नया अध्याय: थलपति विजय बने मुख्यमंत्री, समर्थकों में जश्न तो सियासत में बढ़ी हलचल
बहुमत को लेकर चले सियासी संघर्ष के बाद विजय ने संभाली सत्ता की कमान
टिक्कू आपचे की रिपोर्ट
चेन्नई। आख़िरकार तमिल की राजनीति में वह ऐतिहासिक महल आ गया, जिसका लंबे समय से इंतज़ार किया जा रहा था। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार और मशहूर अभिनेता थलपति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत की है। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विजय ने तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री पद और राजनेता की शपथ ली।
शपथ ग्रहण के साथ ही पूरे तमिल में उदासी का माहौल दिखाई दिया। विजय के चिप्स ने मिठा तटरेखा पर, चिप्स की और एक-दूसरे को बड़ा वैज्ञानिक बनाया। सोशल मीडिया पर भी लगातार ट्रेंड करते रहते हैं।
इस मशीन पर फिल्म जगत की कई बड़ी रेटिंग ने उन्हें वोट दिया। अभिनेता कमल हासन, प्रकाश राज और निर्देशक एसआर मुरुगादोस समेत कई कलाकारों ने विजय को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए उनके राजनीतिक भविष्य की कामना की।
शपथ ग्रहण समारोह में रक्षाबंधन जनसैलाब
चेन्नई में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में किसी राजनीतिक कार्यक्रम से ज्यादा जनउत्सव सामने आया। सुबह से ही स्टेडियम के बाहर भव्यता की भीड़ शुरू हो गई थी। विजय के पोस्टर, बैनर और झांडों से पुराक्रांति का पता लगाया गया।
समारोह में राजनीतिक नेताओं के अलावा फिल्म इंडस्ट्री की कई मशहूर हस्तियां भी मौजूद रहीं। जैसे ही विजय ने शपथ ली, पूरा स्टेडियम तालियां और नारियों से गूंज उठाया।
विजय ने मंच से हाथ मिलाकर जनता का समर्थन किया और कहा कि यह जीत केवल उनकी नहीं बल्कि तमिल की जनता की जीत है। उन्हें पूरा भरोसा है कि उनकी सरकार जनता के बीच खारे पानी की निकासी का प्रयास करेगी।
कमल हासन और प्रकाश राज ने फोटोग्राफर खुशी बनाई
विजय के मुख्यमंत्री बने अभिनेता कमल हासन ने कहा कि राजनीति में नई सोच और नई ऊर्जा का स्वागत होना चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि राज्य को विजय की नई दिशा मिलेगी।
वहीं एक्टर प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विक्ट्री को बधाई देते हुए लिखा कि लोकतंत्र की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ विजय को चुना है, वह आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति को नई दिशा देंगे।
प्रकाश राज ने अपने संदेश में लिखा,
“मुख्यमंत्री विजय को हार्दिक बधाई। आपकी नई ज़िम्मेदारी में सफलता की शुभकामनाएँ। आशा है कि आपके नेतृत्व में तमिल और अधिक समृद्ध होंगे।”
उनका ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
बहुमत को लेकर चला था मोटर वाहन संघर्ष
विजय के मुख्यमंत्री बनने से पहले तमिल की राजनीति में कई दिन तक मोटर साइकिल बनी रही। चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बावजूद सरकार गठन की प्रक्रिया में हुई देरी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।
ऑर्थोडॉक्स और विजय प्रशांत का कहना था कि जब जनता स्पष्टता लोकतंत्र को खत्म कर देती है तो सरकार गठन में लोकतांत्रिक लोकतंत्र को खत्म कर दिया जाता है।
इसी दौरान एक्टर लाइटराज राज विक्ट्री के समर्थन में फ्रैंक सामने आए। उन्होंने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा कि विजय को बहुमत का वादा पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।
