20 अक्टूबर 2026 2:11 पूर्वाह्न

पीएम मोदी की अपील पर सपा सांसद का पलटवार, बोले- “अब एक नहीं, पांच गाड़ियों से चलूंगा”

सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर और रिपोर्टर इरफान अली लारी की तस्वीरों के साथ राजनीतिक बयान पर आधारित फीचर इमेज

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया। उत्तर प्रदेश की सलेमपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत संबंधी अपील पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में किसी बड़े आर्थिक और सामाजिक संकट की आहट दिखाई दे रही है। इसी कारण सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की अपीलें कर रही है।

सपा सांसद का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने और सरकारी खर्चों में कटौती जैसे संदेश लगातार दिए जा रहे हैं। रमाशंकर राजभर ने इसे “अटकाने वाला बयान” बताते हुए कहा कि विपक्ष इन बातों से डरने वाला नहीं है।

“अब एक नहीं, पांच गाड़ियों से चलूंगा”

सांसद रमाशंकर Rajbhar ने कहा कि अब तक वह एक गाड़ी से चलते थे, लेकिन यदि सरकार इसी तरह की अपीलें और प्रतिबंधात्मक बातें करती रही, तो वह आगे दो नहीं बल्कि पांच गाड़ियों के काफिले के साथ चलेंगे। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर सरकार सच में ईंधन बचत को लेकर गंभीर है, तो सबसे पहले भाजपा को अपनी रैलियां, रोड शो और बड़े राजनीतिक कार्यक्रम बंद करने चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद लगातार विदेश यात्राएं करते हैं। ऐसे में आम जनता को ईंधन बचाने का संदेश देना विरोधाभासी प्रतीत होता है। सांसद ने सवाल उठाया कि जब देश के शीर्ष नेता बड़े-बड़े काफिलों और कार्यक्रमों के साथ घूम रहे हैं, तब केवल जनता और विपक्ष को ही बचत का संदेश क्यों दिया जा रहा है।

“देश में बड़े संकट की आहट”

सलेमपुर सांसद ने दावा किया कि देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। रमाशंकर राजभर के मुताबिक पेट्रोल पंपों पर ईंधन और गैस एजेंसियों में सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर भी लोगों के बीच चिंता बढ़ रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बयानबाजी कर रही है। उनके अनुसार यह “आपदा में अवसर” जैसी राजनीति का नया रूप है, जहां जनता की परेशानियों से ज्यादा राजनीतिक छवि बचाने पर जोर दिया जा रहा है।

सांसद ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में संसाधनों की बचत चाहती है, तो उसे अपने नेताओं के भव्य रोड शो, चुनावी सभाओं और हेलिकॉप्टर आधारित प्रचार अभियानों पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को निशाना बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा पर लगाया “ध्यान भटकाने” का आरोप

रमाशंकर राजभर ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार जनता का ध्यान बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक दबाव जैसे मुद्दों से हटाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जब आम लोगों की जेब पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है, तब सरकार प्रतीकात्मक अपीलों के जरिए अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष इस रणनीति को समझ चुका है और समाजवादी पार्टी जनता के असली मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। सांसद के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है, क्योंकि यह बयान सीधे प्रधानमंत्री की अपील के विरोध में आया है।

सनातन विवाद पर भी दिया बयान

तमिलनाडु की राजनीति में सनातन धर्म को लेकर दिए गए विवादित बयानों पर भी सपा सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सनातन को राजनीतिक हथियार बना दिया है। उनके अनुसार जब समाज में जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तब ऐसे विवाद जन्म लेते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी दलित युवक को घोड़ी पर चढ़कर शादी करने से रोका जाता है, मंदिरों में पिछड़े समाज के लोगों को प्रवेश नहीं मिलता या दूसरे धर्मों के धार्मिक स्थलों पर उकसावे वाली गतिविधियां होती हैं, तो यह सनातन की मूल भावना नहीं हो सकती। रमाशंकर राजभर ने कहा कि सनातन पर सवाल उठने की वजह सामाजिक भेदभाव और राजनीतिक इस्तेमाल है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने सनातन को वोट बैंक की राजनीति से जोड़ दिया है, जिससे समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो रही है।

सलेमपुर सीट से दर्ज की बड़ी जीत

रमाशंकर राजभर ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सलेमपुर सीट से जीत हासिल की थी। यह सीट देवरिया और बलिया जिलों के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र मानी जाती है। लंबे समय तक कांग्रेस का प्रभाव रहने वाली इस सीट पर 2014 और 2019 में भाजपा ने जीत दर्ज की थी।

हालांकि 2024 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने यहां वापसी करते हुए भाजपा उम्मीदवार रवींद्र कुशवाहा को कड़े मुकाबले में हराया। रमाशंकर राजभर को 4 लाख से अधिक वोट मिले थे, जबकि भाजपा उम्मीदवार मामूली अंतर से पीछे रह गए थे। इस जीत के बाद पूर्वांचल की राजनीति में राजभर समुदाय की भूमिका को लेकर भी नई चर्चा शुरू हुई थी।

पूर्वांचल की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी

पूर्वांचल की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। महंगाई, ईंधन कीमतें, धार्मिक मुद्दे और राजनीतिक रैलियों पर लगातार बयान सामने आ रहे हैं। ऐसे माहौल में रमाशंकर राजभर का यह बयान राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में विपक्ष केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और बढ़ती महंगाई को बड़ा मुद्दा बना सकता है। वहीं भाजपा इसे विपक्ष की “अनावश्यक राजनीति” बताकर जवाब देने की तैयारी में है।

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