूल और बारिश के बीच हुए हादसों ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। जिन घरों में कुछ देर पहले तक हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

झोपड़ी बनी मासूम भाई-बहन की आखिरी पनाहगाह

दातागंज क्षेत्र में रहने वाली 11 वर्षीय अनामिका और उसका पांच वर्षीय भाई विशेष सोमवार शाम मौसम खराब होते देख खुद को बचाने के लिए पास की एक झोपड़ी में जाकर बैठ गए। दोनों बच्चों को लगा कि झोपड़ी उन्हें तेज आंधी और बारिश से सुरक्षित रखेगी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

तेज हवाओं के दबाव के कारण पास में लगे ट्यूबवेल का भारी ट्रांसफार्मर अचानक असंतुलित होकर झोपड़ी के ऊपर आ गिरा। ट्रांसफार्मर का वजन इतना अधिक था कि झोपड़ी पूरी तरह दब गई और दोनों मासूम उसकी चपेट में आ गए।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता की चीख-पुकार सुनकर पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।

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ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों ने जान बचाने के लिए झोपड़ी का सहारा लिया था, लेकिन वही जगह उनकी जिंदगी की आखिरी मंजिल बन गई।

गद्दी चौक पर पेड़ बन गया काल

उधर शहर के व्यस्त गद्दी चौक क्षेत्र में भी आंधी ने बड़ा हादसा कर दिया। वर्षों पुराना विशाल पाकड़ का पेड़ तेज हवाओं का दबाव नहीं झेल सका और जड़ समेत उखड़कर सड़क पर गिर पड़ा।

दुर्भाग्य से जिस समय पेड़ गिरा, उसी समय एक टेंपो वहां से गुजर रहा था। भारी भरकम पेड़ सीधे टेंपो पर आ गिरा और वाहन उसकी शाखाओं के नीचे दब गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि चालक और सवारियों को बचने का कोई मौका नहीं मिला।

पेड़ गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस और प्रशासन की टीम भी कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद टेंपो में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।

हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

20 मिनट की आंधी ने पूरे जिले को झकझोरा

स्थानीय लोगों के अनुसार आंधी की अवधि लगभग 20 मिनट रही, लेकिन इस दौरान हुई तबाही ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही।

ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और झोपड़ियों को नुकसान पहुंचा। कई किसानों ने भी फसलों को नुकसान होने की बात कही है। तेज हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित रही और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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रेड अलर्ट के बीच आया विनाशकारी तूफान

मौसम विभाग ने पहले ही खराब मौसम और तेज आंधी को लेकर रेड अलर्ट जारी किया था। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह भी दी थी।

हालांकि मौसम ने जिस तेजी से करवट बदली, उससे लोग पूरी तरह संभल नहीं सके। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं और भविष्य में भी लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।

प्रशासन ने दिया सहायता का भरोसा

हादसों की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

साथ ही गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के उपचार की समुचित व्यवस्था कराने की बात भी कही गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पुराने पेड़ों, बिजली के खंभों तथा ट्रांसफार्मरों के आसपास खड़े होने से बचें।

पूरे जिले में पसरा मातम

मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत और गद्दी चौक पर हुए हादसे ने पूरे बदायूं जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव हो या शहर, हर जगह लोग इन घटनाओं की चर्चा कर रहे हैं।

जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके घरों में मातम पसरा हुआ है। बच्चों की असमय मौत ने हर किसी को भावुक कर दिया है। लोगों का कहना है कि प्रकृति का यह कहर उन परिवारों को ऐसा दर्द दे गया है, जिसे वे शायद कभी भूल नहीं पाएंगे।

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महज 20 मिनट की आंधी ने तीन परिवारों की दुनिया उजाड़ दी और यह साबित कर दिया कि कभी-कभी प्राकृतिक आपदाएं कुछ ही पलों में जिंदगी की सारी खुशियां छीन लेती हैं।

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Author: यायावर

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