जब सरकार गठन में देरी हुई तो प्रकाश राज ने राज्यपाल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंतिम विजय मुख्यमंत्री बनने से कब तक सीखेंगे। उनके इन माइक्रोस्कोप ने टेम्प्लेट ही नहीं बल्कि पूरे देश की राजनीति में चर्चा छेड़ दी।
ताज़े में प्रमाणिक उत्साह
विजय केवल अभिनेता नहीं बल्कि तमिल में एक बड़ी जननेता के रूप में भी उभरे हैं। विशेष रूप से युवाओं और मध्यम वर्ग के बीच उनकी प्राथमिकता काफी मजबूत बनी हुई है।
मुख्यमंत्री बनने की खबर सामने आने पर ही कई समर्थक भावुक हो गए। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए जिनमें लोगों की खुशी का नजारा शामिल है।
कई स्थानों पर विजय के स्मारकों ने पवित्र पूजा की – पवित्र की। चेन्नई, मदुरै और कोयम्बटूर सहित कई शहरों में विजय के विशाल पोस्टर लगाए गए।
फेथ का कहना है कि विजय ने हमेशा आम लोगों की समस्याओं को उठाया और यही कारण है कि जनता ने उन्हें सत्ता तक पहुंचाया।
तमिल की राजनीति में सिनेमा का पुराना रिश्ता
तमिल की राजनीति में फिल्मी सितारों का प्रभाव कोई नई बात नहीं है। एमजी रामचन्द्रन, वामपंथी और करुणानिधि जैसे नेताओं ने राजनीतिक ताकत में बदलाव को लेकर सिनेमा की प्राथमिकता बताई।
अब थलपति विजय उसी परंपरा की नई झलकियां सामने आ गई हैं। हालाँकि राजनीतिक सिद्धांतों का मानना है कि विजय की राजनीति केवल स्टारडम तक सीमित नहीं है।
उन्होंने युवाओं, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक विद्यार्थियों को केंद्र में अपनी अलग पहचान बनाई। यही कारण है कि पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा में ही उन्हें भारी जनसमर्थन मिला।
कलाकार की नजर अब विजय सरकार पर
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय के सामने प्रतिपक्षी भी कम नहीं हैं। बेरोजगारी, उद्योग, निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी कंपनियों पर उनकी सरकार की परीक्षा होगी।
कैथोलिक दल अब विजय सरकार की कार्यशैली पर नजर बनाए हुए हैं। राजनीतिक सिद्धांतों का कहना है कि जनता ने विजय हासिल की है, सत्ता के साथ-साथ विशिष्टताएं भी बड़ी हैं।
यदि विजय संस्थान स्तर पर मजबूत जजमेंट लिया जाता है तो वह तमिल की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव छोड़ सकते हैं।
सोशल मीडिया पर छाए विजय
विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई। एक्स, फेसबुक और जनरल पर “सीएम विजय” लगातार चलन में है।
फिल्म उद्योग से जुड़े कलाकारों, निर्देशकों और सहयोगियों ने भी निर्णायक निर्णय पर विजय प्राप्त की। फ़ाक ने विजय भाषण और शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें साझा कीं।
जनता की आशाओं का केंद्र बने विजय
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने अपनी पहली तस्वीर में कहा कि उनकी सरकार जनता की सरकार होगी। उन्हें विश्वास है कि गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और युवा उनकी सरकार की जिम्मेदारी होंगे।
उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए सत्ता नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है। विजय ने यह भी कहा कि वह तमिल को विकसित करने और नए रास्ते पर ले जाने का प्रयास करेंगे।
तेरहवीं में तेरहवीं सदी का जश्न मनाया जाता है। समर्थक इसे बदलाव की शुरुआत बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक रुख इसे दक्षिण भारतीय राजनीति में नए दौर की शुरुआत मान रहे हैं। आने वाला समय तय करना चाहता है कि विजय केवल लोकप्रिय चेहरे वाले दावेदार या टेम्पलेट की राजनीति में प्रतिष्ठित बदलाव का बड़ा नाम भी तय करें।









