कामां

खेलते-खेलते मातम ; मिट्टी की दीवार ढही, भाई-बहन की दर्दनाक मौत

कामां क्षेत्र के लेवड़ा गांव की घटना, बिना नींव बनाई गई दीवार बनी मौत का कारण

✍️हिमांशु मोदी की रिपोर्ट

डीग जिले के कामां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लेवड़ा गांव से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां आंगन में खेल रहे दो मासूम भाई-बहन पर अचानक रसोईघर की मिट्टी की दीवार गिर गई। मलबे में दबने से दोनों बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

मासूम खेल रहे थे, अचानक ढह गई दीवार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, साहिल नामक व्यक्ति अपने परिवार के साथ गांव में रहता है। घटना के समय वह अपनी पत्नी अरफीना और एक बेटी के साथ पशुओं के बाड़े में चारा डालने गया हुआ था। बाड़ा घर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। इस दौरान उसके दो छोटे बच्चे—पांच वर्षीय जिनस्ता और चार वर्षीय रानीश—घर के आंगन में खेल रहे थे।

आंगन के पास ही बनी रसोई की दीवार मिट्टी और ईंटों से तैयार की गई थी, जो काफी कमजोर थी। अचानक यह दीवार भरभराकर गिर पड़ी और दोनों मासूम उसके नीचे दब गए।

शोर सुनकर दौड़ा परिवार, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी

करीब आधे घंटे बाद गांव में शोर मचने लगा। आसपास के लोगों ने जब दीवार गिरने की आवाज सुनी तो तुरंत मौके पर पहुंचे। शोर सुनकर साहिल और उसका परिवार भी भागकर घर पहुंचा। वहां का दृश्य बेहद दर्दनाक था—दोनों बच्चे मलबे के नीचे दबे हुए थे।

ग्रामीणों की मदद से तुरंत मलबा हटाया गया और बच्चों को बाहर निकाला गया। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने रानीश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, जिनस्ता को गंभीर हालत में भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने भी दम तोड़ दिया।

बिना नींव की दीवार बनी हादसे की वजह

परिजनों ने बताया कि रसोई की दीवार बिना नींव डाले ही मिट्टी और ईंटों से खड़ी की गई थी। ऊपर से सीमेंट की चादर रखी गई थी, जिससे दीवार पर अतिरिक्त दबाव बना रहता था। कमजोर संरचना होने के कारण दीवार ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई और अचानक ढह गई।

यह लापरवाही ही इस बड़े हादसे का कारण बनी, जिसने एक ही झटके में परिवार के दो मासूम बच्चों की जान ले ली।

गांव में पसरा मातम, हर आंख नम

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे लेवड़ा गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर दीवार सही तरीके से बनाई गई होती तो शायद यह हादसा टल सकता था। हर कोई इस घटना से स्तब्ध है और परिवार को ढांढस बंधा रहा है।

परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

यह हादसा कैसे हुआ?

रसोई की कमजोर मिट्टी की दीवार अचानक ढह गई, जिसके नीचे खेल रहे दोनों बच्चे दब गए।

बच्चों की मौत कैसे हुई?

मलबे में दबने से दोनों गंभीर रूप से घायल हुए और अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गई।

दीवार गिरने का मुख्य कारण क्या था?

दीवार बिना नींव के बनाई गई थी और कमजोर संरचना होने के कारण ढह गई।

घटना के समय परिवार कहां था?

परिवार पशुओं के बाड़े में चारा डालने गया हुआ था, जो घर से करीब 500 मीटर दूर है।

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