देवरिया

गैस एजेंसियों पर डीएम का सख्त एक्शन मोड, बोले- उपभोक्ताओं को समय पर मिले सिलेंडर वरना होगी कार्रवाई

देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने किया औचक निरीक्षण, पारदर्शी गैस वितरण और उपभोक्ता सुविधाओं पर दिया जोर

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने रविवार को गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। जिलाधिकारी ने भाटपाररानी स्थित भारत गैस एजेंसी तथा खुखुन्दू के एचपी गैस ग्रामीण वितरण केंद्र पहुंचकर गैस वितरण प्रणाली, अभिलेखों और उपभोक्ता सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गैस वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या उपभोक्ताओं की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी के अचानक पहुंचे निरीक्षण से एजेंसी संचालकों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से गैस आपूर्ति की प्रक्रिया, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

पारदर्शी व्यवस्था पर डीएम का विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बिना किसी परेशानी के गैस उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कई बार उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिलने, अतिरिक्त धन वसूली या वितरण में देरी जैसी शिकायतें सामने आती हैं। ऐसी शिकायतों को रोकने के लिए एजेंसियों को जवाबदेह बनाना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी एजेंसी के खिलाफ अनियमितता की शिकायत मिली तो कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

वितरण रजिस्टर और अभिलेखों की हुई जांच

डीएम ने निरीक्षण के दौरान गैस वितरण रजिस्टर, उपभोक्ता सूची, बुकिंग रिकॉर्ड और वितरण अभिलेखों की गहन जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रिकॉर्ड पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी रखा जाए ताकि किसी भी समय उसकी जांच की जा सके।

उन्होंने कहा कि गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड और सही दस्तावेजीकरण बेहद आवश्यक है। इससे न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होता है, बल्कि वितरण प्रक्रिया में होने वाली संभावित गड़बड़ियों पर भी रोक लगाई जा सकती है।

उपभोक्ताओं से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वहां मौजूद उपभोक्ताओं से सीधे बातचीत कर गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उपभोक्ताओं से पूछा कि उन्हें समय पर सिलेंडर मिल रहा है या नहीं, बुकिंग प्रक्रिया में कोई समस्या तो नहीं आती और एजेंसी कर्मचारियों का व्यवहार कैसा रहता है।

कुछ उपभोक्ताओं ने गैस वितरण में देरी और संपर्क संबंधी दिक्कतों का मुद्दा उठाया, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण हर हाल में किया जाना चाहिए।

सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने निरीक्षण के दौरान गैस एजेंसियों में सुरक्षा मानकों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस अत्यंत संवेदनशील वस्तु है, इसलिए इसके भंडारण और वितरण में सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया जाना अनिवार्य है।

उन्होंने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि सिलेंडरों के रखरखाव, गोदाम की सुरक्षा, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और कर्मचारियों की सतर्कता सुनिश्चित की जाए। डीएम ने चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सेवाओं पर फोकस

खुखुन्दू स्थित एचपी गैस ग्रामीण वितरण केंद्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीण उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैस वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाना जरूरी है ताकि दूरदराज के लोगों को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे और उपभोक्ताओं को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही गैस बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

प्रशासन की सख्ती से बढ़ी जवाबदेही

जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण को प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि ऐसे निरीक्षणों से एजेंसी संचालकों में अनुशासन बना रहता है और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलती हैं।

स्थानीय लोगों ने भी जिलाधिकारी की इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे गैस वितरण व्यवस्था में सुधार आएगा तथा उपभोक्ताओं को समय पर और पारदर्शी तरीके से सेवाएं मिल सकेंगी।

आमजन को राहत देने की कोशिश

प्रशासन का मानना है कि घरेलू गैस आज आम नागरिकों की मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है। ऐसे में गैस वितरण व्यवस्था का सुचारु और पारदर्शी होना बेहद जरूरी है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि हर उपभोक्ता को बिना किसी परेशानी के समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो और शिकायतों का समाधान तत्काल किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी की जाए और उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। प्रशासन की इस सख्ती से गैस वितरण व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

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