देवरिया

जनता दर्शन में दिखी संवेदनशील प्रशासन की तस्वीर, डीएम ने दिव्यांग दंपति की फरियाद सुन मौके पर जांच के दिए निर्देश

जूम लिंक और व्हाट्सएप व्यवस्था से अब तेजी से होगा जनसमस्याओं का निस्तारण

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की एक सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली। मधुसूदन हुल्गी ने फरियाद लेकर पहुंचे लोगों की समस्याओं को न केवल गंभीरता से सुना, बल्कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश भी दिए। जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी का मानवीय व्यवहार और प्रशासनिक सक्रियता चर्चा का विषय बनी रही।

जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने जमीन विवाद, पेंशन, सरकारी योजनाओं के लाभ और सामाजिक समस्याओं से जुड़े प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता न हो, बल्कि प्रभावी और गुणवत्ता पूर्ण तरीके से किया जाए।

जनता दर्शन में नई तकनीकी व्यवस्था की शुरुआत

जनसमस्याओं के निस्तारण को तेज और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने एक नई पहल शुरू की है। उन्होंने अपने कार्यालय में राजस्व विभाग के अधिकारियों की जूम लिंक व्यवस्था तैयार कराई है। इसके माध्यम से जनता दर्शन में आने वाले मामलों पर सीधे संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर तत्काल निर्देश दिए जा रहे हैं।

प्रशासन का मानना है कि इससे मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी कम होगी और फरियादियों को राहत जल्दी मिल सकेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि तकनीक का उपयोग केवल बैठकों तक सीमित न रहे, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान में भी उसका लाभ मिलना चाहिए।

व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेजे जा रहे प्रकरण

जूम लिंक व्यवस्था के साथ-साथ जिलाधिकारी ने अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायतें भेजने की व्यवस्था भी लागू की है। जनता दर्शन में प्राप्त मामलों को सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है ताकि मौके पर कार्रवाई तेजी से सुनिश्चित हो सके।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह व्यवस्था खासतौर पर राजस्व और सामाजिक कल्याण से जुड़े मामलों में प्रभावी साबित हो सकती है, जहां अक्सर शिकायतों के निस्तारण में लंबा समय लग जाता है।

दिव्यांग दंपति की समस्या सुन भावुक हुए जिलाधिकारी

जनता दर्शन के दौरान सबसे अधिक संवेदनशील दृश्य उस समय देखने को मिला जब ग्राम हरपुर निजाम निवासी दिव्यांग दंपति रहमत अली और खुशबून अपनी जमीन से जुड़ी समस्या लेकर पहुंचे। दोनों की शारीरिक स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी स्वयं उनके पास पहुंचे और सहानुभूतिपूर्वक उनकी समस्या सुनी।

जिलाधिकारी ने दंपति को फल का पैकेट भी प्रदान किया और उनकी जमीन विवाद से संबंधित शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सदर एसडीएम को निर्देशित किया कि राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर जाकर मामले की जांच करें। इस टीम में राजस्व निरीक्षक और दो लेखपालों को शामिल करने का भी निर्देश दिया गया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मामले की जांच आज ही पूरी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि दिव्यांग दंपति को न्याय मिल सके।

दिव्यांग पेंशन दिलाने के निर्देश

जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने दिव्यांग दंपति से यह भी जानकारी ली कि उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। बातचीत के दौरान पता चला कि उनका आयुष्मान कार्ड बना हुआ है, लेकिन खुशबून को दिव्यांग पेंशन नहीं मिल रही है।

इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी को फोन कर बुलाया और निर्देश दिया कि विकास खंड स्तर से आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर जल्द से जल्द दिव्यांग पेंशन स्वीकृत कराई जाए।

प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से जनता दर्शन में मौजूद लोगों ने भी संतोष व्यक्त किया।

छोटी बच्चियों की शिक्षा को लेकर भी दिखी चिंता

दिव्यांग दंपति के साथ आई दो वर्षीय बच्ची को देखकर जिलाधिकारी ने उसके भविष्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा को निर्देश दिया कि बच्ची को आंगनबाड़ी केंद्र से जोड़ा जाए ताकि उसे शुरुआती शिक्षा और पोषण का लाभ मिल सके।

इसी प्रकार विकास खंड सलेमपुर के ग्राम जयराम कौड़िया निवासी सीता देवी अपनी जमीन विवाद की शिकायत लेकर पहुंचीं। उनके साथ चार वर्षीय बच्ची अंशिका भी थी। जिलाधिकारी ने जब बच्ची के बारे में पूछा तो पता चला कि वह अभी स्कूल या आंगनबाड़ी केंद्र नहीं जाती है।

इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्ची का नाम तत्काल आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों का प्रारंभिक बौद्धिक विकास बेहद महत्वपूर्ण होता है और इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका अहम है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरती गई तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रशासन की मंशा है कि जनता दर्शन केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनकर आम जनता को राहत देने का प्रभावी माध्यम बने।

जनता में बढ़ा प्रशासन पर विश्वास

देवरिया में जनता दर्शन के दौरान जिस तरह जिलाधिकारी ने मानवीय संवेदनाओं और तकनीकी पहल का संतुलित उदाहरण पेश किया, उससे आम लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। फरियादियों को उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ हो सकेगा।

जनता दर्शन में उठाए गए कदम यह संकेत देते हैं कि प्रशासन अब जनसुनवाई को केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि त्वरित समाधान और वास्तविक राहत सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है।

सवाल-जवाब: देवरिया जनता दर्शन

जनता दर्शन में जिलाधिकारी ने क्या निर्देश दिए?

जिलाधिकारी ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

जूम लिंक व्यवस्था क्यों शुरू की गई?

राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान कराने के लिए जूम लिंक व्यवस्था शुरू की गई, जिससे संबंधित अधिकारियों से सीधे बातचीत हो सके।

व्हाट्सएप व्यवस्था से क्या लाभ होगा?

अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर शिकायतें व्हाट्सएप से भेजी जाएंगी, जिससे प्रकरणों पर जल्द कार्रवाई और निगरानी आसान होगी।

दिव्यांग दंपति के मामले में डीएम ने क्या किया?

डीएम स्वयं दिव्यांग दंपति के पास पहुंचे, उनकी जमीन विवाद की समस्या सुनी और एसडीएम को मौके पर जाकर जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए।

दिव्यांग पेंशन को लेकर क्या निर्देश दिए गए?

जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को निर्देश दिया गया कि जरूरी अभिलेख लेकर पात्र लाभार्थी को जल्द दिव्यांग पेंशन दिलाई जाए।

बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र भेजने पर जोर क्यों दिया गया?

डीएम ने कहा कि छोटे बच्चों के बौद्धिक विकास और पोषण के लिए आंगनबाड़ी केंद्र महत्वपूर्ण हैं, इसलिए बच्चों को केंद्र से जोड़ा जाए।

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