भाटपार रानी में गूंजा जयकारा: हनुमान प्रतिमा स्थापना से पहले निकली भव्य नगर यात्रा
देवरिया जनपद के भाटपार रानी उपनगर में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का एक अद्भुत दृश्य उस समय देखने को मिला, जब महावीर हनुमान जी की भव्य प्रतिमा की स्थापना से पूर्व पूरे नगर में श्रद्धा और उल्लास के साथ नगर भ्रमण कराया गया। यह आयोजन सनातन स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में सम्पन्न हुआ, जिसमें नगरवासियों की भारी भागीदारी ने इस धार्मिक आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
भव्य मंदिर निर्माण के साथ नई आस्था का केंद्र
उपनगर के रानी पोखरा स्थित प्रांगण में एक विशाल और आकर्षक हनुमान मंदिर का निर्माण कराया गया है, जो अब क्षेत्र की धार्मिक पहचान बनने जा रहा है। इस मंदिर में स्थापित की जाने वाली महावीर हनुमान जी की प्रतिमा को स्थापना से पूर्व पूरे नगर में भ्रमण कराया गया, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकें और आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
नगर भ्रमण में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
नगर भ्रमण का कार्यक्रम विधिवत रूप से रानी पोखरा के प्रांगण से आरंभ हुआ। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों, जयकारों और धार्मिक नारों के साथ आगे बढ़ते रहे। यह यात्रा छठ माता मंदिर, काली माता मंदिर, श्री राम जानकी मंदिर और शिव मंदिर होते हुए आगे बढ़ी। इसके बाद आदिशक्ति दुर्गा मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर यह यात्रा बीआरडी इंटर कॉलेज के पास स्थित काली माता मंदिर तक पहुंची।
हर स्थान पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, ध्वज अर्पित किए गए और श्रद्धालुओं को स्पर्श दर्शन का अवसर मिला। पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण बना रहा, जहां हर वर्ग के लोग इस आयोजन में बढ़-चढ़कर शामिल हुए।
नेतृत्व और आयोजन की सराहना
इस विशाल आयोजन का नेतृत्व सनातन स्वयंसेवक संघ के अध्यक्ष अजय कुमार बरनवाल द्वारा किया गया। उनके मार्गदर्शन में यह आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित और अनुशासित रूप से सम्पन्न हुआ। नगर के गणमान्य व्यक्तियों और समाजसेवियों ने इस आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई और इसकी सफलता में योगदान दिया।
सामाजिक सहभागिता बनी आयोजन की ताकत
हनुमान मंदिर के निर्माण में नगर के प्रमुख व्यवसायी एवं समाजसेवी शशि भूषण बरनवाल, संजय कुमार बरनवाल, विनोद कुमार बरनवाल सहित कई लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनके अलावा संजय गुप्ता, संतोष पांडेय, अरुण कुमार गुप्ता, डॉ. प्रमोद बरनवाल, जितेंद्र जायसवाल, दुर्गेश्वर सोनी (सभासद), राजेश गुप्ता, देवेश गुप्ता, विजय कुमार मद्धेशिया, अखिलेश गुप्ता, अनिल मद्धेशिया, सुरेंद्र चौहान, आदित्य जायसवाल, विवेक बरनवाल, लक्ष्मण वर्मा, रामेश्वर गुप्ता, भोला गुप्ता, दीपु जायसवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।
धार्मिक आयोजन से बढ़ी सामाजिक एकता
नगर भ्रमण के इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि समाज में एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत किया। इस प्रकार के आयोजन लोगों को जोड़ने का कार्य करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
आयोजकों का कहना है कि मंदिर की स्थापना के बाद यहां नियमित रूप से धार्मिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे यह स्थान क्षेत्र के लोगों के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बन सके।
🔍 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
❓ हनुमान जी की प्रतिमा का नगर भ्रमण क्यों कराया गया?
प्रतिमा स्थापना से पूर्व नगर भ्रमण कराने का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर देना और पूरे नगर में धार्मिक वातावरण बनाना था।
❓ इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना, सामाजिक एकता स्थापित करना और नए मंदिर के प्रति लोगों में श्रद्धा उत्पन्न करना था।
❓ इस कार्यक्रम में कितने लोग शामिल हुए?
कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, पुरुष और नगर के गणमान्य लोग शामिल हुए।
❓ मंदिर का निर्माण किसने कराया?
मंदिर का निर्माण नगर के प्रमुख व्यवसायियों और समाजसेवियों के सहयोग से कराया गया, जिसमें शशि भूषण बरनवाल और अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
📌 निष्कर्ष
भाटपार रानी में आयोजित यह नगर भ्रमण और हनुमान मंदिर स्थापना कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मकता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।











