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मुंबई से लखनऊ पहुंचे सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने दिखाई इंसानियत की मिसाल, सैकड़ों परिवारों को दी राहत

लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों के लिए मसीहा बने हुसैन मंसूरी

✍️ कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट

लखनऊ के विकास नगर क्षेत्र में बीते सप्ताह लगी भीषण आग ने हजारों लोगों की जिंदगी को पलभर में तबाह कर दिया। इस अग्निकांड में करीब 1000 झुग्गियां जलकर खाक हो गईं, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर हो गए। हालात इतने खराब हैं कि प्रभावित लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक का संकट उनके सामने खड़ा है।

ऐसे कठिन समय में कई सामाजिक संगठनों और दानदाताओं ने मदद का हाथ बढ़ाया है। इन्हीं मददगारों में एक नाम हुसैन मंसूरी का भी है, जिन्होंने अपनी संवेदनशीलता और मानवता से लोगों का दिल जीत लिया।

जरूरतमंदों के लिए राहत बनकर पहुंचे मंसूरी

मुंबई निवासी हुसैन मंसूरी लखनऊ पहुंचे और अग्निकांड से प्रभावित परिवारों के बीच जाकर उन्हें जरूरी घरेलू सामान वितरित किया। उन्होंने लोगों को खाना बनाने के लिए कुकर, भगोने और अन्य बर्तन उपलब्ध कराए ताकि वे किसी तरह अपना जीवन दोबारा शुरू कर सकें।

मदद पाकर लोगों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ नजर आई। कई पीड़ितों ने उन्हें दुआएं दीं और कहा कि ऐसे लोग ही इंसानियत को जिंदा रखते हैं।

संघर्षों से भरा रहा है हुसैन मंसूरी का जीवन

हुसैन मंसूरी का जीवन खुद संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई पूरी की और कई अभावों के बावजूद हार नहीं मानी।

आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें जेट एयरवेज में नौकरी मिली, लेकिन यह सफर आसान नहीं था।

परिवार के लिए किए छोटे-मोटे काम

परिवार का पेट पालने के लिए उन्होंने वेटर समेत कई छोटे-मोटे काम किए। इन अनुभवों ने उनके अंदर जरूरतमंदों के प्रति गहरी संवेदनशीलता विकसित की।

सोशल मीडिया पर भी है बड़ी पहचान

हुसैन मंसूरी एक लोकप्रिय सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर भी हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 19 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं और वे लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

कोरोना काल में भी की थी मदद

कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को भोजन और जरूरी सामान पहुंचाया और बिना किसी स्वार्थ के सेवा की।

कैंसर मरीजों और गरीबों के लिए भी करते हैं काम

वे टाटा मेमोरियल अस्पताल में कैंसर मरीजों की आर्थिक सहायता करते हैं और गरीब बच्चों की शिक्षा में सहयोग करते हैं।

‘मानवता का दूत’ के रूप में पहचान

उनके सेवा कार्यों के चलते उन्हें ‘मानवता का दूत’ कहा जाने लगा है। उनका मानना है कि असली दौलत दुआएं होती हैं।

पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण

लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों के लिए हुसैन मंसूरी एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आए हैं। ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं।


📌 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

हुसैन मंसूरी कौन हैं?

हुसैन मंसूरी एक समाजसेवी और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर हैं, जो जरूरतमंदों की मदद के लिए जाने जाते हैं।

उन्होंने लखनऊ में क्या मदद की?

उन्होंने अग्निकांड पीड़ितों को कुकर, बर्तन और अन्य जरूरी सामान वितरित किया।

क्या वे पहले भी समाजसेवा कर चुके हैं?

हां, उन्होंने कोरोना काल में और कैंसर मरीजों की मदद में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उनका मूल मंत्र क्या है?

उनका मानना है— “तू बस दुआ कमा, फिर तुझसे अमीर कोई नहीं।”

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